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कमिश्नर की आपत्ति से बचे करोड़ों रुपये
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कमिश्नर की आपत्ति से बचे करोड़ों रुपये
मेरठ। कमिश्नर अनीता मेश्राम की आपत्ति के बाद शुक्रवार को जागृति विहार एक्सटेंशन में तैयार हो रही अस्थायी मंडी से लोहे की बैरिकेडिंग हटा दी गई है। यहां पर अब सामान्य टेंट से दुकानों को तैयार कराया जा रहा है। इससे प्रशासन के कई लाख रुपये बच जाएंगे। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रशासन के इस प्लान को प्रमुखता से उजागर करते हुए खबर प्रकाशित की। इसके बाद प्लान बदलकर जागृति विहार एक्सटेंशन में काम शुरू कराया गया। इस बार 15-15 फीट की दूरी पर दुकान बनाई गई है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। साथ ही सिर्फ पीछे टेंट का पोल लगाया गया है।
तीन महीने में खर्च होते तीन करोड़
जिस रेलीनुमा लोहे की बेरिकेटिंग का पार्टीशन बनाया जा रहा था। उसके लिए प्रशासन को तीन माह में तीन करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते। अब जो प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए 12 रुपये प्रति फुट के हिसाब से खर्च आएगा। वहीं टेंट ठेकेदार साउंड और जेनरेटर का भी प्रबंध करेगा। प्रशासन की लापरवाही से अस्थाई मंडी की दुकानों को बनाने में दो दिन बर्बाद हो गए।
एक भी स्थान पर पूरा नहीं काम
कमिश्नर के निर्देशानुसार जागृति विहार एक्सटेंशन और कंकरखेड़ा में मंडी को शिफ्ट किया जाना था, लेकिन अभी तक एक भी स्थान पर काम पूरा नही हो सका है। आठ मई को शाम सात बजे से मंडी का संचालन होना था। वहीं कंकरखेड़ा में स्थानीय निवासियों के विरोध के बाद अभी कोई प्लानिंग तैयार नही हो सकी है।
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अब मेरठ के ठेकेदार को मिला काम
इस बार अस्थायी मंडी बनाने के लिए मेरठ के ठेकेदार बालाजी टेंट एंड केटर्स को जिम्मेदारी दी गई है। ये ठेकेदार पहले भी लोकसभा चुनाव, रैलियों में काम कर चुका है। इससे पहले मुजफ्फरनगर के जैन टेंट हाउस को जिम्मा दिया गया था।
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मेरठ। कमिश्नर अनीता मेश्राम की आपत्ति के बाद शुक्रवार को जागृति विहार एक्सटेंशन में तैयार हो रही अस्थायी मंडी से लोहे की बैरिकेडिंग हटा दी गई है। यहां पर अब सामान्य टेंट से दुकानों को तैयार कराया जा रहा है। इससे प्रशासन के कई लाख रुपये बच जाएंगे। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में प्रशासन के इस प्लान को प्रमुखता से उजागर करते हुए खबर प्रकाशित की। इसके बाद प्लान बदलकर जागृति विहार एक्सटेंशन में काम शुरू कराया गया। इस बार 15-15 फीट की दूरी पर दुकान बनाई गई है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। साथ ही सिर्फ पीछे टेंट का पोल लगाया गया है।
तीन महीने में खर्च होते तीन करोड़
जिस रेलीनुमा लोहे की बेरिकेटिंग का पार्टीशन बनाया जा रहा था। उसके लिए प्रशासन को तीन माह में तीन करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते। अब जो प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए 12 रुपये प्रति फुट के हिसाब से खर्च आएगा। वहीं टेंट ठेकेदार साउंड और जेनरेटर का भी प्रबंध करेगा। प्रशासन की लापरवाही से अस्थाई मंडी की दुकानों को बनाने में दो दिन बर्बाद हो गए।
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एक भी स्थान पर पूरा नहीं काम
कमिश्नर के निर्देशानुसार जागृति विहार एक्सटेंशन और कंकरखेड़ा में मंडी को शिफ्ट किया जाना था, लेकिन अभी तक एक भी स्थान पर काम पूरा नही हो सका है। आठ मई को शाम सात बजे से मंडी का संचालन होना था। वहीं कंकरखेड़ा में स्थानीय निवासियों के विरोध के बाद अभी कोई प्लानिंग तैयार नही हो सकी है।
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अब मेरठ के ठेकेदार को मिला काम
इस बार अस्थायी मंडी बनाने के लिए मेरठ के ठेकेदार बालाजी टेंट एंड केटर्स को जिम्मेदारी दी गई है। ये ठेकेदार पहले भी लोकसभा चुनाव, रैलियों में काम कर चुका है। इससे पहले मुजफ्फरनगर के जैन टेंट हाउस को जिम्मा दिया गया था।