{"_id":"268008ad9f569aff4cf9f9dc31f89c1a","slug":"meerut-crime-news-hindi-news-178","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 हजार के दो इनामी बदमाश दबोचे, कई वारदात खुलीं","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
15 हजार के दो इनामी बदमाश दबोचे, कई वारदात खुलीं
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 19 Feb 2016 02:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेस्ट यूपी में लूटपाट को अंजाम देने वाला गैंग बेनकाब हुआ है। आईजी जोन सुजीत पांडेय द्वारा गठित जोनल क्राइम ब्रांच और जानी थाना पुलिस ने ज्वाइंट टास्क के तहत इस गैंग के सरगना समेत दो बदमाश दबोचे हैं। इन पर गाजियाबाद जिले से 15-15 हजार का इनाम घोषित था। जिनसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लूट की कई वारदातें खुली हैं। जबकि लूटी गईं 12 मोटरसाइकिल, एक मिनी ट्रक और दो तमंचे बरामद हुए हैं। एसएसपी डीसी दूबे ने बृहस्पतिवार को प्रेस वार्ता में इसका खुलासा किया।
विज्ञापन
गिरफ्तार बदमाश
1. दीपक पुत्र श्रीराम निवासी गांव खिंदौड़ा, गाजियाबाद (सरगना)
निवाड़ी थाने का हिस्ट्रीशीटर, संगीन धाराओं में 18 केस दर्ज
2. मोहित पुत्र यशवीर निवासी गांव करनावल थाना सरूरपुर
हत्या के दो मामलों में जेल जा चुका, संगीन धाराओं में 14 केस दर्ज
गैंग के अन्य बदमाश
राहुल, भानू, विपिन पंडित, अजीत निवासी पतला निवाड़ी गाजियाबाद, गौरव निवासी सरूरपुर, जितेेंद्र निवासी गांव कुराली मेरठ।
ऐसे करते थे लूट
गैंग के सदस्य खासकर बैंक में आने वाले लोगों की रैकी करते थे। जो भी बैंक से बैग, थैला या ब्रीफकेस लेकर निकलता था, उसकी सूचना रैकी करने वाला गैंग का सदस्य अपने दूसरे साथियों को देता था। जिसके बाद बदमाश बाइक से उसके पीछे लग जाते थे। मौका पाकर उसे रास्ते में लूट लेते थे। यह गैंग अधिकांश कस्बे और ग्रामीण इलाकों में वारदातें करता है। अधिकांश घटनाएं रजवाहे की पटरी और सुनसान जगहों पर की गईं। गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ में मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में लूट की तीन और सरधना की एक, गाजियाबाद के निवाड़ी थाना क्षेत्र की दो, पिलखुवा की एक, बागपत के बिनौली, अमीनगर सराय और टटीरी की एक-एक वारदात खुली।
विज्ञापन
खुली पुलिस की पोल
बदमाशों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने टटीरी बागपत और अमीनगर सराय के हिसावदा में लूटपाट की थी। क्राइम ब्रांच ने जब संबंधित थानों से संपर्क किया तो पता चला कि पुलिस ने दोनों ही वारदात दर्ज नहीं की थीं। जिससे साफ है कि पुलिस आंकड़ों की बाजीगरी में घटनाओं को छिपाती है और उन्हें दर्ज नहीं किया जाता।
विज्ञापन
पुलिस कस्टडी में थी हत्या की तैयारी
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश मोहित के पिता यशवीर की हत्या में करनावल गांव के ही विजय और विक्रांत को नामजद किया गया था। जिनसे बदला लेने के लिए वह अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों की पुलिस कस्टडी में हत्या करने की योजना बना रहा था। हालांकि प्लानिंग फाइनल होने से पहले ही वह धरा गया।
सब कुछ गोलमाल
गिरफ्तार बदमाशों ने लूट की डेढ़ दर्जन से ज्यादा वारदात कीं, लेकिन पुलिस उनसे एक रुपये भी बरामद नहीं कर पाई। जबकि यह भी स्पष्ट नहीं हुआ कि बरामद 12 बाइक कहां से लूटी गई थीं।