फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Cyber Fraud: Woman Digitally Arrested by Threat of Son’s Drug Arrest, ₹30 Lakh Transaction Frozen

Meerut: बेटे के ड्रग तस्करी में पकड़े जाने का डर दिखाकर मां को किया डिजिटल अरेस्ट, 30 लाख की ठगी की कोशिश

Sat, 17 Jan 2026 01:43 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Sat, 17 Jan 2026 01:43 PM IST
सार

मेरठ में साइबर ठगों ने बेटे को ड्रग तस्करी में पकड़े जाने का डर दिखाकर 64 वर्षीय महिला को डिजिटल अरेस्ट किया। पुलिस की सतर्कता से 30 लाख रुपये समय रहते फ्रीज करा लिए गए।

विज्ञापन
Cyber Fraud: Woman Digitally Arrested by Threat of Son’s Drug Arrest, ₹30 Lakh Transaction Frozen
साइबर क्राइम - फोटो : एएनआई

विस्तार

मेरठ में साइबर ठगों ने अब एक बुजुर्ग मां की ममता को निशाना बनाया। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के आराध्या हाइट्स की रहने वाली 64 वर्षीय सुदेश देवी को ठगों ने तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया। जालसाजों ने झूठ बोला कि बैंगलूरू में आईटी कंपनी में काम करने वाला उनका बेटा ड्रग तस्करी में पकड़ा गया है। 

विज्ञापन


 बेटे को बचाने की खातिर मां ने जमा पूंजी के 30 लाख रुपये ठगों के बताए खाते में डाल दिए। हालांकि समय रहते बेटे से महिला की बात हो गई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत रकम को फ्रीज करा दिया। इससे महिला की जीवनभर की कमाई बच गई।
विज्ञापन

यह भी पढ़ें: UP: छोटी सी जिद... खामोश हो गईं तीन जिंदगियां, झगड़े की वजह से हर कोई हैरान; बेटी-बेटे को जहर देकर मां ने दी जान

विज्ञापन
विज्ञापन

सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि सुदेश देवी के पास 14 जनवरी को एक व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा तुम्हारा बेटा ड्रग्स तस्करी के केस में पकड़ा गया है। अगर उसे जेल जाने से बचाना है तो तुरंत 30 लाख रुपये खाते में डलवाओ वरना सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। ठगों ने सुदेश देवी को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और उन्हें किसी से बात करने या घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी। 15 जनवरी को मकर संक्रांति की छुट्टी होने के कारण बैंक बंद थे। दहशत में जी रही मां शुक्रवार को बैंक पहुंचीं और आरटीजीएस के जरिए 30 लाख रुपये ठगों के बताए खाते में भेज दिए।

 

एक कॉल ने तोड़ा भ्रम
सुदेश देवी जैसे ही बैंक से पैसे भेजकर बाहर निकलीं संयोग से उसी वक्त उनके बेटे का फोन आ गया। मां ने रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। बेटे ने हैरान होकर कहा कि वह बिल्कुल सुरक्षित है और अपने ऑफिस में है। ठगी का अहसास होते ही सुदेश देवी ने बिना वक्त गंवाए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया। कॉल तुरंत ब्रह्मपुरी थाने ट्रांसफर हुई। ब्रह्मपुरी एसओ राजेश कांबोज और साइबर एक्सपर्ट की टीम ने गजब की फुर्ती दिखाई। पुलिस टीम तुरंत बैंक पहुंची और ट्रांजेक्शन को प्रोसेस होने से पहले ही रुकवाकर पूरी रकम फ्रीज करा दी।

एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस की सतर्कता से पीड़िता का पैसा ठगने से बच गया है और जल्द ही उन्हें वापस मिल जाएगा। उधर खबर मिलते ही बेटा भी फ्लाइट से मेरठ के लिए रवाना हो गया है।

 

डिजिटल अरेस्ट क्या है? 
डिजिटल अरेस्ट में ठग पुलिस, सीबीआई , ईडी या नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं। ठग वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में या थाने जैसे दिखने वाले सेटअप में बैठते हैं। डराते हैं कि उनका या उनके बच्चे का नाम गंभीर अपराध जैसे मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स या मानव तस्करी में आया है। वे पीड़ित को आदेश देते हैं कि जब तक जांच चल रही है वे कैमरा बंद नहीं कर सकते, किसी से बात नहीं कर सकते और घर से बाहर नहीं जा सकते। 

सावधानियां और बचाव के तरीके
-कोई भी असली जांच एजेंसी (पुलिस/सीबीआई) कभी भी व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर पूछताछ नहीं करती और न ही डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून है।
-अगर अधिकारी बनकर पैसों की मांग करे या पैसे ट्रांसफर करने को कहे तो समझ जाएं कि यह फ्रॉड है। 
-अगर ठग कहें कि आपका बेटा/बेटी या परिजन मुसीबत में हैं तो घबराने के बजाय फोन काटें और सीधे बच्चे या उनके दोस्तों को कॉल करें।
-अनजान कॉलर को अपना आधार नंबर, बैंक डिटेल्स या ओटीपी बिल्कुल न दें।
-ऐसी घटना हो तो 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed