जीआरपी के खुलासे पर उठे सवाल, खटखटाएंगे सीएम का दरवाजा, जनता एक्सप्रेस में हुई थी हत्या
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जीआरपी ने जनता एक्सप्रेस में हुई अश्वनी शर्मा की हत्या की साजिश रचने के आरोप में शामली निवासी गोपाल शर्मा को गिरफ्तार किया है। परिजन इस खुलासे पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जिस रंजिश की बिनाह पर उसे साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है, उसमें गोपाल शर्मा को क्लीन चिट मिल चुकी है। परिजनों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग रखी जाएगी।
जनता एक्सप्रेस में चार नवंबर 2016 में शामली के मालैंडी गांव निवासी अश्वनी शर्मा पुत्र जनेश्वरदत्त शर्मा की हत्या कर दी गई थी। बड़ौत में जीआरपी ने अश्वनी का शव उतारा था। मृतक के भाई नितिन शर्मा ने अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुक्रवार को सीओ जीआरपी सहारनपुर ने खुलासा करते हुए शूटर गौरव निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी को जेल भेज दिया था। शुक्रवार से पुलिस की हिरासत में मौजूद गोपाल शर्मा को भी जीआरपी ने शनिवार को साजिश रचने का आरोपी बताकर जेल भेज दिया। जीआरपी के खुलासे पर सवाल उठ रहे हैं। जिस युवक को जेल भेजा गया है, वह पहले जांच में निर्दोष साबित हो चुका है। अश्वनी शर्मा हत्याकांड में अभी भी एक आरोपी कपिल निवासी बली फरार चल रहा है। इंस्पेक्टर राजीव रंजन श्रीवास्तव का कहना है कि उस पर इनाम घोषित करने की तैयारी की जा रही है।
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जीआरपी के खुलासे में झोल
- जीआरपी जिस महिला की हत्या की रंजिश बता रही है, उसमें भी आरोपी को क्लीन चिट मिल चुकी है।
- मृतक और आरोपी के परिवार में कोई रंजिश नहीं है। दोनों के ही परिजन खुलासे पर उठा रहे हैं सवाल।
- रोहित सांडू के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने उसे मुख्य आरोपी बनाया, पहले जांच में उसका नाम नहीं था।
- जीआरपी ने अग्रवाल मंडी टटीरी के गौरव के बयान को आधार माना है, इसके अलावा कोई वजह नहीं बताई।
अश्वनी के परिजनों ने भी झुठलाई जीआरपी की थ्योरी
मृतक अश्वनी शर्मा की बहन विशाला शर्मा, पत्नी कविता शर्मा सहित अन्य परिजनों व रिश्तेदारों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि अश्वनी की हत्या का फर्जी खुलासा किया गया गया है। मृतक की बहन विशाला का कहना था कि एक तो उसके भाई की हत्या कर दी गई, अब जीआरपी ने भाई की हत्या में उसके रिश्ते के मामा को ही झूठा फंसाकर मुख्य साजिशकर्ता बना दिया। जिसका दूर-दूर तक इससे कोई लेना-देना नहीं है।
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