गिरोह का पर्दाफाश: ट्यूबवेल पर बनाते थे तमंचे, पुलिस ने पांच आरोपी दबोचे, तूछताछ में खोले बड़े राज
मेरठ में पुलिस ने एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तमंचे बनाने वाले पांच आरोपियों को दबोचा है। वहीं आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में कई बड़े राज खोले हैं।
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अवैध हथियार बनाने के नाम से बदनाम मुजफ्फरनगर के जौला गांव में तमंचे और बंदूक बनाने का प्रशिक्षण लेने के बाद जिले के बिसौला गांव में ट्यूबवेल पर फैक्टरी लगाई थी। एक कारीगर दिन में तीन तमंचे बना देता था। मेरठ में इंचौली पुलिस ने गिरोह का खुलासा कर पकड़े गए पांच आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरोह में 20 से अधिक लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है।
सीओ सदर देहात पूनम सिरोही ने पांचों आरोपियों को मीडिया से रूबरू कराया। सीओ ने बताया है कि लावड़ क्षेत्र के बिसौला गांव के जंगल में पिंकल अपनी ही ट्यूबवेल पर साथियों के साथ मिलकर तमंचे और बंदूक बनाने का काम करा रहा था। एक सूचना पर एसओ इंचौली श्योराज सिंह और लावड़ चौकी इंचार्ज प्रवीण चौधरी की टीम ने छापा मारा। टीम ने यहां चल रही फैक्टरी से 10 तमंचे, चार बंदूक, हथियार बनाने के औजार, अधबने तमंचे और बंदूकों को बरामद किया।
जौला के सलीम का नाम आया सामने
गिरोह का सरगना सुल्तान गुर्जर निवासी नैडू फलावदा है। पुलिस के मुताबिक सुल्तान गुर्जर ने जौला में तमंचे-बंदूक बनाना सीखा था। वहां के सलीम नाम के युवक इस नेटवर्क में सामने आया है। सुल्तान अवैध हथियार बनाने के मामले में फलावदा और मोदीनगर से दो बार जेल जा चुका है।
चुनाव से पहले बढ़ रही हथियारों की मांग
आरोपियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए हथियारों की मांग बढ़ रही थी। इसके चलते वह तेजी से तमंचे और बंदूक बना रहे थे। 3-4 हजार रुपये में तमंचा, 8-10 हजार रुपये में बंदूक बेच रहे थे। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत व शामली सहित अन्य जिलों में हथियारों की सप्लाई की गई है।
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तमंचे में 500 और बंदूक में आता है 1500 रुपये का खर्च
आरोपियों ने बताया कि एक कारीगर दिन में तीन तमंचे या फिर एक बंदूक बना लेता था। तमंचे में 500 और बंदूक में 1500 रुपये का खर्च आता है। खराद वालों से उनकी सेटिंग रहती है। वही, उन्हें लोहे की नाल उपलब्ध कराते हैं। पहले तो हथियार बनाने के लिए मुंगेर से औजार और अन्य सामान ले लेते थे। लेकिन अब लोकल में खराद वाले उपलब्ध करा देते हैं। पुलिस खराद वालों की भी जांच करने की बात कह रही है।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
1. सुल्तान निवासी नेडु थाना फलावदा मेरठ ( सरगना)
2. पिंकल निवासी बिसौला थाना इंचौली मेरठ
3. मौजीराम उर्फ मौजी निवासी बिसौला थाना इंचौली मेरठ
4. रिंकु निवासी खिमावती थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद
5. मोहित उर्फ कालू निवासी खिमावती मुरादनगर जनपद गाजियाबाद
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फरार मुख्य आरोपी
1. मोनू निवासी बिसौला थाना इंचौली जनपद मेरठ