जेल से छूटकर आए हत्यारोपी बोले- सावित्री गवाही दी तो तू भी बन जाएगी खबर
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मेरठ में चश्मदीद गवाह सावित्री अपने बेटे चेतन उर्फ भूरा के हत्यारोपियों के खिलाफ लड़ रही है। वह और उसके दोनों बेटे गवाही देने पर अड़े हैं। लेकिन इस केस में जेल से छूटकर आए हत्यारोपी बार-बार धमकी दे रहे थे कि सावित्री अगर गवाही दी तो तेरी भी सोहरका गांव जैसी खबर अखबार में छपेगी। खौफ के साये में जी रहे चश्मदीद गवाह मां-बेटों को सरूरपुर थाने की पुलिस सुरक्षा देने के बजाय तमंचे रखने की सलाह दे रही थी।
सरूरपुर के हसनपुर रजापुर गांव निवासी चेतन उर्फ भूरा की हत्या में चश्मदीद गवाह मां सावित्री, भाई मितन और रवि बृहस्पतिवार को कचहरी में आरोपियों के खिलाफ गवाही देने आए थे। गवाही नहीं हुई। उन्हें बताया गया कि छह फरवरी की तारीख लगी है। मां-बेटे बहुत दहशत में थे। वह घर जाने की बजाय एसएसपी ऑफिस पहुंच गए। सावित्री ने बताया कि हत्यारोपी कुलदीप व विपिन खुलेआम धमकी देते हैं कि परतापुर के सोहरका गांव जैसी खबर तेरी भी छपेगी। गवाही से पहले तेरी और तेरे दोनों बेटों की हत्या हो जाएगी।
पुलिस की कार्यशैली ‘कठघरे’ में
दो दिन पहले चश्मदीद मितन ने एसएसपी से मिलकर बताया था कि वह सुरक्षा मांगने कई बार सरूरपुर थाने में गया था। वहां की पुलिस उन्हें सुरक्षा देने के बजाय सलाह देती है कि तुम तमंचे रखा करो, हमारे पास इतनी पुलिस नहीं है तो जो तुम्हारे साथ रहे। जिस पर चश्मदीद गवाहों ने सवाल किया था कि अगर हम तमंचे रखेंगे तो पुलिस उन्हें ही जेल भेज देगी। पुलिस ऐसी सलाह दे रही है, इससे उनकी कार्यशैली भी सवाल उठ रहे हैं।
यह था सोहरका हत्याकांड
19 अक्तूबर 2016 को परतापुर के सोहरका गांव में नरेंद्र सांगवान की हत्या हुई थी। जिसमें नरेंद्र की पत्नी निछत्तर कौर और बेटा भोलू चश्मदीद गवाह थे। गवाही से रोकने के लिए मां-बेटे की 24 जनवरी को दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में नरेंद्र हत्याकांड के आरोपी मालू का भाई मांगे दो साथियों के साथ सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। जिसमें तीन हमलावर घर के बाहर चारपाई पर बैठी निछत्तर कौर पर गोलियां बरसा रहे थे। इस वायरल फुटेज को लेकर ही सावित्री को धमकी दी गई थी।
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वायरल न होने पाए सीसीटीवी फुटेज
इस समय जिले में पुलिस के लिए अपराध पर नियंत्रण पाना इतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कोई वारदात होने पर सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेना है। पिछले एक सप्ताह में पुलिस की मीटिंग में यही कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज न तो पुलिसकर्मियों को दी जाए और ही किसी मीडिया कर्मी को। फुटेज वायरल होने पर फजीहत झेलनी पड़ती है।
24 जनवरी को परतापुर के सोहरका में मां-बेटे की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें तीन युवक महिला पर गोलियां बरसाते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। यह दोहरा हत्याकांड लखनऊ तक गूंजा तो पुलिस की भी खूब फजीहत हुई। एक पुलिस अधिकारी ने यहां तक कहा था कि यदि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मीडिया को नहीं मिलती तो इतनी फजीहत नहीं होती।
धड़ाधड़ वायरल हुईं फुटेज
सोहरका कांड की फुटेज के बाद गंगानगर में युवक को गोली मारने की घटना, शास्त्रीनगर में जिम में फायरिंग की घटना, नौचंदी में पशु कटान के बाद ठेकेदार से फैसला कराने का मामला, मोहनपुरी में लूट का विरोध करने के बाद पिता-पुत्र को गोली मारने की घटना और परीक्षितगढ़ में युवती को सरेआम चांटा मारने और एक्टिवा गिराने की घटना की सीसीटीवी फुटेज वायरल हो चुकी हैं।
पहले डीवीआर निकालें
तीन दिन पहले एसपी सिटी ऑफिस में हुई मीटिंग में निर्देश दिए गए थे कि जहां भी कोई घटना होती है, तो सबसे पहले पुलिस आसपास सीसीटीवी कैमरा लगा है तो कैमरे की डीवीआर निकाले। गंगानगर में पुलिस पर फायरिंग कर फरार होने वाले संदिग्ध युवकों के मामले में पुलिस ने ऐसा ही किया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज को इसलिए छिपाकर रखा जाता है जिससे अपराधी फरार न हो सकें।
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यह है चेतन हत्याकांड
13 जुलाई 2017 को चेतन उर्फ भूरा की हत्या के पीछे बच्चों का झगड़ा था। हसनपुर रजापुर गांव में मिश्रित आबादी है। जाट और दलित समुदाय के बच्चों में खेलने को लेकर विवाद हुआ था। जिसमें जाट समुदाय के एक बच्चे की पिटाई हुई थी। जिसके बदले में 50 हजार के इनामी रह चुके सुमित जाट समेत कई लोगों ने चेतन की हत्या की थी। सुमित, संजय, अशोक, प्रकाश, सुजीत पर केस दर्ज हुआ है।
अब 13 लोगों पर केस दर्ज
सावित्री पर जानलेवा हमले में उसके बेटे मितन ने सुमित, विपिन, सुजीत, अतुल, ब्रह्म, कुलदीप समेत 13 लोगों पर जानलेवा हमले का सरूरपुर थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने नामजद आरोपियों के कई रिश्तेदारों को उठाकर पूछताछ की है।
प्रधान के दोनों नौकर फरार
कैथवाड़ी ग्राम प्रधान बिल्लू के खेत में सावित्री उसके दो नौकरों के साथ गन्ने की छिलाई कर रही थी। दोनों नौकर झारखंड के हैं। बदमाशों ने गोलियां बरसाई तो नौकर भी भाग गए। पुलिस ने बताया कि दोनों नौकर ही चश्मदीद हैं। अंदेशा कि कहीं बदमाशों ने नौकरों से साठगांठ कर वारदात को अंजाम तो नहीं दिया।
सीमा विवाद में उलझी
पुलिस ने बताया कि हसनपुर रजापुर गांव और कैथवाड़ी गांव का जंगल आपस में मिला हुआ है। सावित्री कैथवाड़ी के जंगल में गन्ने की छिलाई करने जाती थी। घटनास्थल पर रोहटा व सरूरपुर थाने की सीमा लगती है। घटनास्थल को लेकर रोहटा व सरूरपुर थाना पुलिस में सीमा विवाद भी हुआ था। बाद में एसपी देहात ने मुकदमा सरूरपुर थाने में दर्ज कराया।
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