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फर्जी फाइनेंस कंपनी का भंडाफोड़, सात गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Dec 2016 01:58 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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लिसाड़ी गेट पुलिस ने जाकिर कॉलोनी स्थित सोनम पैलेस में मंगलवार रात सेक्स रैकेट की सूचना पर छापा मारा तो वहां फर्जी फाइनेंस कंपनी का भंडाफोड़ हो गया। मौके से सात आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रत्येक पांच-छह माह में फाइनेंस कंपनी का ऑफिस के साथ नाम बदल देते थे। लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
कंपनी की आड़ में गैंग
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि यहां फाइनेंस कंपनी की आड़ में गैंग चलाया जा रहा था। नाजिम इस गैंग का सरगना है। जिसने बताया कि हापुड़ रोड पर यह फाइनेंस कंपनी वह तीन माह से अपने साथियों कासिफ, सलाउद्दीन, शहबाज व रजनीश के साथ चला रहा था। तीन अन्य युवक भी कंपनी में पार्टनर हैं। मौके से नाजिम पुत्र आकिल निवासी, फरमान चौहान पुत्र मुजफ्फर, आसिफ पुत्र हामिद, सलमान पुत्र बुंदू (सभी निवासी रसूलपुर औरंगाबाद), कासिफ पुत्र वहाब, हैदर पुत्र लियाकत और फरहान पुत्र परवेज (सभी निवासी विकासपुरी लिसाड़ीगेट) को गिरफ्तार किया गया। जबकि रसूलपुर औरंगाबाद निवासी आदिल पुत्र आकिल, जाकिर कॉलोनी निवासी सलाउद्दीन पुत्र मल्लू खां और शाहबाज पुत्र सलाउद्दीन के अलावा न्यू गोविंदपुरी निवासी रजनीश पुत्र कमल सिंह फरार हो गए।
ऐसे करते थे ठगी
एसपी सिटी के अनुसार ये गैंग 20 लाख रुपये तक का एजूकेशन, होम या पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्घनगर, हरियाणा, उड़ीसा, बिहार और अन्य प्रदेश के लोगों के फोन नंबर इंटरनेट के माध्यम से जुटाते थे। इन्होंने फाइनेंस ऑफिस में 11 युवतियां पांच हजार रुपये माहवार नौकरी पर रखी हैं। जो लोन दिलाने के नाम पर लोगों को कॉल कर ऑफिस बुलाती थीं। लोन का आवेदन करने वाले से लीगल और फाइल चार्ज के नाम पर पांच से दस प्रतिशत राशि कंपनी के बैंक खाते में डलवाकर सभी डॉक्यूमेंट्स ले लेते थे। इसके बाद कोई आपत्ति लगाकर लोन रिजेक्ट कर देते थे। आवेदनकर्ता अपने पैसे मांगता तो बाउंसरों से पिटवाकर धमकी देकर भगा दिया जाता था। बीस दिन पहले इस ऑफिस में हापुड़ निवासी एक युवक की अपने जमा किए गए 30 हजार रुपये मांगने पर पिटाई कर दी थी।
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सलाउद्दीन है हिस्ट्रीशीटर
सीओ कोतवाली ने बताया कि जिस कांपलेक्स में फाइनेंस कंपनी चल रही थी, उसका मालिक सलाउद्दीन है, जिसकी लिसाड़ी गेट थाने पर 72 ए नाम से हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। हिस्ट्रीशीटर भी इस फर्जी फाइनेंस कंपनी से जुड़ा है।
बरामद सामान
एक सूटकेस, काफी संख्या में फाइल, मोहर, लोन लेने वाले व्यक्तियों के नाम-पते, 18 रजिस्टर, आठ पीएनटी व दो डब्लूएलएम फोन, एक लैपटॉप, दो डेस्कटॉप, दो मॉनीटर, दो यूपीएस, चार माउस, टेलीसॉफ्ट आदि।
पढ़ाई के बहाने फर्जीवाड़ा
सीओ के अनुसार नाजिम बीकॉम कर चुका है। कासिफ एलएलबी कर रहा है। फरमान दसवीं पास है। हैदर बीकॉम कर चुका है और आसिफ इंटर पास है। सलमान 12 वीं और रजनीश बीकॉम की पढ़ाई कर चुका है।
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कंपनी की आड़ में गैंग
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बुधवार को प्रेस वार्ता में बताया कि यहां फाइनेंस कंपनी की आड़ में गैंग चलाया जा रहा था। नाजिम इस गैंग का सरगना है। जिसने बताया कि हापुड़ रोड पर यह फाइनेंस कंपनी वह तीन माह से अपने साथियों कासिफ, सलाउद्दीन, शहबाज व रजनीश के साथ चला रहा था। तीन अन्य युवक भी कंपनी में पार्टनर हैं। मौके से नाजिम पुत्र आकिल निवासी, फरमान चौहान पुत्र मुजफ्फर, आसिफ पुत्र हामिद, सलमान पुत्र बुंदू (सभी निवासी रसूलपुर औरंगाबाद), कासिफ पुत्र वहाब, हैदर पुत्र लियाकत और फरहान पुत्र परवेज (सभी निवासी विकासपुरी लिसाड़ीगेट) को गिरफ्तार किया गया। जबकि रसूलपुर औरंगाबाद निवासी आदिल पुत्र आकिल, जाकिर कॉलोनी निवासी सलाउद्दीन पुत्र मल्लू खां और शाहबाज पुत्र सलाउद्दीन के अलावा न्यू गोविंदपुरी निवासी रजनीश पुत्र कमल सिंह फरार हो गए।
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ऐसे करते थे ठगी
एसपी सिटी के अनुसार ये गैंग 20 लाख रुपये तक का एजूकेशन, होम या पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्घनगर, हरियाणा, उड़ीसा, बिहार और अन्य प्रदेश के लोगों के फोन नंबर इंटरनेट के माध्यम से जुटाते थे। इन्होंने फाइनेंस ऑफिस में 11 युवतियां पांच हजार रुपये माहवार नौकरी पर रखी हैं। जो लोन दिलाने के नाम पर लोगों को कॉल कर ऑफिस बुलाती थीं। लोन का आवेदन करने वाले से लीगल और फाइल चार्ज के नाम पर पांच से दस प्रतिशत राशि कंपनी के बैंक खाते में डलवाकर सभी डॉक्यूमेंट्स ले लेते थे। इसके बाद कोई आपत्ति लगाकर लोन रिजेक्ट कर देते थे। आवेदनकर्ता अपने पैसे मांगता तो बाउंसरों से पिटवाकर धमकी देकर भगा दिया जाता था। बीस दिन पहले इस ऑफिस में हापुड़ निवासी एक युवक की अपने जमा किए गए 30 हजार रुपये मांगने पर पिटाई कर दी थी।
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सलाउद्दीन है हिस्ट्रीशीटर
सीओ कोतवाली ने बताया कि जिस कांपलेक्स में फाइनेंस कंपनी चल रही थी, उसका मालिक सलाउद्दीन है, जिसकी लिसाड़ी गेट थाने पर 72 ए नाम से हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। हिस्ट्रीशीटर भी इस फर्जी फाइनेंस कंपनी से जुड़ा है।
बरामद सामान
एक सूटकेस, काफी संख्या में फाइल, मोहर, लोन लेने वाले व्यक्तियों के नाम-पते, 18 रजिस्टर, आठ पीएनटी व दो डब्लूएलएम फोन, एक लैपटॉप, दो डेस्कटॉप, दो मॉनीटर, दो यूपीएस, चार माउस, टेलीसॉफ्ट आदि।
पढ़ाई के बहाने फर्जीवाड़ा
सीओ के अनुसार नाजिम बीकॉम कर चुका है। कासिफ एलएलबी कर रहा है। फरमान दसवीं पास है। हैदर बीकॉम कर चुका है और आसिफ इंटर पास है। सलमान 12 वीं और रजनीश बीकॉम की पढ़ाई कर चुका है।