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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : 20 लाख क्यूबिक मिट्टी भराव करना बना चुनौती
Thu, 25 Jun 2020 02:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 25 Jun 2020 02:13 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के चौथे चरण का कार्य कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा के लिए परेशानी भरा रहा है। मौसम की मार से पहले ही कार्य में लेटलतीफी हो गई। इसके बाद ढाई महीने तक कोरोना के कारण कार्य बंद होने से लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
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अब एक बार फिर मानसून की आहट से डासना से मेरठ तक 20 लाख क्यूबिक मिट्टी का भराव करना चुनौती होगा। बुधवार से मानसून ने दस्तक दे दी है। बारिश के कारण सबसे अधिक मिट्टी भराव का कार्य बाधित होगा।
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डासना से मेरठ (34 किमी) के इस चरण में 80 से अधिक स्ट्रक्चर का निर्माण किया जाना है। इसमें 70 से अधिक स्ट्रक्चर का निर्माण पूरा हो चुका है लेकिन कुछ स्थानों पर अभी मिट्टी की लेवलिंग का कार्य पूरा नहीं हो सका है। जिस कारण इस कार्य में भी बाधा आएगी।
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इससे मिट्टी का कार्य बरसात में पूरी तरह बंद करना होगा। इसके चलते जीआर इंफ्रा एक्सप्रेसवे के स्ट्रक्चर को पूरा करने को लेकर अधिक जोर दे रहा है। जिससे बरसात में अन्य कार्य प्रभावित न हो सकें।
एक करोड़ 20 लाख क्यूबिक मिट्टी का भराव
अभी तक डासना से मेरठ तक एक करोड़ 20 लाख क्यूबिक मिट्टी का भराव का कार्य किया जा चुका है। रोजाना दो से ढाई हजार डंपर मिट्टी भराव का कार्य एक्सप्रेसवे पर कर रहे हैं। अभी लगभग 20 लाख क्यूबिक मिट्टी भराव का कार्य शेष बचा है।
अब होने लगीं हाइटेंशन लाइनें शिफ्ट
दिल्ली से मेरठ रैपिड रेल निर्माण के दूसरे चरण के लिए पेड़ कटान के साथ हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू हो गया है। दुहाई से शताब्दीनगर सेक्शन में मोहिउद्दीनपुर से लेकर परतापुर तक हाईटेंशन लाइन शिफ्ट की जा रही है। वहीं, सड़क चौड़ीकरण के बीच आ रहे नाले को आधा बंद कर दिया गया है।
केबिन बनाने का काम शुरू
एनसीआरटीसी ने शताब्दीनगर में बनाए जाने वाले कास्टिंग यार्ड में इंजीनियरों के बैठने के लिए केबिन बनाने शुरू कर दिए हैं। वहीं यार्ड में पिलर बनाने के लिए सरियों की भारी खेप भी आनी शुरू हो गई है। पिलर बनाने में कई अत्याधुनिक मशीनरी का प्रयोग किया जाएगा, जो आनी शुरू हो गई हैं।
वहीं, कास्टिंग यार्ड की सुरक्षा के लिए बडे़ लोहे के एंगल के पिलर लगाने के कार्य के साथ-साथ टीन की चादरें लगाकर घेराबंदी करनी शुरू कर दी है। इसके अलावा डीएन पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास बने नाले की दोनों साइडों को आधा बंद कर दिया है। जिसके ऊपर तीन दिन बाद नाले के दोनों ओर खुदाई करके लिंटर डालने के बाद सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जाएगा।