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पावली में 3 घंटे खूनी संघर्ष, पुलिस पर पथराव

Thu, 07 Apr 2016 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Thu, 07 Apr 2016 02:23 AM IST
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crime in pawli
बवाल करते युवकों पर लाठीचार्ज करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
पावली में बुधवार सुबह एक समुदाय के दो पक्षों में 15 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर तीन घंटे तक खूनी संघर्ष चला। पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों ने उन पर भी पथराव कर दिया। पुलिस को वहां से भागना पड़ा। बाद में कई थानों की फोर्स आई और स्थिति पर काबू पाया। पुलिस ने प्रधानपति समेत 20 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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पावली गांव में बुधवार सुबह ओमवीर प्रजापति ने साथियों संग मिलकर विनोद पाल के घर हमला कर दिया। सूचना पर विनोद के परिवार के लोग भी पहुंच गए। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और पथराव हुआ। एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हालात बेकाबू होने पर कंकरखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंच गई।

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ग्रामीणों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इसकी जानकारी लगते दौराला, टीपीनगर, रेलवे रोड समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को उनके घरों में बंद कर दिया। घेराबंदी कर प्रधानपति राजकुमार प्रजापति समेत 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।  

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ये है विवाद की जड़ 
विनोद
पाल और ओमवीर प्रजापति ने उल्देपुर गांव में आलू की फसल के लिए एक किसान का खेत ठेके पर लिया था। दोनों में बंटवारा हुआ, जिसमें ओमवीर ने विनोद के 15 हजार रुपये रख लिए। इसे लेकर दोनों में मंगलवार को भी मारपीट हुई थी। इससे पहले भी विवाद हुआ था। इस मामले की शिकायत कंकरखेड़ा पुलिस से की गई थी, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। 
  
प्रधानपति ने जिम्मेदारी का काम नहीं किया 
पुलिस
के मुताबिक ग्राम प्रधानपति राजकुमार प्रजापति ने  चुनावी भड़ास निकालने के लिए अपनी बिरादरी के लोगों का समर्थन किया और उन्हें दूसरे पक्ष के लोगों को पीटने के लिए उकसाया। पुलिस ने बताया प्रधानपति ने मामले को गैरजिम्मेदारी से लिया। एक पक्ष की पैरवी करने पर विवाद बढ़ा। प्रधानपति मामले को गंभीरता से लेते तो शायद यह नौबत नहीं आती। 

चिल्लाते रहे एसओ, नहीं पहुंची फोर्स 
एसओ
कंकरखेड़ा यादराम सिंह हालात को नहीं समझ सके। जिसके चलते ग्रामीण बेकाबू हो गए। बाद में एसओ वायरलेस सेट पर चिल्लाकर पुलिस फोर्स को बुलाते रहे। लेकिन एक घंटे से पहले किसी भी थाने की पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। लोगों को संभालने में एसओ के पसीने छूट गए। लोगों ने पुलिस जीप को ही घेर लिया और पथराव कर दिया। काफी देर बाद छह थानों की फोर्स और मोबाइल एक्शन फोर्स की गाड़ी मौके पर पहुंची तो एसओ की जान में जान आई। 

हमले में ये हुए घायल, जेल भी गए
जातीय
संघर्ष में प्रधानपति राजकुमार, कंवरपाल, वतन, प्रदीप, मोनू, संजीव, कुलदीप, सौरभ, संजय कुमार, विनोद, ओमवीर, सतेंद्र आदि घायल हुए हैं। इन घायल लोगों समेत पुलिस ने 20 लोगोें को जेल भी भेजा। 

हथकड़ी पड़ गईं कम
20
लोगों को एक साथ जेल ले जाने के लिए थाने में हथकड़ी भी कम पड़ गईं। दूसरे थानों से हथकड़ियां मंगाई गईं। तब जाकर आरोपियों का पहले मेडिकल हुआ और फिर गंभीर धाराओं में जेल भेजा।


प्रधान के घर पर भी हमला बोला 
विनोद
पक्ष के लोगों ने एकतरफा बोलने पर प्रधान के घर पर हमला बोला। पथराव और तोड़फोड़ की गई। प्रधानपति और उसका परिवार बाल-बाल बचे। लोगों ने प्रधानपति के साथ गाली गलौज की।

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