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जानी में 19 गायें काटीं, विरोध में साढ़े तीन घंटे जाम
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Tue, 25 Oct 2016 02:10 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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जानी कलां के जंगल में सोमवार सुबह 19 गायें कटीं मिलने से हड़कंप मच गया। गोकशी से भड़के हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने बागपत रोड को साढ़े तीन घंटे से ज्यादा जाम कर जमकर हंगामा काटा। एसओ जानी को सस्पेंड करने और गोकशी के आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग पर अड़े लोगों को पुलिस प्रशासन के अफसरों ने बमुश्किल समझाकर शांत किया। पुलिस ने पशु चिकित्सक को बुलाकर अवशेषों की जांच के बाद उन्हें गड्ढे में दबवा दिया।
सोमवार सुबह करीब आठ बजे मुखबिर ने गोकशी होने की सूचना जानी थाना पुलिस को दी। जिस पर सीओ सरधना चंद्रपाल सिंह यादव ने एसओ जानी, एसओ सरूरपुर, एसओ रोहटा व एसओ सरधना समेत पुलिस फोर्स के साथ जानी कलां के जंगल में छापा मारा। जंगल में दो होंडा सिटी कार खड़ी थीं। गोकशी के आरोपी पुलिस के सामने ही गाड़ियां छोड़कर ईख के खेतों से होते हुए फरार हो गए। मौके पर काफी मात्रा में गाय कटीं मिलने पर पुलिस अफसरों के होश उड़ गए। गिनती करने पर सामने आया कि आरोपी 19 गाय काट चुके थे। मौके पर ही कटान के औजार और काफी मात्रा में मांस पड़ा मिला।
गोकशी की जानकारी लगते ही जानी खुर्द और जानी कलां के ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में जंगल में पहुंच गए। पुलिस ने आनन फानन में जेसीबी बुलाकर कटी गायों को मिट्टी में दबवाने का काम शुरू कराया तो ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए पशु चिकित्सकों को बुलाने की मांग की। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने जानी के सरकारी अस्पताल से पशु चिकित्सक राकेश यादव क ो बुलाकर मांस के सैंपल भरवाए। उसके बाद दो जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर गायों के अवशेषों को दबवाया गया।
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हिंदू संगठनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम
जानी में 19 गायों को काटने का पता लगते ही हिंदू संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया। भाजपा, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद समेत कई दलों के नेताओं ने जानी थाने में हंगामा किया। बागपत रोड पर अलग-अलग जगह पर साढ़े तीन घंटे से ज्यादा जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से गोकशी कराई जा रही थी। भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह, सुनील भराला, भाजपा नेता अतुल कुमार सिंह, बजरंग दल नेता बलराज डूंगर, सत्येंद्र भराला, अनीता सिंह, जितेंद्र सिंह, अंकुर राणा, डॉ. केपी सिंह आदि ने जाम के दौरान गोकशी के आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और जानी थाना प्रभारी को सस्पेंड करने की मांग शुरू कर दी।
सूचना पर एसपी देहात प्रवीण रंजन, एडीएम प्रशासन दिनेश चंद्र, एसडीएम सदर हर्षिता माथुर समेत कई थानों की पुलिस पहुंची। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने आश्वासन दिया कि गोकशी के आरोपियों की गिरफ्तारी होगी और उन पर रासुका की भी कार्रवाई होगी। इसके बाद करीब चार घंटे बाद जाम खोला गया।
गोकशी के खिलाफ आक्रोश भड़का तो पुलिस अफसर सहम गए। बागपत रोड पर जाम से ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने और भीड़ के आक्रोश को देखते हुए रूट डायवर्जन करना पड़ा।
सोमवार सुबह जब 19 गायें काटने की सूचना देहात इलाके में आग की तरह फैली तो जानी और उसके आसपास के गांवों से लोग सड़कों पर पहुंच गए। हिंदू संगठन और भाजपा नेताओं ने कहा कि गोकशी के दौरान मौके से होंडा सिटी मिलने से साफ है कि आरोपियों के हाथ कहां तक फैले हैं। आरोपी ईख के खेत में घुसकर भागे, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा करना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस अगर घेराबंदी करती तो वह मौके से पकड़े जा सकते थे। पुलिस चाहे तो बरामद कारों से उनका पता लगा सकती है।
दिल्ली और सरधना की गाड़ी
पुलिस के अनुसार एक होंडा सिटी दिल्ली के अतुल मल्होत्रा और दूसरी सरधना निवासी आसिफ की बताई गई। अतुल मल्होत्रा को पुलिस ने फोन किया तो उसने गाड़ी किसी दूसरे को बेचना बताया, जबकि आसिफ का फोन स्विच ऑफ मिला।
दस नामजद, पांच अज्ञात पर केस
एसओ जानी ने बताया कि गोकशी करने वालों आरोपियों की पहचान हो गई है। दस आरोपी जानी और पांच सिवालखास के हैं। इन सभी के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
जाम में फंसे सैकड़ों वाहन
साढ़े तीन घंटे से ज्यादा जाम लगने से बागपत रोड दिन भर प्रभावित रहा। वहां से गुजरने वाले लोग एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि क्या जानी में बवाल हो गया। पुलिस ने रोहटा मार्ग और बालैनी से पुरा महादेव होते हुए रोहटा मार्ग की वाहनों का रूट डायवर्जन किया। वहीं, जाम में सैकड़ों वाहन फंसे रहे। जाम खुलने के बाद पुलिस ने ट्रैफिक सुचारु कर फंसे वाहनों को निकाला।
सुनसान जगह बनाया था अड्डा
सीओ सरधना ने बताया कि आरोपियों ने गोकशी करने के लिए जानी कलां के जंगल में सुनसान जगह पर अड्डा बनाया हुआ था। दिन में भी वहां पर बहुत कम लोग जाते हैं। अंदेशा है कि काफी लंबे समय से यहां पर गोकशी होती है। सोमवार तड़के चार बजे पुलिस ने छापा मारा था। काफी तलाशने के बाद पुलिस को जंगल में एक लाइट दिखी। तब जाकर पुलिसकर्मी वहां पहुंचे।
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सोमवार सुबह करीब आठ बजे मुखबिर ने गोकशी होने की सूचना जानी थाना पुलिस को दी। जिस पर सीओ सरधना चंद्रपाल सिंह यादव ने एसओ जानी, एसओ सरूरपुर, एसओ रोहटा व एसओ सरधना समेत पुलिस फोर्स के साथ जानी कलां के जंगल में छापा मारा। जंगल में दो होंडा सिटी कार खड़ी थीं। गोकशी के आरोपी पुलिस के सामने ही गाड़ियां छोड़कर ईख के खेतों से होते हुए फरार हो गए। मौके पर काफी मात्रा में गाय कटीं मिलने पर पुलिस अफसरों के होश उड़ गए। गिनती करने पर सामने आया कि आरोपी 19 गाय काट चुके थे। मौके पर ही कटान के औजार और काफी मात्रा में मांस पड़ा मिला।
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गोकशी की जानकारी लगते ही जानी खुर्द और जानी कलां के ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में जंगल में पहुंच गए। पुलिस ने आनन फानन में जेसीबी बुलाकर कटी गायों को मिट्टी में दबवाने का काम शुरू कराया तो ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए पशु चिकित्सकों को बुलाने की मांग की। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने जानी के सरकारी अस्पताल से पशु चिकित्सक राकेश यादव क ो बुलाकर मांस के सैंपल भरवाए। उसके बाद दो जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर गायों के अवशेषों को दबवाया गया।
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हिंदू संगठनों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम
जानी में 19 गायों को काटने का पता लगते ही हिंदू संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया। भाजपा, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद समेत कई दलों के नेताओं ने जानी थाने में हंगामा किया। बागपत रोड पर अलग-अलग जगह पर साढ़े तीन घंटे से ज्यादा जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से गोकशी कराई जा रही थी। भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह, सुनील भराला, भाजपा नेता अतुल कुमार सिंह, बजरंग दल नेता बलराज डूंगर, सत्येंद्र भराला, अनीता सिंह, जितेंद्र सिंह, अंकुर राणा, डॉ. केपी सिंह आदि ने जाम के दौरान गोकशी के आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और जानी थाना प्रभारी को सस्पेंड करने की मांग शुरू कर दी।
सूचना पर एसपी देहात प्रवीण रंजन, एडीएम प्रशासन दिनेश चंद्र, एसडीएम सदर हर्षिता माथुर समेत कई थानों की पुलिस पहुंची। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने आश्वासन दिया कि गोकशी के आरोपियों की गिरफ्तारी होगी और उन पर रासुका की भी कार्रवाई होगी। इसके बाद करीब चार घंटे बाद जाम खोला गया।
गोकशी के खिलाफ आक्रोश भड़का तो पुलिस अफसर सहम गए। बागपत रोड पर जाम से ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने और भीड़ के आक्रोश को देखते हुए रूट डायवर्जन करना पड़ा।
सोमवार सुबह जब 19 गायें काटने की सूचना देहात इलाके में आग की तरह फैली तो जानी और उसके आसपास के गांवों से लोग सड़कों पर पहुंच गए। हिंदू संगठन और भाजपा नेताओं ने कहा कि गोकशी के दौरान मौके से होंडा सिटी मिलने से साफ है कि आरोपियों के हाथ कहां तक फैले हैं। आरोपी ईख के खेत में घुसकर भागे, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा करना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस अगर घेराबंदी करती तो वह मौके से पकड़े जा सकते थे। पुलिस चाहे तो बरामद कारों से उनका पता लगा सकती है।
दिल्ली और सरधना की गाड़ी
पुलिस के अनुसार एक होंडा सिटी दिल्ली के अतुल मल्होत्रा और दूसरी सरधना निवासी आसिफ की बताई गई। अतुल मल्होत्रा को पुलिस ने फोन किया तो उसने गाड़ी किसी दूसरे को बेचना बताया, जबकि आसिफ का फोन स्विच ऑफ मिला।
दस नामजद, पांच अज्ञात पर केस
एसओ जानी ने बताया कि गोकशी करने वालों आरोपियों की पहचान हो गई है। दस आरोपी जानी और पांच सिवालखास के हैं। इन सभी के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
जाम में फंसे सैकड़ों वाहन
साढ़े तीन घंटे से ज्यादा जाम लगने से बागपत रोड दिन भर प्रभावित रहा। वहां से गुजरने वाले लोग एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि क्या जानी में बवाल हो गया। पुलिस ने रोहटा मार्ग और बालैनी से पुरा महादेव होते हुए रोहटा मार्ग की वाहनों का रूट डायवर्जन किया। वहीं, जाम में सैकड़ों वाहन फंसे रहे। जाम खुलने के बाद पुलिस ने ट्रैफिक सुचारु कर फंसे वाहनों को निकाला।
सुनसान जगह बनाया था अड्डा
सीओ सरधना ने बताया कि आरोपियों ने गोकशी करने के लिए जानी कलां के जंगल में सुनसान जगह पर अड्डा बनाया हुआ था। दिन में भी वहां पर बहुत कम लोग जाते हैं। अंदेशा है कि काफी लंबे समय से यहां पर गोकशी होती है। सोमवार तड़के चार बजे पुलिस ने छापा मारा था। काफी तलाशने के बाद पुलिस को जंगल में एक लाइट दिखी। तब जाकर पुलिसकर्मी वहां पहुंचे।