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चाय के खोखे में घुसी बस, मौत पर बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 24 Aug 2015 02:14 AM IST
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हापुड़ रोड पर अलीपुर मदरसे के सामने रविवार सुबह तेज रफ्तार अनुबंधित बस चाय के खोखे में जा घुसी। हादसे में खोखा संचालक की मौके पर ही मौत हो गई। खोखे में मौजूद चार लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि ड्राइवर शराब के नशे में था। जिससे वह बस पर नियंत्रण नहीं रख सका।
गुस्साई भीड़ ने अनुबंधित बस के अलावा अन्य चार बसों में तोड़फोड़ करते हुए आगजनी की कोशिश की। मेरठ-हापुड़ रोड पर करीब पांच घंटे जाम लगाकर हंगामा काटा। पुलिस और राहगीरों पर पथराव किया गया। हालात ऐसे बने कि रूट डायवर्ट करना पड़ा। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों द्वारा मृतक के परिजनों को सरकार से आर्थिक मदद दिलवाने का आश्वासन देने पर ही भीड़ शांत हुई।
पुलिस के अनुसार गांव नरहाड़ा खरखौदा निवासी नूर मोहम्मद की हापुड़ रोड अलीपुर स्थित जामिया महमूदिया मदरसा के सामने चाय का खोखा है। रविवार सुबह करीब 8:30 बजे खोखे पर नूर मोहम्मद, उसके भाई इखलाक और वहाब पुत्र सल्लू के अलावा बंगाली जमशेद और यूसुफ बैठे थे।
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इस दौरान शहर की तरफ सेे सोहराब गेट डिपो की अनुबंधित बस हापुड़ की तरफ जा रही थी। मदरसे से करीब 100 मीटर पहले ही ड्राइवर बस से नियंत्रण खो बैठा। बस एक ही साइड में तीव्र गति से लहराती हुई खोखे पर जा चढ़ी। बस का पहिया सीधे नूर मोहम्मद के सीने पर चढ़ गया और उसकी गर्दन कट गई।
वहीं, इखलाक, वहाब, जमशेद और यूसुफ भी बुरी तरह से घायल हो गए। बस के अंदर मौजूद यात्रियों को भी मामूली चोटें आई। इस हादसे के बाद कोहराम मचा तो चालक और परिचालक बस छोड़कर मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने मदद के लिए आगे बढ़ते हुए बस के नीचे दबे लोगों को निकालकर पास ही जगदंबा अस्पताल में भर्ती कराया।
नूर मोहम्मद की मौत से नाराज लोगों ने हादसे को अंजाम देने वाली अनुबंधित बस के अलावा उधर से गुजर रहीं एक रोडवेज बस और अन्य तीन अनुबंधित बसों को रुकवाकर तोड़फोड़ करते हुए आग लगाने की कोशिश की। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ ने मुआवजे की मांग करते हुए मेरठ-हापुड़ मार्ग जाम करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्थानीय पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस के अलावा राहगीरों पर भी पथराव किया।
हालात बेकाबू होने की सूचना पर एसडीएम रवीश गुप्ता और एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी खरखौदा, नौचंदी, मेडिकल, लिसाड़ी गेट और महिला थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने मृतक के परिजनों और भीड़ को समझाने की कोशिश की। एसपी ट्रैफिक ने परिजनों को आश्वस्त किया कि शासन से उन्हें आर्थिक मदद दिलवाई जाएगी, जिसका प्रस्ताव तुरंत भेजा जा रहा है। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया गया।
मेरठ-हापुड़ मार्ग जाम रहने से बड़ी संख्या में लोग परेशान रहे। हालात को देखते हुए रूट डायवर्ट करते हुए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। नूर मोहम्मद के चाचा आस मोहम्मद की तहरीर पर थाना खरखौदा में आरोपी बस चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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गुस्साई भीड़ ने अनुबंधित बस के अलावा अन्य चार बसों में तोड़फोड़ करते हुए आगजनी की कोशिश की। मेरठ-हापुड़ रोड पर करीब पांच घंटे जाम लगाकर हंगामा काटा। पुलिस और राहगीरों पर पथराव किया गया। हालात ऐसे बने कि रूट डायवर्ट करना पड़ा। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों द्वारा मृतक के परिजनों को सरकार से आर्थिक मदद दिलवाने का आश्वासन देने पर ही भीड़ शांत हुई।
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पुलिस के अनुसार गांव नरहाड़ा खरखौदा निवासी नूर मोहम्मद की हापुड़ रोड अलीपुर स्थित जामिया महमूदिया मदरसा के सामने चाय का खोखा है। रविवार सुबह करीब 8:30 बजे खोखे पर नूर मोहम्मद, उसके भाई इखलाक और वहाब पुत्र सल्लू के अलावा बंगाली जमशेद और यूसुफ बैठे थे।
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इस दौरान शहर की तरफ सेे सोहराब गेट डिपो की अनुबंधित बस हापुड़ की तरफ जा रही थी। मदरसे से करीब 100 मीटर पहले ही ड्राइवर बस से नियंत्रण खो बैठा। बस एक ही साइड में तीव्र गति से लहराती हुई खोखे पर जा चढ़ी। बस का पहिया सीधे नूर मोहम्मद के सीने पर चढ़ गया और उसकी गर्दन कट गई।
वहीं, इखलाक, वहाब, जमशेद और यूसुफ भी बुरी तरह से घायल हो गए। बस के अंदर मौजूद यात्रियों को भी मामूली चोटें आई। इस हादसे के बाद कोहराम मचा तो चालक और परिचालक बस छोड़कर मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने मदद के लिए आगे बढ़ते हुए बस के नीचे दबे लोगों को निकालकर पास ही जगदंबा अस्पताल में भर्ती कराया।
नूर मोहम्मद की मौत से नाराज लोगों ने हादसे को अंजाम देने वाली अनुबंधित बस के अलावा उधर से गुजर रहीं एक रोडवेज बस और अन्य तीन अनुबंधित बसों को रुकवाकर तोड़फोड़ करते हुए आग लगाने की कोशिश की। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ ने मुआवजे की मांग करते हुए मेरठ-हापुड़ मार्ग जाम करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्थानीय पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस के अलावा राहगीरों पर भी पथराव किया।
हालात बेकाबू होने की सूचना पर एसडीएम रवीश गुप्ता और एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी खरखौदा, नौचंदी, मेडिकल, लिसाड़ी गेट और महिला थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने मृतक के परिजनों और भीड़ को समझाने की कोशिश की। एसपी ट्रैफिक ने परिजनों को आश्वस्त किया कि शासन से उन्हें आर्थिक मदद दिलवाई जाएगी, जिसका प्रस्ताव तुरंत भेजा जा रहा है। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया गया।
मेरठ-हापुड़ मार्ग जाम रहने से बड़ी संख्या में लोग परेशान रहे। हालात को देखते हुए रूट डायवर्ट करते हुए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। नूर मोहम्मद के चाचा आस मोहम्मद की तहरीर पर थाना खरखौदा में आरोपी बस चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।