Deepawali 2023: बाजार गुलजार, रौशन हुए घर-द्वार, सेहत का रखें ध्यान, उमंग से मनाएं त्योहार
दीपावली पर शहर का हर घर, बाजार और प्रतिष्ठान रोशनी से जगमगा उठे। शनिवार को नरक चतुर्दशी पर लोगों ने घरों और प्रतिष्ठानों पर दीपमालाएं सजाईं। कपड़े, गहने, इलेक्टि्रानिक्स, इलेक्टि्रक आदि की दुकानों पर मेले जैसा माहौल रहा। सुबह से शाम तक बाजारों में खरीदारी की गई। घरों में दीप जलाए गए। आज दीपात्सव मनाया जा रहा है।
त्योहारों की खुशियों में सेहत को न भूल जाएं। एहतियात बहुत जरूरी है। दरअसल, खाद्य पदार्थों में मिलावट के साथ-साथ स्मॉग भी हमला कर रहा है। दिवाली पर अगर पटाखे चले तो प्रदूषण फैलेगा (हालांकि पटाखों पर पाबंदी है)। इस तरह सेहत पर तिहरा प्रहार होगा।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम मिलावट करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। यह त्योहारी सीजन में हर साल की कार्रवाई है, लेकिन यह नाकाफी है। मिलावटखोर बाज नहीं आते हैं। नतीजतन, सेहत को नुकसान पहुंचने में कोई कसर नहीं रह जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि कि मिलावटी मिठाई या खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
रंग बिरंगी मिठाइयों से रहें दूर
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही का कहना है कि त्योहारों के मौके पर खोया और रंग बिरंगी मिठाइयों के सेवन से दूर रहना चाहिए। सिंथेटिक खोया, केमिकल रंग से बने मिठाइयों के सेवन से आंत्रशोध, अल्सर, त्वचा रोग बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। मिलावटी खाद्य सामग्री किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचाती है।
हो सकती है गंभीर बीमारियां
फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के कारण आपकी सेहत दांव पर लग सकती है। लगातार सेवन से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी घेर सकती है। यूरिया मिलाकर और प्रतिबंधित इंजेक्शन लगाकर निकाले गए दूध के सेवन हार्मोनल समस्या हो सकती है।
आंतों को पहुंचाते हैं नुकसान
फिजिशियन डॉ. विश्वजीत बैंबी का कहना है कि मिलावटी घी और तेल आदि हमारी आंतों को नुकसान पहुंचाते हैं। केमिकल की मिलावट से लिवर को भी नुकसान होता है। ज्यादा समय तक उपयोग के कारण समय से पहले मधुमेह सहित अन्य रोग भी हो सकते हैं।
पटाखों से निकली गैस हानिकारक
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वीरोत्तम तोमर ने बताया कि पटाखों से निकलने वाली विषैली गैसेज सामान्य व्यक्ति के लिए हानिकारक व मरीजों के लिए घातक है। पटाखे अस्थमा, सीओपीडी, एलर्जी और पोस्ट कोविड-19 मरीजों के लिए बहुत घातक हैं। श्वास नलियों में इन हानिकारक गैसों के अंदर जाने से म्यूकोषा में सूजन आ जाती है। आंखों की बीमारियां हो जाती हैं। त्वचा रोग हो सकते हैं।
मेडिकल और जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अलर्ट
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अलर्ट किया या है। चिकित्सकों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी लगाई गई है। आग से झुलसे या सांस के मरीजों के लिए इलाज के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सीय टीम और सतर्क रहने और हर समय उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं।