किसान क्रांति यात्रा से दिल्ली-देहरादून हाईवे जाम, व्यवस्था सुधारने में छूटे अफसरों के पसीने
किसान क्रांति पदयात्रा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर यातायात व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम किए थे, लेकिन हजारों किसानों ने जैसे ही खतौली से मेरठ की सीमा में प्रवेश किया तो हाईवे पर जाम लगता चला गया। ट्रैफिक पुलिस ने आठ किमी तक वनवे व्यवस्था की थी।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में 23 सितंबर से हरिद्वार से किसान क्रांति पदयात्रा एनएच-58 पर चल रही है। शुक्रवार को पदयात्रा ने खतौली की सीमा से मेरठ की सीमा में प्रवेश किया तो पुलिस अफसरों ने हाईवे वनवे करा दिया। वहीं सड़क के दूसरी तरफ वाहनों का आवागमन था। यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी, एसपी सिटी रणविजय सिंह, सीओ पंकज सिंह, सीओ यूएन मिश्र, टीआई सुनील कुमार, टीएसआई नदीम खान समेत ट्रैफिक पुलिस भी लगाई गई थी। पदयात्रा में हजारों की संख्या में भाकियू कार्यकर्ता, किसान, और सैकड़ों ट्रैक्टर ट्राली भी शामिल हैं।
दोपहर से हाईवे पर जाम लगना शुरू हो गया। शाम को जैसे ही किसान क्रांति पदयात्रा सिवाया टोल प्लाजा पर पहुंची तो वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई। टोल प्लाजा से मोदीपुरम और मोदीपुरम से दौराला की तरफ हाईवे पर करीब पांच-छह किमी लंबा जाम लग गया।
अभी तीन दिन हाईवे पर जाम की समस्या
29 सितंबर की सुबह किसान क्रांति पदयात्रा सिवाया टोल प्लाजा से दिल्ली की तरफ बढ़ेगी। शनिवार शाम को परतापुर के पास रात में पड़ाव करेगी। आज भी हाईवे पर मेरठ की सीमा में जाम की समस्या रहेगी। वहीं 30 सितंबर को यह पद यात्रा गाजियाबाद की सीमा में प्रवेश करेगी। इसके बाद गाजियाबाद में जाम की समस्या बढ़ेगी। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि हाईवे पर अभी तीन दिन और परेशानी रहेगी। जगह-जगह भाकियू कार्यकर्ताओं ने भी जाम खुलवाया।
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