दलित आंदोलन: पुलिस चौकी को फूंक सरकारी असलहे उठाकर ले गए उपद्रवी
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दलित आंदोलन में बवाल करने वाले शोभापुर पुलिस चौकी फूंकने के दौरान सरकारी असलहे भी उठा ले गए। पुलिस ने फजीहत से बचने के लिए हथियार लूट की वारदात को छुपाकर रखा। गुपचुप तरीके से पुलिस बवालियों से हथियार लौटाने की गुहार करती रही कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। इसके बावजूद उपद्रवियों ने हथियार नहीं लौटाए।
इससे निराश पुलिस ने बृहस्पतिवार को हथियार और कारतूस फूंकने की रिपोर्ट कंकरखेड़ा थाने में दर्ज कर ली। इस आगजनी में दो वायरलेस सेट और पुलिस की वर्दी समेत लाखों का सामान राख हो गया था। दो अप्रैल को मेरठ में सुबह दस बजे उपद्रवियों ने रोहटा फ्लाईओवर से शोभापुर पुलिस चौकी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस कुछ समझ पाती उससे पहले ही बवालियों ने चौकी में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस वाले सरकारी असलहे छोड़कर भाग गए। इसी भगदड़ में उपद्रवी चौकी से राइफलें और कारतूस लूटकर ले गए।
वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने हथियार लूटने वाले शोभापुर के दो लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं, लेकिन वे हथियार वापस करने को तैयार नहीं है।
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चल रही गोपनीय जांच
पुलिस को यकीन हो गया कि उपद्रवी उनके हथियारों को वापस नहीं लौटाएंगे तब पुलिस ने इसकी जांच कराने के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से नुकसान की लिखापढ़ी भी कराई। उसके बाद मुकदमा दर्ज किया। अब इस मामले की गोपनीय जांच भी चल रही है।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि उपद्रवियों द्वारा जलाई गई पुलिस चौकी में सरकारी असलहे और कारतूस जले हैं।
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