राधना में फिर फायरिंग, तनाव बरकरार

ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 15 Oct 2015 02:16 AM IST
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जिला पंचायत चुनाव में फर्जी मतदान को लेकर मंगलवार को हुआ बवाल शांत हुआ नहीं कि बुधवार सुबह पुलिस के सामने दोनों पक्षों में गालीगलौज के बाद फायरिंग हो गई। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी। दोनों पक्षों में तनाव देखते पीएसी और पुलिस बुधवार को भी तैनात रही। इस मामले में बुधवार को भी पुलिस ने कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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दूसरे चरण के मतदान के दौरान मंगलवार दोपहर कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के राधना गांव से लौटने के बाद फर्जी मतदान होने पर सपा और बसपा समर्थकों में मारपीट, पथराव तथा फायरिंग हुई थी। उसके बाद माहौल गर्माया था। शाम को प्राइमरी पाठशाला के एक बूथ पर आए बसपा समर्थित प्रत्याशी समर्थक कमरे आलम को कुछ युवकों ने घेरकर अधमरा कर दिया था। किसी तरह कमरे आलम अपनी जान छुड़ाकर वहां से भाग निकला था।
ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे पुलिस पिकेट के सामने दोनो पक्षों का आमना-सामना हो गया। गाली गलौज और मारपीट के बाद कई राउंड फायरिंग हो गई। सूचना के बाद सीओ किठौर रितेश कुमार, किठौर थाना प्रभारी सुम्मेर सिंह यादव मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। इस मामले में किसी भी ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। दोनों पक्षों में तनाव देखते पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है।
चुनावी जंग में कानून भूले अफसर   
भयमुक्त और शांतिपूर्ण मतदान का दावा करने वाले अफसर कानून भूल गए हैं। चुनावी जंग का अखाड़ा बने किठौर को भी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने अनदेखा कर दिया। पुलिस के सामने मंगलवार को रार्धना गांव में मतदान के दौरान सपा और बसपा प्रत्याशियों के समर्थकों में पथराव और फायरिंग हुई। इसके बावजूद भी गिरफ्तारी तो दूर, रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हुई। लोगों का कहना है सत्ताधारी नेताओं के दबाव में पुलिस खामोशी से कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने में लगी है।

किठौर थानाक्षेत्र के रार्धना गांव में मंगलवार को सपा व बसपा के प्रत्याशियों के समर्थकों में मतदान के दौरान मारपीट, पथराव व फायरिंग हुई। पुलिस फोर्स के मौजूदगी में दिन भर बवाल चला। इसकी जानकारी पर डीएम, एसएसपी और एसपी देहात मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए, इसके बावजूद भी पुलिस तमाशा देखती रही। हैरत की बात है कि इतना बड़ा बवाल होने के बावजूद भी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने रिपोर्ट तक दर्ज कराना मुनासिब नहीं समझा।

जिला पंचायत चुनाव निष्पक्ष होगा, इसका दावा करने वाले पुलिस प्रशासन की पोल सपा और बसपा प्रत्याशियों के समर्थकों ने खोल दी। कानून के रखवालों के सामने कानून की धज्जियां उड़ी। दोनों में आमने-सामने गोलियां तक चलीं। इसके बावजूद अधिकारियों ने उनके खिलाफ कार्रवाई कराने की जहमत नहीं उठाई।

यह खामोशी फिर कराएगी बवाल
17 अक्टूबर को तीसरे चरण का चुनाव परीक्षितगढ़, मवाना और हस्तिनापुर ब्लॉक में होगा। परीक्षितगढ़ के सौंदत, बौंद्रा समेत कई गांवों में सपा और बसपा के प्रत्याशियों के समर्थक  बवाल कर सकते है। दोनों पार्टियों के समर्थकों में पुलिस का खौफ नहीं है। मंगलवार को रार्धना गांव में चुनावी जंग में कोई कार्रवाई न होने पर बवाली और ज्यादा बेखौफ हो गए हैं। लोगों में चर्चा है कि सत्ताधारी नेताओं के दबाव में पुलिस कानून को भूल चुकी है। ऐसे लोग भलीभांति जान चुके हैं कि सत्ता के चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

चुनावी बहस में सिर फूटे 
गंगानगर। पंचायत चुनाव में अपने प्रत्याशी की जीत को लेकर हुई बहस में सपा और बसपा प्रत्याशियों के समर्थक आपस में भिड़ बैठे। जमकर लाठी-डंडे चले। जिसमें दो लोगों के सिर फूट गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। इंचौली गांव के कुआं पट्टी मोहल्ले में महरीश पुत्र अजीज और भोला पुत्र वसी वार्ड 27 से बसपा और सपा प्रत्याशियों के समर्थक हैं। बुधवार सुबह दोनों घर के बाहर अपने-अपने प्रत्याशी की जीत पक्की होने की बात कहने लगे। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई और दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चल गए।

जिसमें महरीश और उसकी बहन घायल हो गई। वहीं दूसरे पक्ष से भोला घायल हो गया। सूचना पर पहुंची इंचौली पुलिस ने घायल दोनों युवकों का मेडिकल परीक्षण कराया। इंस्पेक्टर इंचौली योगेंद्र मलिक के मुताबिक दोनों पक्षों में चुनाव को लेकर हुई बहस हो गई थी। जांच कर केस दर्ज किया जाएगा।

चौथे चरण के लिए दो पर्चों पर आपत्ति
मेरठ। पंचायत चुनाव के चौथे चरण में होने वाले मतदान के लिए दाखिल हुए नामांकन पत्रों की बुधवार को जांच की गयी। दो प्रत्याशियों के पर्चों पर आपत्तियां दाखिल हुई। बाकी सभी प्रत्याशियों के नामांकन पत्र सही पाए गए।
चौथे व अंतिम चरण में 29 अक्तूबर को वार्ड छह से लेकर 14 तक के लिए मतदान होगा।

इन सभी वार्डों से कुल 170 पर्चे दाखिल हुए थे। जांच के दौरान वार्ड 12 से पूनम के पर्चे पर और वार्ड 13 से संजीदा के पर्चे पर आपत्ति आई है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गौरव वर्मा ने बताया कि इन दोनों पर्चों पर आपत्ति कर्ताओं के साक्ष्य देखने के बाद निर्णय लिया जाएगा। शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक नामांकन वापसी और उसके बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार कर चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए जाएंगे।
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