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अब आरोपियों की खातिरदारी में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:54 AM IST
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थाने में बैठे हसन के हत्यारोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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हसन हत्याकांड में समझौते की बोली लगने के बाद कंकरखेड़ा पुलिस ने हत्यारोपियों की मेहमाननवाजी में पूरी ताकत झोंक दी है। आरोपियों की इशारे पर नाच रही खाकी थाने में उनकी जमकर खातिरदारी कर रही है। इसको लेकर आईजी और डीआईजी ने नाराजगी जताई है। डीआईजी ने एसएसपी से कहा कि नामजद तीनों आरोपियों को तत्काल जेल भेजो, अन्यथा थानेदार पर कार्रवाई करो।
कंकरखेड़ा क्षेत्र के लाला मोहम्मदपुर गांव में बृहस्पतिवार को दुल्हैंडी पर हर्षवर्धन और अरुण सैनी का विवाद हो गया था। इसमें हर्षवर्धन ने अपने नौकर हसन को दूसरे पक्ष की तरफदारी करने पर गोली मार दी थी, जिसमें उसकी मौत हो गई। मामला सांप्रदायिक बना और तोड़फोड़, हंगामा, आगजनी का प्रयास हुआ। कंकरखेड़ा पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर हर्षवर्धन उसके बेटे श्रवण और अरुण सैनी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद कंकरखेड़ा पुलिस ने आरोपी हर्षवर्धन से दस लाख रुपये का चेक लेकर पीड़ित परिवार को दे समझौते की बात कही। इतना ही नहीं कंकरखेड़ा पुलिस ने समझौता कराने के नाम पर अपने दो लाख रुपये भी आरोपी पक्ष से तय कर लिए। कंकरखेड़ा पुलिस नामजद आरोपियों की तीन दिन से खातिरदारी करने में लगी हुई है। सरेआम हत्या होने के मामले में पुलिस द्वारा समझौता कराने की जानकारी आईजी और डीआईजी को लगी तो उन्होंने एसएसपी से फोन पर बात की। नामजद आरोपियों को तत्काल जेल भेजने और मर्डर में ही चार्जशीट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए।
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‘पुलिस को नहीं समझौता कराने का अधिकार’
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में पुलिस को समझौता कराने का कोई अधिकार नहीं है। इस मामले में एसएसपी से बातचीत हुई थी। उनको निर्देश दिए हैं कि तीनों नामजद आरोपियों को तत्काल जेल भेजा। डीआईजी के निर्देश के बावजूद तीनों नामजद आरोपियों की खातिरदारी करने में कंकरखेड़ा की पुलिस जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो थाना पुलिस अब अधिकारियों से साठगांठ कर करने में जुटी हुई है। ताकि हत्या के मामले को हादसा दर्शाया जा सके।
समझौता नामंजूर, जेल भेजेंगे
एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि समझौता नामंजूर किया गया है। नामजद आरोपियों को जेल भेजने को एसओ कंकरखेड़ा से कहा गया है। अधिकारियों के निर्देश के बाद भी आरोपियों को जेल नहीं भेजा तो एसओ पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, कंकरखेड़ा एसओ यादराम यादव ने बताया कि पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये का चेक देकर आरोपियों ने समझौता कर लिया है। मामले की जांच चल रही है। जांच पड़ताल के बाद आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
एक करोड़ तक पहुंचा दी हत्या की बोली
मेरठ। हसन की मौत की बोली लगाने वालों का कंकरखेड़ा थाने में जमवाड़ा लगा हुआ है। पुलिस का दावा है कि आरोपी पक्ष के लोगों ने दस लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये की बोली लगा दी। गांव में पंचायत भी हुई । कंकरखेड़ा पुलिस बार-बार अधिकारियों को फोन कर समझौते कराने की बात कर रही है, जबकि अफसरों ने साफ कहा कि आरोपियों को जेल भेजो। इस मामले को लेकर सपा नेताओं ने आरोपियों के पक्ष से थाने में डेरा डाला हुआ है।
आरोपियों को कागजों में दाखिल नहीं किया
सीओ दौराला डॉ. अरविंद कुमार और एसओ कंकरखेड़ा यादराम यादव का कहना कि देर रात तक नामजद आरोपियों को दाखिल नहीं किया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जबकि तीनों आरोपी तीन दिन से थने में बैठे हैं।
फोटो खींचने पर पत्रकार को धमकी
कंकरखेड़ा थाने में बैठे नामजद आरोपियों का एक पत्रकार ने फोटो खींचा तो पुलिसकर्मियों ने उस पर हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों ने पत्रकार पर रायफल तानकर धमकाया। हालांकि बाद में पुलिस ने पत्रकार से माफी मांग ली।
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कंकरखेड़ा क्षेत्र के लाला मोहम्मदपुर गांव में बृहस्पतिवार को दुल्हैंडी पर हर्षवर्धन और अरुण सैनी का विवाद हो गया था। इसमें हर्षवर्धन ने अपने नौकर हसन को दूसरे पक्ष की तरफदारी करने पर गोली मार दी थी, जिसमें उसकी मौत हो गई। मामला सांप्रदायिक बना और तोड़फोड़, हंगामा, आगजनी का प्रयास हुआ। कंकरखेड़ा पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर हर्षवर्धन उसके बेटे श्रवण और अरुण सैनी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
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इसके बाद कंकरखेड़ा पुलिस ने आरोपी हर्षवर्धन से दस लाख रुपये का चेक लेकर पीड़ित परिवार को दे समझौते की बात कही। इतना ही नहीं कंकरखेड़ा पुलिस ने समझौता कराने के नाम पर अपने दो लाख रुपये भी आरोपी पक्ष से तय कर लिए। कंकरखेड़ा पुलिस नामजद आरोपियों की तीन दिन से खातिरदारी करने में लगी हुई है। सरेआम हत्या होने के मामले में पुलिस द्वारा समझौता कराने की जानकारी आईजी और डीआईजी को लगी तो उन्होंने एसएसपी से फोन पर बात की। नामजद आरोपियों को तत्काल जेल भेजने और मर्डर में ही चार्जशीट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए।
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‘पुलिस को नहीं समझौता कराने का अधिकार’
डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में पुलिस को समझौता कराने का कोई अधिकार नहीं है। इस मामले में एसएसपी से बातचीत हुई थी। उनको निर्देश दिए हैं कि तीनों नामजद आरोपियों को तत्काल जेल भेजा। डीआईजी के निर्देश के बावजूद तीनों नामजद आरोपियों की खातिरदारी करने में कंकरखेड़ा की पुलिस जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो थाना पुलिस अब अधिकारियों से साठगांठ कर करने में जुटी हुई है। ताकि हत्या के मामले को हादसा दर्शाया जा सके।
समझौता नामंजूर, जेल भेजेंगे
एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि समझौता नामंजूर किया गया है। नामजद आरोपियों को जेल भेजने को एसओ कंकरखेड़ा से कहा गया है। अधिकारियों के निर्देश के बाद भी आरोपियों को जेल नहीं भेजा तो एसओ पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, कंकरखेड़ा एसओ यादराम यादव ने बताया कि पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये का चेक देकर आरोपियों ने समझौता कर लिया है। मामले की जांच चल रही है। जांच पड़ताल के बाद आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
एक करोड़ तक पहुंचा दी हत्या की बोली
मेरठ। हसन की मौत की बोली लगाने वालों का कंकरखेड़ा थाने में जमवाड़ा लगा हुआ है। पुलिस का दावा है कि आरोपी पक्ष के लोगों ने दस लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये की बोली लगा दी। गांव में पंचायत भी हुई । कंकरखेड़ा पुलिस बार-बार अधिकारियों को फोन कर समझौते कराने की बात कर रही है, जबकि अफसरों ने साफ कहा कि आरोपियों को जेल भेजो। इस मामले को लेकर सपा नेताओं ने आरोपियों के पक्ष से थाने में डेरा डाला हुआ है।
आरोपियों को कागजों में दाखिल नहीं किया
सीओ दौराला डॉ. अरविंद कुमार और एसओ कंकरखेड़ा यादराम यादव का कहना कि देर रात तक नामजद आरोपियों को दाखिल नहीं किया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जबकि तीनों आरोपी तीन दिन से थने में बैठे हैं।
फोटो खींचने पर पत्रकार को धमकी
कंकरखेड़ा थाने में बैठे नामजद आरोपियों का एक पत्रकार ने फोटो खींचा तो पुलिसकर्मियों ने उस पर हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों ने पत्रकार पर रायफल तानकर धमकाया। हालांकि बाद में पुलिस ने पत्रकार से माफी मांग ली।