रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या में मेरठ से सप्लाई हुए थे हथियार, आतंकी ट्रेनिंग कैंप का भी खुलासा कर चुकी है एटीएस
- किठौर निवासी हथियार सप्लायर जावेद की एटीएस द्वारा गिरफ्तारी का मामला
- एटीएस ने जारी प्रेस नोट में किया दावा, जावेद ने पंजाब के गैंगेस्टर को की थी पिस्टल सप्लाई
- एटीएस दो साल पहले किठौर क्षेत्र में आतंकी ट्रेनिंग कैंप का कर चुकी खुलासा
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पंजाब के आरएसएस उप प्रमुख रिटायर्ड ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा की हत्या में शामिल धरमिंदर सिंह उर्फ गुगनी निवासी लुधियाना को किठौर थाने का गैंगेस्टर जावेद हथियार सप्लाई कर चुका है।
इसके अलावा लुधियाना में आरएसएस के नेता रविंदर गोसाई की हत्या में भी हथियार सप्लाई करने में एटीएस ने किठौर से हथियार सप्लायर दबोचा था। अब यूपी एटीएस के हत्थे खालिस्तानी आतंकियों को हथियार सप्लाई करने का आरोपी जावेद चढ़ा है। यह खुलासा यूपी एटीएस ने रविवार को जारी प्रेस नोट में किया है।
अवैध हथियार सप्लाई करने वालों के आतंकियों से भी कनेक्शन हैं। इन सप्लायरों का पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पंजाब और हरियाणा में नेटवर्क फैला हुआ है।
पुलिस के फेल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इस नेटवर्क को तोड़ने की कमान सौंपी गई। एटीएस और एनआईए ने करीब दो साल पहले किठौर क्षेत्र में आतंकी कैंप चलने का सनसनीखेज खुलासा किया था।
दोनों जांच एजेंसियों ने ताबड़तोड़ दबिश देकर वेस्ट यूपी से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें किठौर और मुंडाली से दो-दो और हापुड़ व अमरोहा से 1-1 आरोपी को दबोचा था।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार उस समय भी यह बात सामने आई थी कि किठौर के हथियार सप्लायरों के कनेक्शन पंजाब के आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। लेकिन स्थानीय पुलिस इन हथियार सप्लायरों पर प्रभावी शिकंजा नहीं कस सकी।
दरअसल आतंकियों को हथियार सप्लाई करने में मेरठ के सप्लायरों का नाम सुरक्षा एजेंसियां कई बार उजागर कर चुकी हैं। एनआईए व एटीएस ने किठौर, सरूरपुर, सरधना इलाके में अवैध हथियार बनाने वालों की पहचान की थी।
एटीएस के अधिकारियों के अनुसार अगस्त 2016 में पंजाब में संघ के उप प्रमुख रिटायर्ड ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा की हत्या हुई थी। जिसमें शामिल हत्या का आरोपी धरमिंदर सिंह उर्फ गुगनी पुत्र बलवंत सिंह निवासी गांव मेहरबान लुधियाना गिरफ्तार हुआ था। जावेद ने धरमिंदर को अपने साथी आशीष निवासी गांव टिकरी जानी मेरठ के साथ मिलकर .32 बोर की पिस्टल सप्लाई की थी।
धरमिंदर सिंह प्रतिबंधित आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट (केएलएफ) का सदस्य है और वर्तमान में तिहाड़ जेल में निरुद्ध है। जबकि एटीएस ने कुछ दिनों पहले आशीष को भी दबोच लिया था। जिससे पूछताछ के बाद गांव राधना, किठौर मेरठ निवासी जावेद पुत्र उस्मान को रविवार को हापुड़ से गिरफ्तार किया गया।
पंजाब में की थीं 50 पिस्टल सप्लाई
एटीएस के अनुसार नवंबर 2019 में जावेद ने गुगनी के निर्देश पर तीन पिस्टलें उसके सहयोगी को सप्लाई की थीं। जावेद गुगनी के साथी गांव कुस्सा तहसील निहाल सिंह बाला मोगा पंजाब के गैंगेस्टर सुखप्रीत सिंह उर्फ बुद्धा को भी अवैध हथियार सप्लाई करता था।
जावेद ने गुगनी और सुखप्रीत को आशीष के साथ मिलकर .32 बोर की 50 पिस्टल सप्लाई की थीं। जावेद पंजाब पुलिस से थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल में दर्ज मुकदमे में भी वांछित है। जबकि मेरठ के किठौर थाने में जावेद के खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास, गैंगेस्टर और आर्म्स एक्ट के 9 मुकदमे दर्ज हैं।
तीरथ सिंह की कुंडली भी खंगाली जाएगी
पंजाब पुलिस के स्पेशल सेल ने एक सप्ताह पहले थापर नगर मेरठ से खालिस्तान समर्थक आतंकी तीरथ सिंह को गिरफ्तार किया था। जावेद की गिरफ्तारी के बाद एटीएस नए सिरे से तीरथ सिंह की कुंडली खंगालेगी।
एटीएस के अनुसार इसकी जांच की जा रही है कि तीरथ सिंह मेरठ जिले में किस किस के संपर्क में था। जावेद का तीरथ सिंह से कोई संबंध है या नहीं इसकी अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जावेद के साथ 50 से ज्यादा युवक जुड़े हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस पूरा सहयोग देगी
अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों के खिलाफ पुलिस अभियान चलाएगी। किठौर समेत मेरठ में अवैध हथियार बनाने की चर्चाएं पहले से हैं। एटीएस भी लगी है। पुलिस अभियान चलाने के साथ ही पूरा सहयोग भी देगी। -अजय साहनी एसएसपी मेरठ