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11 लाख की लूट के सदमे में चली गई संदीप की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 29 Oct 2015 02:31 AM IST
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दाल कारोबारी सुशील बंसल से सरेआम 11 लाख रुपये की लूट का खुलासा पुलिस आज करेगी। लेकिन उससे पहले ही कारोबारी को युवा भाई की मौत का झटका लगा है। सुशील और उनका छोटा भाई संदीप साथ मिलकर कारोबार संभाले हुए थे। बुधवार सुबह संदीप को अचानक सीने में दर्द उठा और उनकी मौत हो गई। व्यापारियों में आक्रोश है कि पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पुलिस प्रशासन का एक भी अधिकारी उनके आवास पर नहीं पहुंचा।
विगत शनिवार कारोबारी सुशील बंसल से बदमाशों ने 11 लाख रुपये लूटे थे। वारदात में बदमाशों ने कारोबारी को कार समेत अगवा किया था। तभी से कारोबारी का परिवार दहशत में था। रोजाना पुलिस का उनके आवास पर आना-जाना था। लूटपाट की वारदात को लेकर तरह-तरह की बातें होती थीं। हर बात को कई बार दोहराया जाता रहा।
बताते हैं कि संदीप को इस वारदात से गहरा सदमा लगा था। लेकिन पुलिस इस केस का खुलासा करने में नाकामयाब साबित हुई। बुधवार सुबह करीब नौ बजे संदीप को सीने में तेज दर्द उठा। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। संदीप के परिवार में दो बेटी और एक बेटा हैं। दोपहर बाद गढ़ मुक्तेश्वर स्थित बृजघाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोश
संदीप की मौत की जानकारी व्यापारियों में आग की तरफ फैली। सुशील बंसल के आवास पहुंचे संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता और भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि लूट के बाद पुलिस अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते रहे। पुलिस ने एक बार भी पीड़ित कारोबारी को फोन करके यह नहीं कहा कि घटना का खुलासा कर देंगे। मौत का कारण पुलिस-प्रशासन की लापरवाही है। लूट के सदमे में संदीप की मौत हुई है। इसके बावजूद कोई अधिकारी संवेदना जताने नहीं पहुंचा। इस दौरान विपुल सिंघल, विजय आनंद, संदीप रेवड़ी, संजीव रस्तौगी समेत शहर के कई व्यापारी मौजूद रहे।
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विगत शनिवार कारोबारी सुशील बंसल से बदमाशों ने 11 लाख रुपये लूटे थे। वारदात में बदमाशों ने कारोबारी को कार समेत अगवा किया था। तभी से कारोबारी का परिवार दहशत में था। रोजाना पुलिस का उनके आवास पर आना-जाना था। लूटपाट की वारदात को लेकर तरह-तरह की बातें होती थीं। हर बात को कई बार दोहराया जाता रहा।
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बताते हैं कि संदीप को इस वारदात से गहरा सदमा लगा था। लेकिन पुलिस इस केस का खुलासा करने में नाकामयाब साबित हुई। बुधवार सुबह करीब नौ बजे संदीप को सीने में तेज दर्द उठा। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। संदीप के परिवार में दो बेटी और एक बेटा हैं। दोपहर बाद गढ़ मुक्तेश्वर स्थित बृजघाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पुलिस प्रशासन के प्रति आक्रोश
संदीप की मौत की जानकारी व्यापारियों में आग की तरफ फैली। सुशील बंसल के आवास पहुंचे संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता और भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि लूट के बाद पुलिस अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते रहे। पुलिस ने एक बार भी पीड़ित कारोबारी को फोन करके यह नहीं कहा कि घटना का खुलासा कर देंगे। मौत का कारण पुलिस-प्रशासन की लापरवाही है। लूट के सदमे में संदीप की मौत हुई है। इसके बावजूद कोई अधिकारी संवेदना जताने नहीं पहुंचा। इस दौरान विपुल सिंघल, विजय आनंद, संदीप रेवड़ी, संजीव रस्तौगी समेत शहर के कई व्यापारी मौजूद रहे।