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दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल की हत्या पर गम और गुस्सा, पीछे रह गए ये बड़े सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:55 PM IST
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मेरठ न्यूज
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दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल सरबजीत सिंह की हत्या को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को गमगीन माहौल में सरबजीत के शव का अंतिम संस्कार खरखाली गंगा घाट पर किया गया। दिल्ली पुलिस भी गांव में पहुंची। परिजनों में कोहराम मचा है। नेता, रिश्तेदार और ग्रामीण पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे थे।
परीक्षितगढ के ग्राम आलमगीरपुर बढ़ला-8 निवासी सेना से रिटायर्ड सूबेदार हरजीत सिंह के इकलौते बेटे सरबजीत सिंह की रविवार दिनदहाड़े खरखौदा क्षेत्र में बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सरबजीत दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे।
पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर रात सरबजीत का शव गांव में पहुंचा। सोमवार सुबह थाना सुल्तानपुरी दिल्ली के एसएचओ अनिल यादव के साथ आधा दर्जन पुलिसकर्मी सरबजीत के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। खरखाली गंगा घाट पर तीन साल के बेटे तरुणजोत ने मुखाग्नि दी तो सभी की आंखें नम हो गईं।
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दिल्ली पुलिस के जवान की हत्या की घटना के बाद से गांव व क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। सरबजीत सिंह का शव गांव पहुंचने पर गांव में चूल्हे तक नहीं जले। सरबजीत की पत्नी संगीता शव से लिपटकर विलाप कर रही थी। सरबजीत सिंह की सात साल की बेटी सुखमनी कौर, पांच साल बेटी जतिंद्र कौर और तीन साल के बेटे तरुणजोत सिंह का भी रो-रोकर बुरा हाल था। इन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया।
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परीक्षितगढ के ग्राम आलमगीरपुर बढ़ला-8 निवासी सेना से रिटायर्ड सूबेदार हरजीत सिंह के इकलौते बेटे सरबजीत सिंह की रविवार दिनदहाड़े खरखौदा क्षेत्र में बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सरबजीत दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे।
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पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर रात सरबजीत का शव गांव में पहुंचा। सोमवार सुबह थाना सुल्तानपुरी दिल्ली के एसएचओ अनिल यादव के साथ आधा दर्जन पुलिसकर्मी सरबजीत के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। खरखाली गंगा घाट पर तीन साल के बेटे तरुणजोत ने मुखाग्नि दी तो सभी की आंखें नम हो गईं।
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दिल्ली पुलिस के जवान की हत्या की घटना के बाद से गांव व क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। सरबजीत सिंह का शव गांव पहुंचने पर गांव में चूल्हे तक नहीं जले। सरबजीत की पत्नी संगीता शव से लिपटकर विलाप कर रही थी। सरबजीत सिंह की सात साल की बेटी सुखमनी कौर, पांच साल बेटी जतिंद्र कौर और तीन साल के बेटे तरुणजोत सिंह का भी रो-रोकर बुरा हाल था। इन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया।
पत्नी और बच्चों को बिलखता देख वहां मौजूद लोगों की आंखों में आंसू भर आए। ग्रामीणों में बदमाशों के प्रति भारी गुस्सा भरा है। ग्रामीणों का कहना है कि होनहार सरबजीत सिंह ने बदमाशों का क्या बिगाड़ा था। पुलिस को जल्द से जल्द बदमाशों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल सरबजीत सिंह हत्याकांड में पुलिस रोडरेज और रंजिश के बिंदुओं पर फोकस कर जांच कर रही है। खास जोर इस प्वाइंट पर है कि कहीं हत्या को सुनियोजित तरीके से तो अंजाम नहीं दिया गया।
लूट के प्रयास का बिंदु भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। सोमवार को मेरठ और दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल पर संयुक्त रूप से जांच पड़ताल की। एसटीएफ को भी लगाया गया है। आधा दर्जन से ज्यादा स्थानीय बदमाशों से पूछताछ चल रही है। सर्विलांस टीम भी सक्रिय है। कई नंबरों की जांच चल रही है। हालांकि पुलिस के हाथ अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
सोमवार को एसपी देहात राजेश कुमार सिंह, सीओ किठौर चक्रपाणि त्रिपाठी, एसटीएफ व क्राइम ब्रांच की टीम पहले कबट्टा गांव और फिर घटना स्थल पर पहुंची। फिर से पूरी घटना की जानकारी की।
थाना सुल्तानपुरी दिल्ली के इंस्पेक्टर व अन्य कई पुलिस कर्मी भी घटना स्थान पर पहुंचे तथा मामले में अपनी तरफ से जांच की। रविवार रात से पुलिस ने आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा लुटेरों को हिरासत में ले रखा है। पुलिस छोटे से छोटे पहलू पर भी गहराई से जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल सरबजीत सिंह हत्याकांड में पुलिस रोडरेज और रंजिश के बिंदुओं पर फोकस कर जांच कर रही है। खास जोर इस प्वाइंट पर है कि कहीं हत्या को सुनियोजित तरीके से तो अंजाम नहीं दिया गया।
लूट के प्रयास का बिंदु भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। सोमवार को मेरठ और दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल पर संयुक्त रूप से जांच पड़ताल की। एसटीएफ को भी लगाया गया है। आधा दर्जन से ज्यादा स्थानीय बदमाशों से पूछताछ चल रही है। सर्विलांस टीम भी सक्रिय है। कई नंबरों की जांच चल रही है। हालांकि पुलिस के हाथ अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
सोमवार को एसपी देहात राजेश कुमार सिंह, सीओ किठौर चक्रपाणि त्रिपाठी, एसटीएफ व क्राइम ब्रांच की टीम पहले कबट्टा गांव और फिर घटना स्थल पर पहुंची। फिर से पूरी घटना की जानकारी की।
थाना सुल्तानपुरी दिल्ली के इंस्पेक्टर व अन्य कई पुलिस कर्मी भी घटना स्थान पर पहुंचे तथा मामले में अपनी तरफ से जांच की। रविवार रात से पुलिस ने आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा लुटेरों को हिरासत में ले रखा है। पुलिस छोटे से छोटे पहलू पर भी गहराई से जांच कर रही है।
मेरठ न्यूज
- फोटो : अमर उजाला
पार्टीबाजी का गांव
कबट्टा गांव पिछले तीन वर्षों से पार्टीबाजी का गांव रहा है। कबट्टा में हुई पार्टीबाजी में सरबजीत के गांव बढ़ला के तार भी जुडे़ हैं। कहीं सरबजीत भी तो इसी रंजिश का शिकार नहीं हुआ है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि किसी की सरबजीत या उससे जुड़े किसी पक्ष से अदावत तो नहीं चल रही। पुलिस गांव कबट्टा और सरबजीत के मूल गांव आलमगीरपुर बढ़ला के पुराने विवादों को भी खंगाल रही है। देखा जा रहा है कि कहीं इस हत्या का दिल्ली से तो कोई कनेक्शन नहीं है।
ओवरटेक का विवाद
पुलिस मौके पर मिले बाइक गिरने के निशान के आधार पर मानकर चल रही है कि यदि बाइक सवार बदमाशों ने सरबजीत की कार को ओवरटेक कर निकलने का प्रयास किया होगा तो कार से बाइक टकरा गयी हो। इसके बाद सरबजीत के कार न रोकने पर युवकों ने गोली चला दी हो।
लूट की नीयत से पीछा
हाल ही में बदमाशों ने लूट के प्रयास में बाइक सवार दंपति सहित तीन लोगों पर हमला बोला था। विरोध करने पर दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस मानकर चल रही हे कि कहीं लूट के प्रयास में बाइक सवार बदमाशों ने सरबजीत को रोकने का प्रयास किया हो। सरबजीत ने विरोध किया हो तो बदमाशों ने गोली मार दी हो। शोर मचने पर बदमाश लूट की घटना को अंजाम दिए बिना फरार हो गए हों।
खुलासे पर उठे थे सवाल
खरखौदा के खासपुर के जंगल में दो माह पूर्व दंपति वीर सिंह पहलवान और कैलाशी की हत्या हुई थी। पुलिस लूट के विरोध में हत्या होना मानने को तैयार नहीं थी। जबकि पीड़ित परिवार लूट के विरोध में दंपति की हत्या होना बता रहा था। एक सप्ताह बाद पुलिस की जांच झूठी निकली थी और पुलिस ने भावनपुर में हुई मुठभेड़ में घायल एक लुटेरे पर गुपचुप घटना खोल दी थी। जिस पर सवाल उठे थे। पुलिस सरबजीत हत्याकांड में लोकल बदमाशों का हाथ मानकर चल रही है।
एक और युवक की मौत
सोमवार को सरबजीत के दूर के रिश्तेदार की मवाना में हादसे में मौत हो गई। सुबह सरबजीत के शव का अंतिम संस्कार हुआ तो शाम को युवक का। गांव में दो युवाओं की मौत होने पर मातम छाया हुआ है।
सरबजीत हत्याकांड वर्कआउट करने में समय लग सकता है। लेकिन हत्यारोपी सही पकड़े जाएंगे। बदमाशों ने वारदात की है, इसका खुलासा जल्द होगा। - अखिलेश कुमार, एसएसपी
कबट्टा गांव पिछले तीन वर्षों से पार्टीबाजी का गांव रहा है। कबट्टा में हुई पार्टीबाजी में सरबजीत के गांव बढ़ला के तार भी जुडे़ हैं। कहीं सरबजीत भी तो इसी रंजिश का शिकार नहीं हुआ है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि किसी की सरबजीत या उससे जुड़े किसी पक्ष से अदावत तो नहीं चल रही। पुलिस गांव कबट्टा और सरबजीत के मूल गांव आलमगीरपुर बढ़ला के पुराने विवादों को भी खंगाल रही है। देखा जा रहा है कि कहीं इस हत्या का दिल्ली से तो कोई कनेक्शन नहीं है।
ओवरटेक का विवाद
पुलिस मौके पर मिले बाइक गिरने के निशान के आधार पर मानकर चल रही है कि यदि बाइक सवार बदमाशों ने सरबजीत की कार को ओवरटेक कर निकलने का प्रयास किया होगा तो कार से बाइक टकरा गयी हो। इसके बाद सरबजीत के कार न रोकने पर युवकों ने गोली चला दी हो।
लूट की नीयत से पीछा
हाल ही में बदमाशों ने लूट के प्रयास में बाइक सवार दंपति सहित तीन लोगों पर हमला बोला था। विरोध करने पर दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस मानकर चल रही हे कि कहीं लूट के प्रयास में बाइक सवार बदमाशों ने सरबजीत को रोकने का प्रयास किया हो। सरबजीत ने विरोध किया हो तो बदमाशों ने गोली मार दी हो। शोर मचने पर बदमाश लूट की घटना को अंजाम दिए बिना फरार हो गए हों।
खुलासे पर उठे थे सवाल
खरखौदा के खासपुर के जंगल में दो माह पूर्व दंपति वीर सिंह पहलवान और कैलाशी की हत्या हुई थी। पुलिस लूट के विरोध में हत्या होना मानने को तैयार नहीं थी। जबकि पीड़ित परिवार लूट के विरोध में दंपति की हत्या होना बता रहा था। एक सप्ताह बाद पुलिस की जांच झूठी निकली थी और पुलिस ने भावनपुर में हुई मुठभेड़ में घायल एक लुटेरे पर गुपचुप घटना खोल दी थी। जिस पर सवाल उठे थे। पुलिस सरबजीत हत्याकांड में लोकल बदमाशों का हाथ मानकर चल रही है।
एक और युवक की मौत
सोमवार को सरबजीत के दूर के रिश्तेदार की मवाना में हादसे में मौत हो गई। सुबह सरबजीत के शव का अंतिम संस्कार हुआ तो शाम को युवक का। गांव में दो युवाओं की मौत होने पर मातम छाया हुआ है।
सरबजीत हत्याकांड वर्कआउट करने में समय लग सकता है। लेकिन हत्यारोपी सही पकड़े जाएंगे। बदमाशों ने वारदात की है, इसका खुलासा जल्द होगा। - अखिलेश कुमार, एसएसपी
नलकूप पर मिला सामान संदेहास्पद
सरबजीत के मामा के गांव कबट्टा में रविवार को श्री गुरुग्रंथ साहिब का स्थापना कार्यक्रम था। दोपहर को कार्यक्रम से परिवार सहित अपने गांव लौटते समय सबरजीत की हत्या कबट्टा-बवनपुरा संपर्क मार्ग पर हुई थी। उसी रास्ते पर घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर पहले गांव कबट्टा निवासी एक किसान के नलकूप पर ऐसा सामान मिला है, जो केस में अहम साबित हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार यहां से कार्यक्रम में लंगर में मिलने वाले खाने की प्रयोग की गयी पांच प्लेटें मिली हैं। जबकि पूरे गांव ने लंगर में ही भोजन किया था। यदि कोई भोजन लाता भी है तो वह नलकूप रास्ते से करीब 500 मीटर अंदर जंगल में है। वह रास्ते के किनारे किसी दूसरे नलकूप पर भी भोजन कर सकते थे। सर्विलांस टीम ने इस नलकूप के आसपास के मोबाइल टावर का बीटीएस लिया है। इस प्वाइंट पर भी जांच चल रही है कि कहीं हत्यारों को सरबजीत का इंतजार तो नहीं था।
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सरबजीत के मामा के गांव कबट्टा में रविवार को श्री गुरुग्रंथ साहिब का स्थापना कार्यक्रम था। दोपहर को कार्यक्रम से परिवार सहित अपने गांव लौटते समय सबरजीत की हत्या कबट्टा-बवनपुरा संपर्क मार्ग पर हुई थी। उसी रास्ते पर घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर पहले गांव कबट्टा निवासी एक किसान के नलकूप पर ऐसा सामान मिला है, जो केस में अहम साबित हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार यहां से कार्यक्रम में लंगर में मिलने वाले खाने की प्रयोग की गयी पांच प्लेटें मिली हैं। जबकि पूरे गांव ने लंगर में ही भोजन किया था। यदि कोई भोजन लाता भी है तो वह नलकूप रास्ते से करीब 500 मीटर अंदर जंगल में है। वह रास्ते के किनारे किसी दूसरे नलकूप पर भी भोजन कर सकते थे। सर्विलांस टीम ने इस नलकूप के आसपास के मोबाइल टावर का बीटीएस लिया है। इस प्वाइंट पर भी जांच चल रही है कि कहीं हत्यारों को सरबजीत का इंतजार तो नहीं था।
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