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सपा सरकार ने खोला था इंटर कॉलेज, छात्राओं के लिए आज तक नहीं आया फर्नीचर, स्कूल की हालत भी खराब
Tue, 19 Jan 2021 11:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2021 11:12 AM IST
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जमीन पर बैठकर पढ़ाई करतीं छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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सपा सरकार में हापुड़ रोड स्थित पुराने कमेले की जगह बनाए गए राजकीय कन्या इंटर कॉलेज को क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा के लिए बड़ा कदम माना गया था। तीन मई, 2016 को इसका पहला शैक्षिक सत्र शुरू हुआ था। वर्तमान में कॉलेज में कक्षा छह से 12वीं तक की कक्षा में 1,635 छात्राएं पढ़ रही हैं। दूसरी तरफ पांच साल बाद भी कॉलेज को फर्नीचर नहीं मिल पाया है। कड़ाके की ठंड में भी छात्राएं टाट पर बैठकर पढ़ाने के लिए मजबूर हैं।
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छात्राओं ने बताया कि टाट पर बैठने के लिए जूते कक्षा के बाहर निकालने पढ़ते हैं। बिना जूतों के फर्श पर बैठने से ठंड लगती है। यही नहीं, कॉलेज के कमरों की खिड़कियों के शीशे भी टूटे हुए हैं। सर्दी रोकने के लिए खिड़कियों पर कट्टे और गत्ता लगाकर काम चलाया जा रहा है। कॉलेज खत्म होने के बाद आसपास के लड़के परिसर में क्रिकेट खेलते हैं और इसके चलते खिड़कियों के शीशे टूट गए हैं।
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कमरे कम, साइंस लैब में चल रही क्लास
कोरोना काल में 9 से कक्षा 12 तक की छात्राओं को सशर्त कॉलेज आने की अनुमति है। कॉलेज में 9 से 12 तक 1050 पंजीकरण हैं। इनकी कुल 12 कक्षाएं चल रही हैं। कमरों की कमी के कारण साइंस लैब में क्लास चलाई जा रही है। हालांकि कॉलेज के बाहरी हिस्से में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा 10 कमरों का निर्माण शुरू कराया गया था। कमरों में निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत की गई थी। इसके बाद से निर्माण कार्य रुका हुआ है। यही नहीं, कॉलेज में तैनात 26 शिक्षकों में से 11 लंबे अवकाश पर चल रही हैं।
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पता नहीं इंतजार कब खत्म होगा
कॉलेज में छात्राओं का फर्नीचर नहीं आ पाया। दो साल से सुना जा रहा है कि फर्नीचर का पैसा शासन के पास आ गया है लेकिन फर्नीचर नहीं आया है। - पूनम गोयल, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी
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प्रदेश स्तर पर रुका है फंड
भारत सरकार द्वारा प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को 27 लाख रुपये का फंड जारी कर दिया गया है। फिलहाल, ये प्रदेश स्तर पर रुका हुआ है। - मो. तारिक, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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