सात साल पहले गो तस्करी में उतरे अकबर बंजारा ने 300 करोड़ से ज्यादा की संपति अर्जित कर ली। 18 अप्रैल को अकबर बंजारा और उसके भाई सलमान को असम पुलिस ने ढेर कर दिया। जांच में सामने आया कि पिता पीरू बंजारा गांव-गांव में घूमकर पशुओं की खरीद-फरोख्त करता था। उसके पांच बेटे थे, जिनको इसी काम में लगाया था। तीसरे नंबर का बेटा अकबर बंजारा सिर्फ सात साल में ही अरबपति बन बैठा।
बड़ी कार्रवाई की तैयारी में पुलिस: अकबर बंजारा कैसे बना 300 करोड़ की संपति का मालिक, जल्द खुलेंगे बड़े राज, दूसरे देशों से भी जुड़ रहे तार
बड़ी कार्रवाई की तैयारी में पुलिस अकबर बंजारा की अवैध संपत्ति जब्त करने के लिए पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। सात साल में अकबर 300 करोड़ की संपत्ति का मालिक कैसे बन गया, इसकी कुंडली खंगाली जा रही है। अकबर के भाई शमीम की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि अकबर ने अपनी संपत्ति भाइयों और परिवार के लोगों के नाम की हुई है।
समुद्र के रास्ते दूसरे देशों में होती थी मीट की सप्लाई
फलावदा स्थित बंजारन मोहल्ला निवासी अकबर बंजारा और सलमान को असम पुलिस कस्टडी में कोकराझाल के पास 18 अप्रैल की रात 1:15 बजे उग्रवादी हमले में मारा गया। असम पुलिस ने खुलासा किया कि अकबर का पाकिस्तान की आईएसआई से कनेक्शन था। समुद्र के रास्ते से गोमांस की आपूर्ति बांग्लादेश समेत दूसरे देशों में होती थी। सात साल में अकबर बंजारा ने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की। फलावदा, बहसूमा, शास्त्रीनगर, लिसाड़ीगेट बिजनौर और दिल्ली में उसकी संपत्ति की जानकारी पुलिस को मिली है।
भाई और परिवार के नाम की संपति
एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि गोतस्करी से अकबर बंजारा ने जो संपत्ति अर्जित की है, वह अपने भाइयों और परिवार के नाम भी की है। अकबर के दो भाई है, जिसमें एक जेल में है और दूसरा फलावदा में रहता है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच चल रही है। अवैध संपत्ति की जानकारी ली जा रही है।
काली कमाई को ऐसे ठिकाने लगाता था अकबर
अंतराष्ट्रीय गोतस्कर अकबर बंजारा ने तीन साल पहले शास्त्रीनगर में आलीशन कोठी खरीदी, लिसाड़ीगेट में दो मार्केट बनाई, बिजनौर और बहसूमा में जमीन खरीदी है। वह 39 बीघा जमीन का बैनामा कराने की थी तैयारी में लगा हुआ था। वह अपनी काली कमाई का निवेश अधिकतर प्रॉपर्टी में करता था।