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यूपी: गारंटी की सड़कों में भ्रष्टाचार, तय अवधि से पहले टूटीं, शासन का बजट से इनकार

Mon, 09 Sep 2019 02:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 09 Sep 2019 02:33 AM IST
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cruption, Roads broken before schedule in meerut
मेरठ के मवाना रोड स्थित अम्हैड़ा गांव की सड़क तोड़ती जेसीबी। यह सड़क एक माह पहले 42 लाख रुपये की ला? - फोटो : MEERUT
शासन ने सड़कों की उम्र पांच साल तय की है। लेकिन गारंटी अवधि में ही शहर की ज्यादातर सड़कें टूट चुकी हैं। सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे हैं। न तो ठेकेदार इन सड़कों की मरम्मत कर रहे हैं और न ही संबंधित विभागों के अफसर ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई कर रहे हैं।
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अब इन सड़कों की मरम्मत के लिए विभाग सरकार से धन मांग रहे हैं। लेकिन शासन ने गारंटी का हवाला देते हुए बजट जारी करने से इंकार कर दिया है। इस सरकारी उठापटक का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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शहर की पांच मुख्य सड़कें बागपत रोड, दिल्ली रोड, मवाना रोड, रुड़की रोड और गढ़ रोड गड्ढों में तब्दील हैं। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक ये सभी सड़कें चार साल पहले बनवाई गई थीं। लेकिन गारंटी अवधि में ही जर्जर हो चुकी हैं। बागपत रोड तो निर्माण के तीन साल में ही जगह-जगह से उखड़ गई।
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पीडब्ल्यूडी ने शासन से सड़क के लिए धन मांगा तो उन्होंने रिकॉर्ड के मुताबिक साल 2020 में धन देने की बात करके प्रस्ताव वापस कर दिया। इसके अलावा मवाना रोड, रुड़की रोड और गढ़ रोड को बनाने का प्रस्ताव भी शासन को जा चुका है। लेकिन समय अवधि पूरी न होने के कारण शासन ने धन देने से इंकार कर दिया। ऐसे में विभागों की लापरवाही का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

आरसीसी की बनवाएं सभी सड़क, कैंट विधायक ने भेजा शासन को प्रस्ताव
बरसात के दिनों में डेंस की अधिकतर सड़कें गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं। जबकि आरसीसी से बनवाई गई सड़क पर बारिश और जलभराव का कोई असर नहीं होता है। ऐसे ही उदाहरण के साथ कैंट विधायक ने मुख्यमंत्री को मेरठ में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में डेंस की सड़कों के स्थान पर आरसीसी रोड़ बनवाने का सुझाव भेजा है। इससे सरकारी खजाने का दुरुपयोग भी बचेगा।

बागपत रोड, दिल्ली रोड, मवाना रोड, रुड़की रोड सहित अधिकतर मार्ग डेंस से बनाए गए हैं। तारकोल से बनने वाली सड़क पानी को नहीं झेल पाती है। यही कारण है कि शहर की अधिकतर सड़कें बारिश के दौरान गड्ढों में तब्दील हो गईं।

यानी प्रतिवर्ष बरसात के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल का कहना है कि भारी वाहन और जलभराव के कारण अधिकतर सड़कें टूटती हैं। अगर हम आरसीसी से बनी सड़क की बात करें तो किसी भी मौसम में सीसी रोड को कोई नुकसान नहीं होता है।

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