{"_id":"696d4245cddc65f27203d01876837a39","slug":"meerut-murder-news-hindi-news-4","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रोपॅर्टी के विवाद में बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रोपॅर्टी के विवाद में बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sun, 25 Oct 2015 02:43 AM IST
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तखावली गांव में बीती शुक्रवार देर रात घेर में सो रहे बुजुर्ग की अज्ञात युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक के भतीजे ने अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
तखावली निवासी सचिन पुत्र दयाराम ने बताया कि शुक्रवार रात उसके ताऊ धनीराम (65) पुत्र अतर सिंह घेर में सो रहा था। देर रात करीब पौने दो बजे उसे गोलियां चलने की आवाज सुनाई पड़ी। वह नींद खुलने पर घेर की तरफ दौड़ा तो उसका ताऊ खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ा मिला।
ताऊ धनीराम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के भतीजे सचिन पुत्र दयाराम ने अज्ञात युवकों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मौके से 315 बोर का खोखा बरामद करने का दावा किया है। धनीराम को दो गोलियां लगी थीं।
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वहीं, थाना प्रभारी रामरतन यादव का कहना है कि मृतक चार भाई थे। सबसे बड़ा भाई बले सिंह और दयाराम शादीशुदा हैं। वहीं, धनीराम और बालकराम अविवाहित थे तथा दोनों साथ रहते थे। दयाराम के तीन पुत्र अरुण, सचिन, विपिन तथा बले सिंह के दो पुत्र जगवीर सिंह और मुनेश थे। मुनेश की वर्ष 2007 में हत्या हो चुकी है।
एसओ का कहना है कि हत्या के कारण की जांच की जा रही है। हत्या की वजह संपत्ति भी हो सकती है। एसओ का कहना है कि मृतक धनीराम का भतीजा जगवीर थाना बहसूमा का हिस्ट्रीशीटर है। वह मुजफ्फरनगर में रहता है।
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तखावली निवासी सचिन पुत्र दयाराम ने बताया कि शुक्रवार रात उसके ताऊ धनीराम (65) पुत्र अतर सिंह घेर में सो रहा था। देर रात करीब पौने दो बजे उसे गोलियां चलने की आवाज सुनाई पड़ी। वह नींद खुलने पर घेर की तरफ दौड़ा तो उसका ताऊ खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ा मिला।
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ताऊ धनीराम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के भतीजे सचिन पुत्र दयाराम ने अज्ञात युवकों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मौके से 315 बोर का खोखा बरामद करने का दावा किया है। धनीराम को दो गोलियां लगी थीं।
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वहीं, थाना प्रभारी रामरतन यादव का कहना है कि मृतक चार भाई थे। सबसे बड़ा भाई बले सिंह और दयाराम शादीशुदा हैं। वहीं, धनीराम और बालकराम अविवाहित थे तथा दोनों साथ रहते थे। दयाराम के तीन पुत्र अरुण, सचिन, विपिन तथा बले सिंह के दो पुत्र जगवीर सिंह और मुनेश थे। मुनेश की वर्ष 2007 में हत्या हो चुकी है।
एसओ का कहना है कि हत्या के कारण की जांच की जा रही है। हत्या की वजह संपत्ति भी हो सकती है। एसओ का कहना है कि मृतक धनीराम का भतीजा जगवीर थाना बहसूमा का हिस्ट्रीशीटर है। वह मुजफ्फरनगर में रहता है।