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बेटियां घर बैठे जगा रहीं जागरुकता का अलख, मानव संसाधन मंत्रालय की मुहिम को बढ़ा रहीं आगे

Thu, 14 May 2020 05:43 PM IST
Dimple Sirohi रोहित अग्रवाल, अमर उजाला, शामली
रोहित अग्रवाल, अमर उजाला, शामली Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 14 May 2020 05:43 PM IST
सार

रासेयो कार्यक्रम के अंतर्गत विवि स्तर पर ली है ऑनलाइन ट्रेनिंग
  • आयुष, मानव संसाधन मंत्रालय की मुहिम को आगे बढ़ा रही
  • आरोग्य सेतु, दीक्षा आदि एप डाउनलोड कराने को कर रही प्रेरित

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Daughters are making people aware from home in Shamli District by campaign of HRD
आरोग्य सेतु एप - फोटो : self

विस्तार

कोराना की जंग में गांव, कस्बों की बेटियां भी पीछे नहीं है। वह भी आधुनिक तकनीक के जरिए लोगों को जागरुक करने में जुटी हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर ऑनलाइन प्रशिक्षण लेने के बाद ये अपने घर बैठे ही लोगों तक लाभकारी जानकारियां पहुंचा रही हैं। लोगों को प्रेरित कर आयुष और मानव संसाधन मंत्रालय की मुहिम को आगे बढ़ाकर आम लोगों की फौज तैयार करने का प्रयास कर रही है।

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पेश है कि इन बेटियों के प्रयास पर रिपोर्ट दीक्षा एप की ट्रेनिंग से जुटाई जानकारी गांव वकीलगढ़ निवासी बीए सेकंड ईयर की छात्रा प्रियंका कहती हैं कि उन्होंने गॉट दीक्षा एप पर प्रशिक्षण लिया। आयुष मंत्रालय के विशेषज्ञों द्वारा तैयार डिजिटल स्टडी सामग्री इतनी रोचक और प्रभावशाली है कि एक कोविड-19 योद्धा के तौर पर दूसरों को भी कई अहम जानकारियां देने में सक्षम हैं।
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ग्रामीण महिलाओं में जागरुकता का बीड़ा उठाया मोहम्मदपुर राई गांव की जायमा कहती हैं कि लॉकडाउन के दौरान आधुनिक तकनीक के माध्यम जूम एप के जरिए ही ऑनलाइन एनएसएस प्रशिक्षण लिया है। इसका फायदा हुआ कि वह घर बैठे ही कई गर्भवती महिलाओं को डायट चार्ट, संक्रमण से बचाव के टिप्स आदि जानकारियां उपलब्ध करा रही हैं।

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20 को डाउनलोड करा दिया एप
कांधला की इति जैन कहती हैं कोरोना संक्रमण में आरोग्य सेतु एप बेहद कारगर साबित हो रहा है। इस एप के जरिए बहुत से छिपे कोरोना पॉजिटिव लोगों का पता लगाया जा सकता है। उसने यह एप डाउनलोड किया है। अब तक 20 से ज्यादा लोगों को एप डाउनलोड करा चुकी है।

आरोग्य एप से मात खाएगा कोरोना
थानाभवन की एनएसएस वालियंटर मानसी कहती हैं कि आरोग्य एप जैसी तकनीकों के माध्यम से योग ध्यान और आयुर्वेद की जीवन शैली से कोरोना वायरस को मात दे सकते हैं। जरूरी है कि ये एप हर किसी के मोबाइल में हो। वो खुद 27 लोगों को प्रेरित कर चुकी है।

60 लोगों को मोटिवेट कर चुकी सौभाग्या
शामली निवासी बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा सौभाग्या कहती हैं कि कोरोना संक्रमण के दौर में आयुष और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आई गॉट दीक्षा प्लेटफार्म, आरोग्य सेतु एप, और आयुष कवच एप इसका उदाहरण है। वह अब तक 60 से ज्यादा लोगों को मोटिवेट कर चुकी है।
 
लॉकडाउन के समय में विवि स्तर पर तकनीक का इस्तेमाल कर प्रदेश में करीब 12 हजार से अधिक कोरोना योद्धा बनाए जा चुके हैं, जिन्हें ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया जो अब अपने गांव-कस्बों में ही लोगों को इस संक्रमण से बचाने को जागरुकता फैला रहे हैं। -डॉ. अजय बाबू शर्मा, स्टेट कॉर्डिनेटर रासेयो कार्यक्रम

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