{"_id":"589f54144f1c1b875237cf4b","slug":"thaane-me-vip-treatment","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारोपियों को दिन भर थाने में ‘वीआईपी’ ट्रीटमेंट ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्यारोपियों को दिन भर थाने में ‘वीआईपी’ ट्रीटमेंट
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Sun, 12 Feb 2017 11:20 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घोसीपुर गांव में डबल मर्डर के बाद खरखौदा पुलिस गंभीर नहीं हुई। शनिवार दिन भर हत्यारोपियों को थाने में पुलिस ने वीआईपी ट्रीटमेंट दिया। रिश्तेदार या परिचित को हत्यारोपियों से मुलाकात करने की खुली छूट थी। पीड़ित परिवार ने गमगीन माहौल में दोनों किशोरों को सुपुर्द-ए-खाक किया। पुलिस ने आरोपियों को जेल नहीं भेजा। इस बवाल में 15 लोगों को नामजद समेत 50 लोगों पर केस दर्ज कराया है।
विज्ञापन
खरखौदा के घोसीपुर गांव में उस्मान गाजी व उसके परिवार के लोगों ने पुरानी रंजिश को लेकर शुक्रवार शाम अधिवक्ता सरताज गाजी के परिवार पर हमला बोला था। जिसमें सरताज गाजी के दो भतीजे जुनैद व बिलाल की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। जबकि आठ लोग गंभीर रुप से घायल हुए। पुलिस ने शुक्रवार आधी रात में आठ आरोपियों आमिर, साजिद, आबिद, नौशाद, जावेद, रोहित, रिजवान और गुलजार को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपियों को शनिवार को जेल नहीं भेजा। बल्कि दिन भर थाने में पूरी छूट दी। इसको लेकर पीड़ित परिवार में आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से ही उनके दो बच्चों की मौत हुई है। पुलिस अफसरों ने उनको सुरक्षा नहीं दी। इस वारदात में उस्मान गाजी ने बाहर से शूटर मंगवाकर हमला कराया और चौकी इंचार्ज उस्मान के घर पर बैठकर बिरयानी खाता रहा।
विज्ञापन
थाने में दी खुली छूट
हत्यारोपियों से मुलाकात करने की पुलिस ने उनके परिचित और रिश्तेदारों को खुली छूट दे रखी थी। रिश्तेदार बाहर से खाना और फल हत्यारोपियाें को खिलाते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनकर देखती रही। पुलिस वाले भी उनके साथ खाते रहे थे। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि इतनी छूट पुलिस ने आरोपियों को वैसे ही नहीं दी, उसके लिए उनकी भी जेब गर्म की गई। अधिकांश पुलिसकर्मी तो चुनाव ड्यूटी में थे। बस तीन पुलिसकर्मी ही थाने में थे। गांव में सन्नाटा पसरा
चुनावी माहौल में हुए इस खूनखराबे के चलते घोसीपुर गांव में शनिवार दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। सुबह ही दोनों शव गांव में पहुंच गए थे। गांव के लोगों ने पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दोनों शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया। उसके बाद ही लोगों ने मतदान करना शुरू किया। लेकिन उनके चेहरे पर मायूसी छाई रही।
चप्पे-चप्पे पर रही फोर्स
गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसको देखते हुए पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा लगाया था। पुलिस ने मतदान के बाद भी गांव में फोर्स तैनात रखी। एसपी देहात श्रवण कुमार सिंह व सीओ किठौर विनोद सिरोही समेत पुलिस अधिकारियों ने गांव का कई बार दौरा किया।