दिल्ली-सहारनपुर हाईवे: पहले कोरोना और अब बरसात ने धीमी की निर्माण की चाल
- दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का निर्माण 23 मई तक होना था पूरा निर्माण
- कोरोना संक्रमण के कारण निर्माण रूक जाने से बढ़ गई मुश्किल
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दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का निर्माण 155.125 किमी होगा। अनुमानित लागत 1505.72 करोड़ हैं। पहले चरण में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के मवी कलां कट से शामली बाईपास तक 61.409 किमी का निर्माण चल रहा है। पहले चरण के 61.409 किमी के हिस्से की अनुमानित लागत 726.33 करोड़ हैं।
निर्माण कार्य 23 मई 2020 तक पूरा होना था। लेकिन लॉकडाउन में कार्य थम गया। इसलिए निर्माण की अवधि छह माह के लिए बढ़ाई गई थी। कृष्णा कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट मैनेजर डीएन सिंह ने बताया कि निर्माण पूरा करने की अवधि नवंबर तक है। लेकिन दो माह में ही पूरा कार्य करने का प्रयास होगा।
यहां अधूरा पड़ा निर्माण
बड़ौत में तीन किलोमीटर, बावली में 200 मीटर व किशनपुर बिराल गांव में लगभग डेढ़ सौ मीटर का काम अभी अधूरा है। जिवाना गांव के पास टोल प्लाजा बन रहा है।
यहां बनेंगे टोल प्लाजा
दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर तीन टोल प्लाजा बनेंगे। इनमें एक मंडोला, दूसरा बागपत के जिवाना व तीसरा शामली के जलालाबाद में बनेगा।
बागपत-मेरठ हाईवे का हाल
सोनीपत-गढ़ हाईवे का जिले के हिस्से में निर्माण तो शुरू हुआ, लेकिन पहले कोरोना संक्रमण और अब बरसात से मुश्किलें खड़ी हो गई है। छह महीने से निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन कार्य ने अब तक गति नहीं पकड़ी है। जिस कारण क्षेत्र के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बालैनी से बागपत के बीच करीब 25 किमी के टुकड़े के पहले निर्माण शुरू किया गया। पुरानी सड़क को उखाड़ दिया गया, लेकिन अभी कार्य समतलीकरण और पुलिया निर्माण से आगे नहीं बढ़ा है।
इस तरह बनेगा यह मार्ग
राष्ट्रीय राजमार्ग 334बी के 43.78 किमी के टुकड़े का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने किया था। मार्ग की लागत 371.37 करोड़ है। इस पर 11 पुल, छह पुलिया और एक टोल प्लाजा भी बनाया जाएगा। पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलावा पूरे हरियाणा को भी लाभ होगा।