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रेडलाइट एरिया के झूठे हलफनामे पर नाराज हाईकोर्ट

Wed, 24 Apr 2019 03:47 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Wed, 24 Apr 2019 03:47 AM IST
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The High Court on the false affidavit of the Radlight area
कबाड़ी बाजार मेरठ - फोटो : अमर उजाला
 मेरठ का रेड लाइट एरिया बंद करने व सेक्स वर्करों के पुनरोद्धार को लेकर दाखिल याचिका पर मंगलवार को डीएम मेरठ, एसपी क्राइम, सीएमओ हाईकोर्ट में पेश हुए। अधिकारियों की ओर से कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि रेड लाइट एरिया बंद कराया गया और अब देह व्यापार नहीं चल रहा है। जिस पर हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने रिपोर्ट झूठी बता दी। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताकर फिर आज बुधवार को पुलिस- प्रशासन और सीएमओ को तलब किया है।
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अधिवक्ता सुनील चौधरी की याचिका पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई कर रही है। सुनील चौधरी ने अधिकारियों के बयान का विरोध करते हुए कहा कि मीडिया रिपोर्ट है कि रेड लाइट एरिया में बाहर से दरवाजों पर ताला लगा दिया गया है। लेकिन भीतर लड़कियां मौजूद हैं और कोठे बाकायदा संचालित किए जा रहे हैं। सुनील चौधरी के मुताबिक कोर्ट ने अधिकारियों के हलफनामे पर असंतोष जताकर बुधवार को सभी को फिर से तलब किया है। इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि सीएमओ की रिपोर्ट पर अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की है। याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी। चौधरी का कहना है कि पुलिस, प्रशासन और सीएमओ ने झूठा हलफनामा कोर्ट में पेश किया था।
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हलफनामा में इसका जिक्र नहीं
अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बताया कि आरटीआई और आईजीआरएस के तहत बताया गया कि मेरठ सीएमओ कार्यालय से रेडलाइट एरिया में 20 हजार कंडोम वितरित किए हैं। छह सेक्स वर्करों को एचआईवी पॉजीटिव और सात सेक्स वर्करों की मौत होेना बताया। इन सबको पुलिस, प्रशासन व सीएमओ के हलफनामे में इसका जिक्र तक नहीं किया। अधिकारियों के हलफनामे में अधिवक्ता ने कई सवाल किए, उसका जवाब अधिकारी नहीं दे पाए। जिसके बाद हाईकोर्ट ने अधिकारियों से कहा कि उनके हलफनामे से असंतुष्ट हैं। बुधवार को सही रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सीबीआई जांच कराएं क्या
सुनवाई के दौरान मौजूद लोगों के अनुसार न्यायमूर्ति इस पूरे प्रकरण बहुत सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने पुलिस के हलफनामे पर कहा कि क्या इस प्रकरण पर सीबीआई जांच बैठाएं। न्यायमूर्ति ने बुधवार दोपहर दो बजे तक इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

जिलाधिकारी कराते रहे जवाब तैयार
बुधवार को पूरे मामले पर जवाब दाखिल करने का निर्देश मिलने के बाद जिलाधिकारी अनिल ढींगरा महाधिवक्ताओं से मिले और अपना जवाब दाखिल कराने में जुटे रहे। सूत्रों के अनुसार इस मामले को लेकर पूरे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
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