{"_id":"afe018ab41b485dc1ebb08b66b56049e","slug":"meerut-murder-news-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रिकेट के विवाद में युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
क्रिकेट के विवाद में युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 07 Sep 2015 02:05 AM IST
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गांव करीमपुर में दो दिन पहले क्रिकेट खेलने के दौरान हुई मामूली कहासुनी में रविवार को जूनियर हाईस्कूल परिसर में क्रिकेट देख रहे एक युवक की गांव के ही तीन लोगों ने चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। इसकी जानकारी पाकर कई थाने की फोर्स, सीओ मवाना और एसडीएम मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने परिजनों को हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही पुलिस शव उठा सकी। मृतक के पिता ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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गांव करीमपुर निवासी संतराम उर्फ संते ने बताया कि रविवार शाम को उसका पुत्र राहुल उर्फ राणा (20) खेत से लौट रहा था। रास्ते में मेजर जगदीशपाल जूनियर हाईस्कूल में क्रिकेट देखने लगा। इसी दौरान गांव के रोबिन पुत्र रकम, रकम सिंह और जगत सिंह पुत्रगण प्रकाश ने दो दिन पहले हुई कहासुनी को लेकर गालीगलौज कर दी। राहुल ने विरोध किया तो उन्होंने चाकुओं से प्रहार दिए। वे राहुल को तब तक गोदते रहे जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया।
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शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों को आता देख हत्यारोपी स्कूल की दीवार फांदकर फरार हो गए। इसकी जानकारी पाकर राहुल के परिजन वहां पहुंचे और हंगामा कर दिया। वे उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। हत्या की जानकारी पाकर सीओ डीपी सिंह, बहसूमा एसओ रामरतन यादव, हस्तिनापुर और मवाना की फोर्स गांव पहुंच गई। करीब तीन घंटे चली जद्दोजहद के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम अरविंद कुमार ने मृतक के परिजनों को शासन से हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
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इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेरठ भिजवाया। मृतक के पिता ने हत्यारोपी रोबिन, रकम सिंह और जगत सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस ने आरोपियों के घर ताबड़तोड़ दबिश दी, लेकिन वे हाथ नहीं आए।
खेतीबाड़ी में पिता की मदद करता था राहुल
राहुल बहुत निर्धन परिवार से था। इसके चलते वह पढ़ाई जारी नहीं रख पाया। वह खेतीबाड़ी में ही पिता की मदद करने लगा। वह छह भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। उसके भाई जोनी, सुनील, प्रशांत और बहनें कविता, सोनिया दहाडे़ मारकर रो रही थीं। उसकी मां भी दिमागी रूप से स्वस्थ नहीं है।