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हम तो अपनी शादी की तैयारियों में जुटे थे

Sun, 26 Jun 2016 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 26 Jun 2016 01:19 AM IST
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ट्रिपल मर्डर - फोटो : अमर उजाला
 मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरी मोहब्बत ऐसे मुकाम पर आकर खत्म होगी। वह दुनिया से चली गई तो मुझे उसके समेत तीन लोगों के कत्ल में शामिल होने के शक में सात दिन पुलिस हिरासत में रहना पड़ा। वह भी उस दौरान, जब हम दोनों अपनी शादी की तैयारियों में जुटे थे। यह दर्द है शास्त्रीनगर के तिहरे हत्याकांड में मारी गई रिया उर्फ रेनू के दोस्त पुष्पेंद्र उर्फ पिंटू का।
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औरंगशाहपुर डिग्गी निवासी पुष्पेंद्र उर्फ पिंटू ने वर्ष-2007 में 12वीं पास की। इसके बाद एनएएस से बीएससी की पढ़ाई बीच में छोड़कर वर्ष-2009 में मोदीपुरम स्थित एक प्राइवेट संस्थान से बीटेक में एडमिशन ले लिया। वहां उसकी दोस्ती रिश्ते में साली शेरगढ़ी निवासी रिया से हुई। पुष्पेंद्र का दावा है कि वर्ष-2011 में उसने रिया से कोर्ट मैरिज कर ली थी।
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बीटेक के बाद पुष्पेंद्र की जॉब लगी तो रिया ने बीए में एडमिशन ले लिया। पुष्पेंद्र एक कंपनी में जॉब करता है। पुष्पेंद्र के मुताबिक, रिया बताती थी कि वह एक ब्यूटी पार्लर की संचालिका है। रिया कहां जाती थी और कब आती थी इसके बारे में वह कभी पूछता नहीं था। उसने बताया कि हमने कोर्ट मैरिज की बात परिजनों को नहीं बताई थी। लेकिन, यह जरूर बता दिया था कि गंगा स्नान के बाद शादी कर लेंगे। इस पर दोनों के परिजन तैयार भी थे।
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18 जून की सुबह 10 बजे रिया ने पुष्पेंद्र को फोन करके प्रवेश विहार में अपने फ्लैट पर बुलाया। रिया ने पुष्पेंद्र से कार चलाना भी सीखा। एक घंटे कार चलाने के बाद दोनों रिया की बहन के घर पहुंचे। तीन बजे दोनों वापस रिया के फ्लैट पर पहुंचे। वहां रिया ने कहा कि उसे शास्त्रीनगर में आंटी के घर जाना है।
रिया ने अपनी स्कूटी उठाई और फ्लैट से निकल गई। पांच बजे के बाद पुष्पेंद्र ने रिया को कॉल की तो फोन रिसीव नहीं हुआ। कई बार कॉल करने के बाद फोन स्विच ऑफ आया तो उसने रिया की बहन पूनम को जानकारी दी। शाम के आठ बजे पुष्पेंद्र शास्त्रीनगर में चंद्रशेखर के घर पहुंचा तो वहां पुलिस और भीड़ जुटी थी। पता चला कि यहां मर्डर हो गया। इस पर वह भागकर रिया के फ्लैट पर पहुंचा। रात नौ बजे पुलिस ने रिया की बहन के मोबाइल पर फोन कर रिया को तलाश करने की बात कहते हुए पुष्पेंद्र को बुलवाया। इसके बाद पुुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

मैने सब सच बताया
शुक्रवार रात जब पुष्पेंद्र अपने घर पहुंचा तो उसे देख परिजन फफक पड़े। शनिवार को पुष्पेंद्र ने अपनी मां और अन्य परिजनों के सामने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे पीटा भी, लेकिन वह सच्चाई बोलता रहा। पुष्पेंद्र ने बचपन से लेकर रिया के साथ आखिरी बार हुई बात के बारे में बताया। पुष्पेंद्र का कहना है कि  पुलिस सच्चाई तक पहुंची और तीनों आरोपी जेल गये। मैं बेगुनाह था, पुलिस ने मुझे छोड़ दिया, इसे मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगा।


नहीं लिये थे 20 हजार
पुष्पेंद्र ने बताया कि रिया के सहारे वह चंद्रशेखर के घर आता-जाता रहता था। आंटी (पूनम) से एलसीडी भी खरीदी थी। पुष्पेंद्र ने इन आरोपों को नकार दिया कि 18 जून को उसने रिया से 20 हजार रुपये लिये थे।
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