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चौथी लहर का खतरा: यूपी के इस जिले में पांच लाख से ज्यादा ने नहीं लगवाया दूसरा टीका,18 से 44 साल उम्र वाले सबसे पीछे

Sun, 24 Apr 2022 12:13 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 24 Apr 2022 12:13 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में  जहां कोरोना की चौथी लहर के लिए अलर्ट जारी किया गय है। वहीं शहर के पांच लाख से ज्यादा लोगों ने अभी तक दूसरी डोज नहीं ली है। वैक्सीन से जहां फेफड़ों को सुरक्षा मिलती है, वहीं जागरूकता की कमी के कारण जिले के18 से 44 साल उम्र वाले दूसरी डोज लेने में सबसे पीछे हैं। 

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Danger of fourth wave: In Meerut district of UP, more than five lakhs did not get the second vaccine,
कोरोना टीकाकरण - फोटो : amar ujala

विस्तार

बेशक जिले में 18 साल से ज्यादा उम्र वाले 26 लाख से अधिक लोगों ने टीकाकरण करा लिया हो, लेकिन पहला टीका लगवाने वाले 5,28,378 लोगों ने दूसरा टीका लगवाने में जागरूकता नहीं दिखाई है, जबकि चौथी लहर का खतरा मंडरा रहा है। जिन लोगों को दूसरा टीका लगे हुए नौ माह से ज्यादा हो गए हैं, उन्हें तो अब तो तीसरा टीका भी लगाया जा रहा है। ऐसे में दूसरी डोज न लगवाना लापरवाही है।

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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वैक्सीन कोरोना के असर को कम करने का काम करती है, जिससे वायरस गंभीर नहीं हो पाता है। खासकर फेफड़ों पर कोरोना का असर कम होता है। दोनों डोज लेने के बाद ही टीकाकरण पूरा माना जाता है। शासन ने शुरुआती दौर में जिले के 26 लाख, 36 हजार 715 लोगों को एंटी कोविड वैक्सीन लगाकर प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
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यह लक्ष्य पूरा हो चुका है। पहले टीके के प्रति लोगों ने अधिक जागरूकता दिखाई, लेकिन जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण कम हुआ तो लोग टीके के प्रति भी लापरवाह हो गए। पहला टीका लगवाने में जागरूकता दिखाने वाले बड़ी संख्या में लोग दूसरा टीका लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे। 21 लाख 8 हजार 337 ने ही दूसरा टीका लगवाया है। 

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ये है स्थिति 

टीकाकरण की स्थिति पहली डोज दूसरी डोज 
हेल्थ केयर वर्कर               24892         24602 
फ्रंट लाइन वर्कर               25741         25741
45 से 60 साल उम्र             852261     749975 
18 से 44 साल उम्र            1733821     1330219
     


लोगों को किया जा रहा जागरूक
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि दूसरा टीका लगवाने के लिए केंद्रों पर काफी लोग पहुंच रहे हैं। टीकों की भी कमी नहीं है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। तीसरी डोज लगाने का जो लक्ष्य लिया गया था, वह भी पूरा हो चुका है।

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दो माह बाद कोरोना के सक्रिय केस पहुंचे दहाई के पार 
मेरठ। जिले में कोरोना की रफ्तार तेज तो नहीं हुई है, लेकिन पहले के मुकाबले संख्या जरूर बढ़ी है। पिछले करीब दो माह बाद कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या दहाई के पार पहुंच गई। शनिवार को 3600 लोगों की जांच की गई, जिनमें कोरोना के चार नए मरीज मिले। सक्रिय केस 12 हो गए हैं। सभी होम आइसोलेशन में हैं। नए मरीज अब्दुल्लापुर, रजबन, पल्हेड़ा और जयभीमनगर के रहने वाले हैं। इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष हैं। 

प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों पर कसेगा शिकंजा 
प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों पर शिकंजा कसा जाएगा। नियम से तो पहले से है कि सरकारी नौकरी करते हुए निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकते, लेकिन इस पर सख्ती कम ज्यादा होती रहती है। अब प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को इस संबंध में पत्र भेजा है और महानिदेशक ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देशित किया है। निर्देश दिए हैं कि राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत चिकित्सा शिक्षकों से एक प्रमाण पत्र लिया जाए कि वे किसी भी प्रकार से प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करते हैं। अगर वे प्राइवेट प्रैक्टिस करते मिले तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

मेडिकल कॉलेज के चार चिकित्सकों का तबादला 
विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी के कारण एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के चार चिकित्सकों के स्थानांतरण दूसरे मेडिकल कॉलेजों में कर दिए गए हैं। एनाटमी के आचार्य डॉ. गुलजारी लाल निगम को बांदा मेडिकल कॉलेज में किया गया है। सामान्य सर्जरी के आचार्य डॉ. प्रदीप कुमार, फिजियोलॉजी की आचार्य डॉ. प्रीति राठी और नेत्र रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. लोकेश कुमार सिंह को सहारनपुर मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित किया गया है।

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