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भ्रष्ट थे अफसर, इसलिए कांस्टेबल ने दे दिया इस्तीफा
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Fri, 21 Aug 2015 02:39 AM IST
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हर कदम पर रिश्वत की डिमांड और प्रताड़ना से परेशान होकर एक सिपाही ने बृहस्पतिवार को इस्तीफा दे दिया। एसएसपी ऑफिस पहुंचे सिपाही ने एसपी ट्रैफिक से लेकर पुलिस ऑफिस के बाबू पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए।
मूल रूप से थाना जारचा ग्रेटर नोएडा निवासी श्रीपाल सिंह मेरठ में ट्रैफिक विभाग में तैनात है और एच-4 पुलिस लाइन में रहता है। 2005 से 2009 तक मेरठ में तैनात रहा। दो साल बाहर ट्रांसफर होने के बाद दोबारा 2011 से मेरठ में तैनात है। शुक्रवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचे श्रीपाल ने आरोप लगाया कि पुलिस महकमे में हर स्तर पर रिश्वत मांगी जाती है। रिश्वत न देने पर परेशान किया जाता है। 2011 में ड्यूटी खत्म कर वह घर जा रहा था। उसने ड्यूटी के बाद शराब पी थी। इसी बात पर उसे सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस ऑफिस के बाबू ने दस हजार रुपये लेने के बाद उसे बहाल किया था। ट्रांसफर के लिये एसपी ट्रैफिक, सीओ ट्रैफिक तक पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगते हैं। श्रीपाल ने पूर्व में तैनात रहे एसपी ट्रैफिक और बाबुओं पर भी रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। कहा कि वह इस्तीफा देकर ईमानदारी से काम करना चाहता है। हंगामा होने पर श्रीपाल को ऑफिस में शिकायत सुन रहे एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी ने अंदर बुलाया। एसपी ट्रैफिक ने उसकी बात सुनी और इंस्पेक्टर सिविल लाइन इकबाल अहमद कलीम को बुलाकर उसे मेडिकल के लिए भेज दिया।
श्रीपाल के आरोपों पर एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी का कहना था कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुुनियाद हैं। सिपाही नशे में शिकायत करने आया था। मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। तभी उसके इस्तीफे पर फैसला लिया जाएगा।
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मूल रूप से थाना जारचा ग्रेटर नोएडा निवासी श्रीपाल सिंह मेरठ में ट्रैफिक विभाग में तैनात है और एच-4 पुलिस लाइन में रहता है। 2005 से 2009 तक मेरठ में तैनात रहा। दो साल बाहर ट्रांसफर होने के बाद दोबारा 2011 से मेरठ में तैनात है। शुक्रवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचे श्रीपाल ने आरोप लगाया कि पुलिस महकमे में हर स्तर पर रिश्वत मांगी जाती है। रिश्वत न देने पर परेशान किया जाता है। 2011 में ड्यूटी खत्म कर वह घर जा रहा था। उसने ड्यूटी के बाद शराब पी थी। इसी बात पर उसे सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस ऑफिस के बाबू ने दस हजार रुपये लेने के बाद उसे बहाल किया था। ट्रांसफर के लिये एसपी ट्रैफिक, सीओ ट्रैफिक तक पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगते हैं। श्रीपाल ने पूर्व में तैनात रहे एसपी ट्रैफिक और बाबुओं पर भी रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। कहा कि वह इस्तीफा देकर ईमानदारी से काम करना चाहता है। हंगामा होने पर श्रीपाल को ऑफिस में शिकायत सुन रहे एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी ने अंदर बुलाया। एसपी ट्रैफिक ने उसकी बात सुनी और इंस्पेक्टर सिविल लाइन इकबाल अहमद कलीम को बुलाकर उसे मेडिकल के लिए भेज दिया।
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श्रीपाल के आरोपों पर एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी का कहना था कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुुनियाद हैं। सिपाही नशे में शिकायत करने आया था। मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। तभी उसके इस्तीफे पर फैसला लिया जाएगा।
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