{"_id":"b3cd98606cf4acab5cc5a32b45f037ee","slug":"meerut-murder-news-hindi-news-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"150 ग्राम सोने के लालच ने ले ली सर्राफ सुदीश की जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
150 ग्राम सोने के लालच ने ले ली सर्राफ सुदीश की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्राफ सुदीश रस्तोगी ने सोचा भी नहीं होगा कि गाजियाबाद के जिस सर्राफ से वह अपना कारोबार बढ़ाने की डील करने जा रहे हैं, वह उनकी मौत का सौदा कर देगा। इसका अंदाजा सर्राफ के परिजनों को भी नहीं था। लेकिन जब मंगलवार को 150 ग्राम सोने के आभूषणों के साथ सुदीश गाजियाबाद से लापता हो गए तो परिजनों को अनहोनी का भय सताने लगा। हुआ भी वही। गाजियाबाद के आरोपी सर्राफ ने दोस्ती की आड़ में अपने पेशे और व्यापारिक रिश्तों से कच्चे लालच में गद्दारी कर डाली।
विज्ञापन
सुदीश रस्तौगी का मेरठ ही नहीं, आसपास के सर्राफा व्यापारियों से अच्छा व्यवहार था। वह आभूषणों के पुराने कारीगर भी थे। उनके दोनों बेटे पवन और दीपक भी उनका हाथ बंटाते थे। सुदीश के बड़े बेटे पवन ने बताया कि वह मेरठ के अलावा गाजियाबाद और आसपास के जिलों में सर्राफा व्यापारियों से डीलिंग करते थे। एक माह पहले ही उनकी मुलाकात गाजियाबाद के सर्राफ रोहित से हुई थी। जिसमें रोहित ने उनसे कहा था कि आप कभी मेरे पास आना। मेरे साथ डील कर मुझे भी आजमाकर देखो।
विज्ञापन
मौत खींच ले गई
मंगलवार को गाजियाबाद में सर्राफा बाजार बंद रहता है। लेकिन मौत सुदीश को वहीं खींचकर ले गई थी। रोहित से फोन पर बात कर सुदीश वहां पहुंच गए और रोहित से 150 ग्राम सोना खरीदा था। लेकिन पांच लाख रुपये के सोने की पहली ही डील में रोहित की नीयत में खोट आ गया।
विज्ञापन
पुलिस को दिया चकमा
रोहित ने हत्या की प्लानिंग भी ऐसी बनाई कि पुलिस भी चकमा खा जाए। जूते के फीते से ही गला घोंटकर सुदीश की हत्या कर दी। और शव को ठिकाने लगाने के लिए नहर में फेंक दिया। बृहस्पतिवार देर शाम जब पुलिस ने रोहित से सख्ती से पूछताछ की तो नहर से शव बरामद हो गया।
शव देकर बिलख पड़े बेटे
नहर से पिता का शव बरामद होते ही दोनों बेटे दीपक और पवन बिलख पड़े। उन्होंने रोते हुए कहा कि आखिर ऐसी कौन सी गलती हो गई थी जो जालिमों ने मेरे पिता की जान ले ली। सोना ही लूट लेते तो उन्हें सब्र हो जाता। उन्हें नहीं पता था उन्हें यह दिन भी देखना पड़ेगा।