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एक लाख टन सीमेंट और 25 हजार टन स्टील से बनेगा एक्सप्रेस वे, यह रहेगी इसकी खासियत

Fri, 13 Jul 2018 06:22 PM IST
अमित मुदगल, अमर उजाला, मेरठ
अमित मुदगल, अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 13 Jul 2018 06:22 PM IST
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Delhi Meerut expressway will be made of one lakh tonne cement, it will be its specialty
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे में डासना से मेरठ के बीच ही काफी खर्च होगा। इस हाइवे को इतना मजबूत बनाया जाएगा कि इसी हिस्से में लगभग एक लाख टन सीमेंट और 25 हजार टन स्टील का प्रयोग होगा। एनएचएआई की तकनीकी टीम ने पूरा प्रोजेक्ट तैयार कर इस पर मंथन किया। साथ ही इसके लिए साइट ऑफिस पर भी तैयारी शुरू कर दी है ताकि सारे मैटीरियल को स्टोर किया जा सके।

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दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस पर मेरठ में तेजी से काम शुरू हो चुका है। खास तौर पर डासना से मेरठ का यह अंतिम चरण है तो इस एक्सप्रेस को संपूर्ण करेगा। अंतिम चरण होने के कारण तथा सरकार के गंभीर होने के कारण इस पर तेजी से काम शुरू किया गया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण मार्च 2019 तक पूरा करो। सरकार की मंशा है कि इस पर इस कदर काम हो जाना चाहिए ताकि सरकार अगले साल चुनावी साल में पहुंचे तो यह एक्सप्रेस वे उसके विकास कार्यों की सूची में शुमार हो। ऊपर से स्थानीय सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने इस बाबत तगड़ी पैरवी की और इस काम में और ज्यादा तेजी आई है।
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ले आउट पर लगातार हो रहा काम
यह एक्सप्रेस वे छह लेन होगा। प्लान में इसी औसत ऊंचाई सात से आठ मीटर तय की गई है पर अब इसे कम करने की तैयारी शुरू हो गई है। दरअसल इस एक्सप्रेस के ले आउट में लगातार सुधार किया जा रहा है। चूंकि काम समय से करना है तो कुछ चीजाें में परिवर्जन लाजिमी है। ऐसे में इसकी ऊंचाई तीन से चार मीटर ही करने का प्लान बन रहा है। इसके अलावा परतापुर में प्रस्तावित इंटरचेंज में भी बदलाव किया जा रहा है। अब इस पर एक नया लिंक दिया जाएगा जो शहर से एनएच-58 बाईपास की तरफ मोड़ा जाएगा।

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मिट्टी हीं नहीं, सीमेंट और सरिया का बड़ा इस्तेमाल

Delhi Meerut expressway will be made of one lakh tonne cement, it will be its specialty
फाइल फोटो

इस एक्सप्रेस वे के लिए तीस प्रतिशत एनटीपीसी की फ्लाई ऐश तथा लगभग 35 प्रतिशत मिट्टी स्थानीय होगी। इसके अलावा बाकी 35 प्रतिशत मिट्टी बागपत और अन्य स्थानों से लाई जाएगी। यह सारा प्रयोग इसकी मजबूती के लिए हो रहा है। डासना से दिल्ली के बीच लगभग इस 32 किमी की दूरी में ही तीन लाख टन सीमेंट का प्रयोग होगा। इस एक्सप्रेस वे पर एक लाख टन सीमेंट का प्रयोग होगा। इसके अलावा 25 हजार टन स्टील लगाई जाएगी

गायब जमीन के लिए सभी गांवों का सर्वे
एक्सप्रेस वे पर परतापुर, कांशी और अच्छरौड़ा में 12 खसरा नंबर ऐसे मिले हैं जो इस एलाइनमेंट में बाहर है। इनका अधिग्रहण हो चुका है लेकिन वह मौके पर नहीं है। केवल तीन-तीन स्थानों पर ही नहीं बल्कि एनएचएआई की टीम अब पूरे मार्ग पर दोबारा से सर्वे कर रही है। सभी 13 गांवों में सर्वे होगा। जो-जो खसरा नंबर पूरे ट्रैक पर ऐसे आ रहे हैं, जिनका अधिग्रहण जरूरी है, उनकी लिस्ट बनकर एक साथ ही एडीएम एलए कार्यालय को सौंपी जाएगी। कवायद यह है कि बार बार यह समस्या न हो और काम बार बार न रुके।

यह रहेगी इसकी खासियत
-  मेरठ में परतापुर तथा मोहिउ्ददीनपुर के बीच से घूमेगा एक्सप्रेस वे
-  हापुड़ रोड पर सांकरपुर जाकर मिलेगा
-  एक लेन सांकरपुर हापुड़ रोड तो दूसरी दिल्ली रोड की तरफ जाएगी
- निजामुद्दीन से लेकर यूपी गेट तक एनएच-24 को 14 लेन किया जा चुका है। इसका प्रधानमंत्री शुभारंभ कर चुके हैं। इसके लिए छह लेन मेरठ की तरफ जाने वालों के लिए सेपरेटर लगाकर अलग कर दिया जाएगा।
- यूपी गेट से डासना तक आठ लेन
- डासना से परतापुर बाईपास तक छह लेन
- डासना से हापुड़ छह लेन
- इस एक्सप्रेसवे को स्मार्ट एक्सप्रेसवे कहा जा रहा है।
- सात हजार करोड़ से ज्यादा लागत का यह एक्सप्रेसवे 6 लेन बनेगा। एक्सप्रेसवे इंटेलीजेंट हाइवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और विडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम से लैस होगा।
- इस एक्सप्रेसवे पर लाइटिंग की पूरी सुविधा दी जाएगी। कवायद यह रहेगी कि इस पर भी सोलर पैनल लगाए जाएं। यही नहीं इसका दृश्य भी बेहद सुंदर होगा। क्योंकि इस एक्सप्रेसवे के बीच में आ रहे पेड़ों को शिफ्ट किया जाएगा। डिवाइडर पर आ रहे पेड़ो को वहां से न हटाने का प्लान है।
- इस मार्ग पर पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया, होटल, रेस्तरां, दुकानों और रिपेयर सर्विसेज की सुविधा होगी।

Delhi Meerut expressway will be made of one lakh tonne cement, it will be its specialty
फाइल फोटो

बॉक्स कल्वर्ट-3,  सलोना और काशी में
हल्के वाहन अंडर पास- 4 जिसमें से एक काशी, दो अच्छरौंडा, एक परतापुर
अन्य अंडर पास - 2, एक सलोना, एक परतापुर
रेलवे ओवर ब्रिज- एक मोहिउद्दीनपुर
इंटरचेंज फ्लाई ओवर- एक परतापुर में
माइनर ब्रिज- एक परतापुर में
टोल प्लाजा- एक कांशी अच्छरौड़ा
यह लगेगा
सीमेंट - एक लाख टन
स्टील - 25 हजार टन
अर्थवर्क यानी मिट्टी आदि - एक करोड़ क्यूबिक मीटर इसमें से तीस लाख क्यूबिक मीटर फ्लाई ऐश
कंकरीट गिट्टी- 15 लाख टन
सेंड- तीन लाख टन
ग्रेन्युअल सबबेस्ड जीएसबी- 6.5 लाख टन
बिटूमिन यानी डाम- 20 हजार टन

तैयारी पूरी
हमने तैयारी पूरी कर ली है। पूरा प्लान तैयार है। सीमेंट, स्टील आदि सभी एडवांस में ही रखा जा रहा है। तेजी से काम होगा और निर्धारित समयावधि में हम इसे पूरा कर लेंगे। -अरविंद कुमार मैनेजर तकनीक एनएचएआई

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