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गर्भ में पल रहे शिशु से बुजुर्गों तक पर संकट

Thu, 10 Nov 2022 08:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Nov 2022 08:30 AM IST
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Crisis on the baby from the womb to the elderly
गर्भ में पल रहे शिशु से बुजुर्गों तक पर संकट
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मेरठ। लगातार 29 दिन से हवा सांस लेने लायक न होने की वजह से गर्भ में पल रहे शिशुओं से बुजुर्गों तक पर खतरा बढ़ा है। सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि इतने लंबे समय तक प्रदूषण की वजह से फेफड़ों तक वायु ले जाने वाली नलियों में सूजन आ जाती है। इससे खांसी और बलगम हो जाता है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इस वजह से प्रदूषण उन्हें जल्दी चपेट में ले लेता है। नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉ. बीपी कौशिक ने बताया कि जो लोग पहले से अस्थमा पीड़ित हैं ऐसे में उनकी परेशानी बढ़ जाती है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप सक्सेना ने बताया कि लंबे समय तक वायु प्रदूषण से निमोनिया और दिल की बीमारियां भी हो सकती हैं। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को शिथिल कर देता है। ब्यूरो

ओपीडी में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी
अस्पतालों की ओपीडी में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में पहले जहां 100 से 150 मरीज आ रहे थे, वहीं अब हर रोज 250 से 300 संख्या पहुंच रही है। मेडिकल कॉलेज में यह संख्या 500 के पार जा रही है।
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