फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   In superstition, the intellect is corrupt, Sanjay's blood with blood, lamp of two families stopped

अंधविश्वास में हुई बुद्धि भ्रष्ट, संजय ने रंगे खून से हाथ, बुझ गया दो परिवारों का चिराग

Fri, 21 Apr 2017 11:05 PM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला/ ब्यूरो, मेरठ Updated Fri, 21 Apr 2017 11:05 PM IST
विज्ञापन
In superstition, the intellect is corrupt, Sanjay's blood with blood, lamp of two families stopped
हत्यारे को ले जाती पुलिस

मेरठ में संजय ने अंधविश्वास में पड़कर अपने हाथ खून से रंग लिए। उसकी ससुराल सिंकदराबाद (बुलंदशहर) में है। जहां की एक महिला तांत्रिक क्रिया करती है। संजय उसे आंटी कहता था। इसी आंटी ने संजय की ऐसी बुद्धि भ्रष्ट की कि संजय ने दो परिवार उजाड़ दिए। 

विज्ञापन


हत्यारोपी संजय से पूछताछ के बाद सीओ और एसओ कोतवाली ने बताया कि संजय के साले रोहित की 29 अप्रैल को शादी है। बुधवार को संजय पत्नी ज्योति के साथ सिकंदराबाद गया था। इस तांत्रिक महिला ने संजय को राई के दाने देकर कहा था कि तुम्हारे भाई की पत्नी कोमल ने तुम सब भाईयों पर टोटका कर रखा है। जिसकी वजह से सारे काम रुके पड़े हैं। कोमल को रास्ते से हटा दोगे तो तुम्हारा परिवार उभर पाएगा। वहां से लौटकर संजय ने पहले अपने और फिर उमेश के घर राई के दाने बिखेरे थे। इसको लेकर उसकी कोमल से झड़प भी हुई थी। लेकिन संबंधों की वजह से कोमल उस पर विश्वास भी करती थी। संजय का दो साल का बेटा छह माह का लगता था। उसे यहां भी शक था कि कोमल ने कोई टोटका किया है। तांत्रिक महिला की बातों और अंधविश्वास में आकर ही उसने कोमल को मार डाला।

विज्ञापन

मेरी गलती तो बताओ

In superstition, the intellect is corrupt, Sanjay's blood with blood, lamp of two families stopped
मौके पर मिली शराब

संजय ने कोमल का गला दबाते कहा था कि आज तुझे मार दूं? जिस पर कोमल बोली कि मेरी एक तो गलती बताओ। कोमल को यकीन था कि संजय ऐसा नहीं कर सकता। लेकिन संजय तो उसे जान से मारने के इरादे से ही आया था। संजय ने उसके मुंह पर हथेली कस दी थी। तीन बार लंबी सांस लेने के बाद कोमल शांत हो गई थी।  

संजय ये तूने क्या कर डाला!
वारदात के बाद संजय ने अपने घर पहुंचकर पत्नी ज्योति से कोमल की हत्या करने की बात बताई। यह सुनकर ज्योति चिल्लाकर बोली कि तुम शराब के नशे में सच में तो कोमल को नहीं मार आए। ज्योति संजय को खींचते हुए उमेश के घर पहुंची। जहां कोमल का शव देखकर ज्योति बोली कि संजय तूने ये क्या कर डाला।

लेकिन शराब रोज चाहिए
कोतवाली की हवालात में फूट-फूटकर रोते हुए हत्यारोपी संजय बोला कि उसके बडे़ भाई विकास और उमेश मानसिक रुप से कमजोर हैं। छोटा भरत भी कुछ काम नहीं करता। लेकिन शराब रोज पीने को चाहिए। यही वजह थी कि 100-100 रुपये मिलते ही दोनों भाई शराब पीने चले गए थे। संजय ने भी हत्या से पहले और बाद में शराब का एक-एक क्वार्टर पिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed