दशहरा पर्व के बाद कई शहरों में तनाव,भाजपा नेता की हत्या, आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, फोर्स तैनात
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दशहरा पर्व के मौके पर सहारनपुर समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में माहौल खराब करने की कोशिश की गई। जहां सहारनपुर शहर में भाजपा नेता की हत्या और दो पक्षों में भारी संघर्ष हो गया तो वहीं मुजफ्फरनगर में आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने से अनुसूचित जाति के लोगों में आक्रोश भड़क गया। उधर, बिजनौर में भी शोभायात्रा रोकने पर हंगामा हो गया। इसके अलावा मेरठ में रावण का पुतला दहन के बाद पुलिस ने भीड़ पर लाठियां भांजी। अगली स्लाइडों में सभी मामलों की पूरी जानकारी जानिए-
देवबंद में ताबड़तोड़ फायरिंग कर भाजपा नेता की हत्या
सहारनपुर में सरेराह बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर ग्राम मिरगपुर के प्रधान के चचेरे भाई एवं भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष चौधरी यशपाल सिंह (55 वर्ष) की हत्या कर दी। बदमाशों ने तल्हेड़ी खुर्द-मानकी मार्ग पर वारदात को अंजाम दिया। हत्या की जानकारी लगते ही गांव में तनाव फैल गया। एसएसपी, एसपी देहात सहित कई थानों की पुलिस पहुंची। पुलिस हत्या का कारण चुनावी रंजिश को मान रही है।
मृतक चौधरी यशपाल सिंह के पुत्र अमित ने गांव के ही अर्जुन, विक्रम, विजेंद्र, नीटू, दीपक, विनोद और अनुज के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने गांव के ही तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
दो पक्षों में जमकर पथराव, शहर में तनाव
सहारनपुर जनपद में बेहट बस अड्डे के पास मूंगागढ़ मार्ग पर किसी बात को लेकर वाल्मीकि और दूसरे दूसरे वर्ग के लोगों के बीच मामूली बात पर कहासुनी के बाद विवाद हो गया। दोनों पक्षों के लोग आमने सामने आ गए और डंडे चलने के बाद जमकर पथराव हुआ। संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों के सात लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभालने में जुट गए। देर रात तक मामले को लेकर तनाव की स्थिति बनी रही।
वहीं एसएसपी दिनेश कुमार, एसपी सिटी, सीओ सिटी, सीओ द्वितीय पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ ही दंगा नियंत्रण वाहन लेकर मौके पर पहुंचे। हंगामा करने वालों को लाठियां भांजकर खदेड़ा गया। एसएसपी दिनेश कुमार ने पुलिस बल के साथ इलाके में पैदल मार्च भी किया और शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि विवाद किस बात पर हुआ, इसका पता लगाया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त,भड़का आक्रोश
मुजफ्फरनगर जिले में खतौली थाना क्षेत्र के गांव शहबाजपुर तिगाई में सोमवार की रात को शरारती तत्वों ने गांव का माहौल खराब करने के मकसद से डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। गांव में तनाव के हालात पैदा हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बमुश्किल लोगों को शांत किया। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
शहबाजपुर तिगाई गांव में राजपूतगढ़ का बोर्ड लगाने व बोर्ड पर कालिख पोतने और दूसरे वर्ग के लोगों द्वारा बिजली के खंभों पर जय भीम लिखने को लेकर विवाद हो गया था। अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि सोमवार रात शरारती तत्वों के ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। मंगलवार सुबह प्रतिमा को देखकर दूसरे वर्ग के लोगों में आक्रोश फैल गया। खफा लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। इस घटना को लेकर गांव में तनाव के हालात पैदा हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत करने की कोशिश की, लोग पुलिस से आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए।
वहीं एसडीएम अजय कुमार व सीओ आशीष प्रताप सिंह ने भी गांव में पहुंचकर प्रतिमा का मौका मुआयना कर ग्रामीणों से घटना के बारे में जानकारी ली और कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
भीम आर्मी के पदाधिकारी भी पहुंचे
भीम आर्मी जिलाध्यक्ष उपकार बावरा और टीकम बौद्ध कार्यकर्ताओं को साथ लेकर गांव में पहुंचे। उन्होंने इंस्पेक्टर संतोष कुमार त्यागी से आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। इंस्पेक्टर ने आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजने का आश्वासन दिया।
शोभायात्रा रोकने पर हंगामा
बिजनौर जनपद में रावण दहन से पूर्व निकलने वाली शोभायात्रा को विवाद की आशंका के चलते पुलिस ने मस्जिद वाले मार्ग से नहीं निकलने दिया। इस पर हिंदू युवा वाहिनी कार्यकर्ता व शोभायात्रा आयोजक शोभायात्रा को रोक कर धरने पर बैठ गए। पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। बीच का रास्ता निकालते हुए पांच लोगों के साथ गणेश जी की झांकी उसी मार्ग से निकलवाने और बाकी शोभायात्रा परंपरागत मार्ग से निकालने पर विवाद समाप्त हुआ।
थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव राजोपुर सादात में रामलीला का मंचन चल रहा है। गत तीन अक्तूबर को एक पक्ष के लोगों ने गांव में राम बरात का जुलूस निकाला था, जिसे मस्जिद वाले रास्ते से लेकर गए थे। इसका दूसरे संप्रदाय के लोगों ने विरोध किया था। वहीं, रावण दहन के दिन निकलने वाली शोभायात्रा को भी उसी मार्ग से ले जाने की आशंका को देखते हुए दूसरे पक्ष के मोहम्मद याकूब, वाहिद व अब्दुल सलाम आदि ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया था और शोभायात्रा को मस्जिद वाले मार्ग से रोकने की मांग की थी। इस पर एसडीएम नगीना अशोक कुमार मौर्य और सीओ नगीना अर्चना सिंह ने थाना कोतवाली देहात पर दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराने का प्रयास किया था। दोनों पक्षों से वार्ता की थी, लेकिन वार्ता बिना समझौते के ही खत्म हो गई थी।
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भीड़ ने तोड़े बैरियर, पुलिस ने चलाईं लाठी
मेरठ में दशहरा पर्व पर रात में रावण का पुतला दहन के बाद कई जगह भीड़ बैरियर तोड़कर घुस गई। इस दौरान पुलिस से भी तीखी नोकझोंक हुई। जिसके बाद भीड़ ने हंगामा कर एक नहीं सुनी। रामलीला मैदान और सूरजकुंड पार्क पर पुलिस लाठी भांजनी पड़ी।
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