स्लीपर मॉड्यूल के जरिये सलमान ने वेस्ट यूपी में फैलाया जाल, लॉकडाउन से पहले बागपत से गया था कश्मीर
- बागपत के इंस्टीट्यूट में पढ़ाई के दौरान सीधा-साधा बना रहता था सलमान वानी
- लॉकडाउन से पहले बागपत से गया था कश्मीर, वहीं से चला रहा था नेटवर्क
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सुरक्षा एजेंसियों की जांच पड़ताल में सामने आया कि बागपत के इंस्टीट्यूट में टेक्नीशियन की पढ़ाई के दौरान सलमान खुर्शीद बहुत सीधा बना रहता था। इंस्टीट्यूट के छात्र सलमान पर काफी भरोसा भी जताते थे और मानते थे कि वह गरीब और असहाय है। लेकिन, गोपनीय जानकारियां जुटाता रहता था।
इंस्टीट्यूट में अधिकांश समय मोबाइल और लैपटॉप पर ही बिताता था। बताया कि व्हाट्सएप ग्रुप व मैसेंजर पर उसके फ्रेंड लिस्ट काफी बड़ी है। उनके जरिए वह वेस्ट यूपी के जिले की गोपनीय जानकारियां लिया करता था।
जिसको वह आतंकी संगठनों को भेजा करता था। बरेली के इनामुल से भी सलमान खुर्शीद ने काफी जानकारी मैसेंजर के जरिए ली थी। एटीएस ने बरेली से इनामुल को पकड़ा तब जाकर सलमान खुर्शीद की जानकारी हो सकी।
लॉकडाउन लगने से पहले ही कश्मीर गया वानी
इनामुल से पूछताछ करते ही एटीएस ने सलमान खुर्शीद की तलाश में बागपत के इंस्टीट्यूट से जानकारी जुटाई। जहां से पता चला कि लॉक डाउन से पहले सलमान खुर्शीद बागपत से कश्मीर चला गया है।
कश्मीर जाने के बाद भी सलमान का नेटवर्क मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, हापुड़ बुलंदशहर, बरेली और अमरोहा में लगातार चलता रहा। व्हाट्सएप और मैसेंजर के जरिए साथियों के साथ बात करता था। अब सलमान खुर्शीद के जरिए एटीएस और सुरक्षा एजेंसियां काफी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने में जुट गई हैं।
एटीएस का गोपनीय मिशन चल रहा है। सलमान खुर्शीद वानी के जरिए सुरक्षा एजेंसियां बारीकी से जांच कर रही है। सलमान की स्लीपर मॉड्यूल सेल कहां तक फैला है, इसकी पड़ताल जारी है। बागपत पुलिस को भी सुरक्षा एजेंसियों की मदद करने के लिए लगाया गया है। - प्रवीण कुमार, आईजी मेरठ रेंज