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24 घंटे में दूसरा हादसा, गंगनहर में पल भर में समा गई कार

Mon, 27 May 2019 03:55 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Mon, 27 May 2019 03:55 AM IST
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Second incident in 24 hours, car in full swing in Ganganahar
इसी जगह समाई थी कार - फोटो : अमर उजाला
सरधना/मेरठ। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग स्थित गंगनहर पटरी इस समय जानलेवा बन गई है। शनिवार तड़के 4:45 बजे रोहटा क्षेत्र में गंगनहर में तेज रफ्तार अर्टिगा गंगनहर में गिर गई थी। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी। रविवार तड़के करीब 3:45 बजे सरधना क्षेत्र में तेज रफ्तार ब्रेजा कार पल भर में गंगनहर में समा गई। तेज बहाव और काफी गहराई के चलते कार का कोई सुराग नहीं लगा।
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बताया गया कि गंगनहर पटरी मार्ग पर सलावा झाल पुल से खतौली की तरफ एक ब्रेजा कार गाजियाबाद से हरिद्वार की तरफ जा रही थी। इस कार के आगे और पीछे भी कार थीं। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो ब्रेजा कार की स्पीड काफी तेज थी। अचानक नहर पटरी मार्ग पर धूल उड़ी और यह कार ओझल हो गई। प्रत्यक्षदर्शी वाहन चालकों ने सूचना कंट्रोल रूम को दी। यूपी 100 पुलिस के साथ ही सरधना व खतौली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चल सका। मौके पर देखकर लग रहा था कि पटरी की तरफ घास और छोटे पौधे टूटे हुए से लगे। टोल प्लाजा मोदीपुरम से क्रेन भी मंगवाई लेकिन पानी का बहाव तेज होने पर सफलता नहीं मिली। जिसके बाद पुलिस वहां से लौट गई।
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हादसे की सूचना पर एसपी देहात अविनाश पांडेय और सीओ सरधना पंकज सिंह मौके पर पहुंचे। जिस जगह हादसा हुआ, वहां एक कार के कुछ पार्ट्स वहां बिखरे पडे़ थे। साथ ही पटरी की रेलिंग भी टूट रही थी। लग रहा था कि मोड़ पर चालक कार से नियंत्रण खो बैठा, जिस कारण कार नहर में समा गई। रविवार सुबह एनडीआरएफ और पीएसी के गोताखोरों ने सर्च अभियान चलाया। लेकिन नहर की गहराई और पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ पता नहीं चल सका। सीओ सरधना का कहना है कि रविवार तड़के 3.45 बजे एक ब्रेजा कार नहर में गिरने की बात प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई थी। जिसको लेकर दिन भर गंगनहर में अभियान चलाया। कार में कितने लोग थे, इसका भी पता नहीं चल पाया है। वहीं, देर शाम सर्च अभियान बंद हो गया था। पुलिस अफसर सोमवार को फिर से सर्च अभियान चलाने की बात कह रहे हैं। इस संबंध में मेरठ पुलिस ने गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, मुजफ्फरनगर समेत अन्य जिलों की पुलिस को इस हादसे की सूचना दी है।
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खतरे में जान, सुरक्षा के नाकाफी इंतजाम
मेरठ/सरधना।
गंगनहर पटरी असुरक्षित हो चुकी है। वाहन कब अनियंत्रित होकर गंगनहर में जा गिरे, इसकी कोई गारंटी नहीं है। 24 घंटे में इस पटरी मार्ग पर दो बड़े हादसे हो चुके हैं। दो कार नहर में गिरी। एक हादसे में पांच लोगों की मौत हो चुकी है तो दूसरी कार का पता तक नहीं चल पाया है। चिंता की बात यह है कि सिस्टम हादसे रोकने की कोशिशों के बजाय केवल दावे करता है और ये दावे भी बाद में हवा हो जाते हैं।
हर हादसे के बाद प्रशासन व लोकनिर्माण विभाग गंगनहर पटरी मार्ग पर हाइट गेज लगवाने, स्पीड ब्रेकर बनवाने, बैरियर लगाने, पथ प्रकाश व्यवस्था कराने के दावे करता है। लेकिन मामला ठंडा होते ही दावों की हवा निकल जाती है। जनपद की सीमा में चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग की लंबाई 42 किमी है। गंगनहर पटरी पर कांवड़ मार्ग बनने के बाद न जाने कितने लोगों की सड़क हादसे व वाहन के गंगनहर में समा जाने पर जान चली गई। मुरादनगर से मुजफ्फरनगर, हरिद्घार तक लोग यहां से निकलते हैं। यह मार्ग इस कदर असुरक्षित हो गया है कि परिवार का परिवार पल भर में नहर में समा जाता है।
वर्ष 2018 में गंगनहर में वाहनों के गिरने से 60 लोगों की जान जा चुकी है। इस साल भी कई हादसे हो चुके हैं। कई वाहन चालक सड़क हादसे में घायल भी हुए। जिसकी गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान मौत हो गई। कांवड़ मार्ग पटरी के चौड़ीकरण के बाद से हादसों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। लोगों ने लगातार बढ़ रहे हादसों को रोकने के लिये पुलिस प्रशासन के साथ लोकनिर्माण विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग की है।

गंगनहर पटरी मार्ग पर बड़े हादसे
14 सितंबर 2013
: जानी क्षेत्र में नोएडा निवासी एक ही परिवार के सात लोग गंगनहर में कार गिरने पर डूबे।
2013: कांवड़ यात्रा के दौरान मानपुरी के निकट गंगनहर में गिरा मैजिक वाहन। चार कांवड़ियों की मौत।
25 दिसंबर 2018: नानू भलसोना गंगनहर पुल के बीच गंगनहर में कार गिरी। तीन लोगों की मौत।
13 दिसंबर 2018 : पूठ पुल के निकट नहर में गिरी कार। एक इंजीनियर की मौत, दूसरे को बचा लिया गया।
07 दिसंबर 2018 : 18 टायरा ट्रक नानू गंगनहर पुल से गिरा। दो दिन बाद निकाला ट्रक। क्लीनर की मौत।
18 अप्रैल 2019: कांवड़ मार्ग पर स्कॉर्पियों सवार तीन युवकों की जान गई।
23 अप्रैल 2019: कांवड मार्ग पर टीकरी गांव के सामने बाइक सवार युवक की मौत।
20 जनवरी 2019 : रोहटा क्षेत्र में ही नहर में कार गिरने से तीन लोगों की मौत।
25 मई 2019: अर्टिगा कार गंगनहर में गिरी। देवरिया के पांच लोगों की मौत, एक महिला लापता।
26 मई 2019: सलावा झाल के निकट अज्ञात कार नहर में समाई।

जिंदगी भर का गम लेकर देवरिया लौटा परिवार
मेरठ।
देवरिया का परिवार जिंदगी भर का गम लेकर रविवार को मेरठ से चला गया। गंगनहर में शनिवार तड़के कार गिरने से जहां पांच लोगों की मौत हो गई थी, वहीं एक महिला अभी भी लापता है। जिन पांच लोगों को पुलिस ने बचाया था, उन्हें रविवार को जिला अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
 रोहटा इलाके में शनिवार तड़के कांवड़ मार्ग स्थित गंग नहर पटरी पर तेज रफ्तार अर्टिगा कार अगला टायर फटने के बाद नहर में जा गिरी थी। अर्टिगा कार में देवरिया के दो परिवारों के 11 सदस्य सवार थे। संदीप निवासी गांव पिंडी थाना लार जिला देवरिया, संदीप का पुत्र आशुतोष, अंश पुत्र देवी प्रसाद निवासी भटवलिया,देवरिया, अंशिका पुत्री देवी प्रसाद, अर्टिगा कार के चालक विक्की यादव निवासी हंस एंक्लेव, राजीव चौक गुरु गाम की मौत हो गई थी। जबकि शालिनी व छोटी बहन सोनी पुत्री राजेश निवासी नन्हैड़ा जिला देवरिया, देवी प्रसाद निवासी भटवलिया जिला देवरिया, आशा पत्नी संदीप निवासी पिंडी, संदीप की पुत्री आराध्या घायल थीं। एसओ रोहटा धनवीर सिंह ने बताया कि पांच घायलों को परिजन और रिश्तेदार अस्पताल से ले गये। कार डूबने के बाद गंगनहर में लापता हुई देवी प्रसाद की पत्नी रिंकी (28) का रविवार को दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा। एसओ रोहटा धनवीर सिंह ने एनडीआरएफ और पीएसी के गोताखोरों के साथ रोहटा क्षेत्र में गंगनहर में सर्च अभियान चलाया। कई किमी तक सर्च किया। लेकिन कहीं भी महिला नहीं मिली। मेरठ पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस से भी संपर्क किया है। सीओ सरधना पंकज सिंह का कहना है कि महिला का पता मुरादनगर के आसपास चल सकता है।

गंगनहर पटरी पर भारी वाहनों पर लगा प्रतिबंध
मेरठ।
गंगनहर पटरी मार्ग पर दो दिन में दो हादसों के बाद आखिरकार पुलिस-प्रशासन ने गंगनहर पटरी मार्ग पर भारी वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया है। एसपी देहात अविनाश पांडेय ने रविवार को सीओ सरधना और सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि भारी वाहन गंगनहर पटरी पर न आने दिए जाएं।
सीओ सरधना पंकज सिंह ने बताया कि भारी वाहन रोकने के लिए गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर पुलिस से भी संपर्क किया गया है। गंगनहर पटरी मार्ग दिल्ली-मेरठ हाईवे पर मुरादनगर में मिलती है। ऐसे में दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा से आने वाले अधिकांश वाहन दिन और रात में मुरादनगर से गंगनहर पटरी मार्ग से निकलते हैं। ऐसे वाहन मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की के अलावा हरिद्वार पहुंचते हैँ। जबकि हरिद्वार और मुजफ्फरनगर के छोटे और भारी वाहन भी गंगनहर से गाजियाबाद की तरफ गंगनहर पटरी से ही निकलते हैं।

सीओ का कहना है गंगनहर पटरी पर भारी वाहन रोकने के लिए हाइटगेट का काम शुरू कर दिया है। जिन भी स्थानों से भारी वाहन गंगनहर पटरी पर चढ़ते हैं वहां हाइटगेज लगाए जाएंगे। हाइटगेज के लिए पोल लगाने शुरू कर दिए गए हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर पुलिस बैरियर लगाएगी। दो किमी के अंतराल में बैरियर हों और वाहन चालक तेज गति से वाहन न चलाएं। स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर का काम भी जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।

 
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