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मारपीट के मामले में समझौता करने पर पुलिस का वीडियो वायरल
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:59 AM IST
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थाने में लगे कैमरे मेें कैद हुई तस्वीरें।
- फोटो : अमर उजाला
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लाखों रुपये खर्च कर थानों में सीसीटीवी कैमरे, तो अब यूपी 100 पर कई सौ करोड़ लगाकर सरकार पुलिस की जनता में छवि सुधारने का प्रयास कर रही है। ये दोनों ही प्रोजेक्ट लखनऊ कंट्रोल रूम से जोड़े गए, ताकि पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके बावजूद भी ‘तीसरी आंख’ के सामने थानों में ही रिश्वतखोरी का धंधा चल रहा है। रविवार को मारपीट के मामले में समझौता करने पर मेडिकल थाना पुलिस ने सरेआम पैसा ले लिया, जोकि मोबाइल फोन में कैद हो गया।
जागृति विहार में एक ही समुदाय के लोगों में मामूली बात को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट हुई तो मेडिकल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर छेड़छाड़ समेत कई गंभीर आरोप लगाकर तहरीर देने लगे। इसी दौरान एक बसपा नेता थाने पहुंचा और दोनों पक्षों में लिखित में समझौता कराकर मेडिकल थाने को सौंप दिया। लेकिन थाने के मुंशी तेज सिंह ने बगैर खर्च पानी के कोई भी समझौता न मानने की बात कह दी। जिस पर बसपा नेता ने दोनों पक्षों से कुछ पैसा लेकर मुंशी तेज सिंह को समझौतानामा के साथ सौंपा। उसके बाद दोनों पक्ष के लोग एक-दूसरे से बोले कि देखा अभी तो रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है तो यह हाल है थाना पुलिस का। अगर केस दर्ज करा देते तो थाना पुलिस उनका मकान तक बिकवा देती।
कैमरे से भी नहीं डरते मुंशी
थानों में आम जनता से पुलिस अच्छा व्यवहार करे। जनता से पुलिस पैसा न ले। यह सोचकर प्रदेश के सभी थानों में दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। एक कमरा थाने के एंट्री गेट पर तो दूसरा कार्यालय में लगा है। थानों में सीसीटीएनएस की सुविधा भी लागू हुई थी। बावजूद थानों में मुंशी सरेआम पैसा लेते हैं। लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी कैमरों से भी नहीं डरते।
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कई थानों की लाइन कटी है
थाना पुलिस बहुत चालाक है। कई थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइन तक मुंशियों ने काट रखी है। तर्क देते हैं कि अभी लाइन ठीक से नहीं चल पा रही। सिविल लाइन में लगे दोनों कैमरों की लाइन कटी है। पुलिस ने बताया कि थाना परिसर में क्वार्टर बन रहे हैं, इसलिए लाइन में अभी ठीक से काम नहीं चल रहा। टीपीनगर व अन्य कई थानों में कैमरे नहीं चल रहे।
हर बार मीटिंग में पुलिस अधिकारी संदेश देते हैं कि पुलिस की छवि सुधरे। कोई पुलिसकर्मी गलत काम न करे। थानों में गुमशुदगी या फिर समझौते के नाम पर पैसा वसूलने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।- आलोक प्रियदर्शी, एसपी सिटी
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जागृति विहार में एक ही समुदाय के लोगों में मामूली बात को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट हुई तो मेडिकल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर छेड़छाड़ समेत कई गंभीर आरोप लगाकर तहरीर देने लगे। इसी दौरान एक बसपा नेता थाने पहुंचा और दोनों पक्षों में लिखित में समझौता कराकर मेडिकल थाने को सौंप दिया। लेकिन थाने के मुंशी तेज सिंह ने बगैर खर्च पानी के कोई भी समझौता न मानने की बात कह दी। जिस पर बसपा नेता ने दोनों पक्षों से कुछ पैसा लेकर मुंशी तेज सिंह को समझौतानामा के साथ सौंपा। उसके बाद दोनों पक्ष के लोग एक-दूसरे से बोले कि देखा अभी तो रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है तो यह हाल है थाना पुलिस का। अगर केस दर्ज करा देते तो थाना पुलिस उनका मकान तक बिकवा देती।
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कैमरे से भी नहीं डरते मुंशी
थानों में आम जनता से पुलिस अच्छा व्यवहार करे। जनता से पुलिस पैसा न ले। यह सोचकर प्रदेश के सभी थानों में दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। एक कमरा थाने के एंट्री गेट पर तो दूसरा कार्यालय में लगा है। थानों में सीसीटीएनएस की सुविधा भी लागू हुई थी। बावजूद थानों में मुंशी सरेआम पैसा लेते हैं। लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी कैमरों से भी नहीं डरते।
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कई थानों की लाइन कटी है
थाना पुलिस बहुत चालाक है। कई थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइन तक मुंशियों ने काट रखी है। तर्क देते हैं कि अभी लाइन ठीक से नहीं चल पा रही। सिविल लाइन में लगे दोनों कैमरों की लाइन कटी है। पुलिस ने बताया कि थाना परिसर में क्वार्टर बन रहे हैं, इसलिए लाइन में अभी ठीक से काम नहीं चल रहा। टीपीनगर व अन्य कई थानों में कैमरे नहीं चल रहे।
हर बार मीटिंग में पुलिस अधिकारी संदेश देते हैं कि पुलिस की छवि सुधरे। कोई पुलिसकर्मी गलत काम न करे। थानों में गुमशुदगी या फिर समझौते के नाम पर पैसा वसूलने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।- आलोक प्रियदर्शी, एसपी सिटी