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मोरना जांच
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गंगा खादर क्षेत्र में अधिकारियों के नहीं आने से बिगड़े हालात
अमर उजाला ब्यूरो
मोरना। सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जे व फायरिंग की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार सूचना करने के बावजूद तहसील कर्मचारियों व वन विभाग के अधिकारियों के नहीं आने से हालात विकट हुए।
हस्तिनापुर सुरक्षित वन्य जीव अभ्यारण्य क्षेत्र के शुकतीर्थ गंगा खादर में सरकारी वन भूमि पर कब्जा कर उसमें फसलें उगाने, चरागाहों को नष्ट करने व दो दिन पहले भू माफिया द्वारा फायरिंग करने की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सीओ भोपा राममोहन शर्मा व थाना प्रभारी निरीक्षक अपराध यतेन्द्र कुमार ने पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर ग्रामीणों से बातचीत की। सीओ के बार बार सूचना के बाद भी तहसील के कर्मचारी व वन विभाग के अधिकारियों के न आने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर साठगांठ के आरोप लगाए। वहीं, बिजनौर व मुजफ्फरनगर जनपद की सीमाओं पर हजारों एकड़ भूमि पर बढ़ रहे कब्जे को लेकर संघर्ष की आशंका जताई गई है। वहीं, जंगली व अन्य जानवरों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया है। हस्तिनापुर सुरक्षित वन्य जीव अभ्यारण्य क्षेत्र में गंगा किनारे फैले बडे़ मैदानी भाग पर अक्सर भूमाफिया की नजर रहती है। सीओ राममोहन शर्मा ने बताया कि फायरिंग की घटना की जांच की जा रही है। खादर क्षेत्र की भूमि को लेकर विवाद है, जो दो जनपदों की सीमाओं पर स्थित है। जमीन का विवाद तहसील अधिकारियों के आने पर ही हल हो सकता है।
वहीं, परमधाम से जुडे़ पंकज कुमार, उपेंद्र कुमार, रजत कुमार आदि ने सीओ भोपा को भूमाफिया के विरुद्ध तहरीर देकर बताया कि नवंबर माह में भी भूमाफिया द्वारा चरागाहों को नष्ट कर देने पर भूमाफिया के ट्रैक्टर आदि मशीनें बंधक बना ली गई थी, जिसको लेकर भूमाफिया व परमधाम अनुयायियों में हाथापाई हो गई थी। परमधाम अनुयायियों ने भूमाफिया पर चरागाहों को नष्ट कर उसमें फसल बोने की बात बताते हुए प्रशासनिक अधिकारियों पर सांठगांठ के आरोप लगाए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
मोरना। सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जे व फायरिंग की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बार-बार सूचना करने के बावजूद तहसील कर्मचारियों व वन विभाग के अधिकारियों के नहीं आने से हालात विकट हुए।
हस्तिनापुर सुरक्षित वन्य जीव अभ्यारण्य क्षेत्र के शुकतीर्थ गंगा खादर में सरकारी वन भूमि पर कब्जा कर उसमें फसलें उगाने, चरागाहों को नष्ट करने व दो दिन पहले भू माफिया द्वारा फायरिंग करने की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सीओ भोपा राममोहन शर्मा व थाना प्रभारी निरीक्षक अपराध यतेन्द्र कुमार ने पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर ग्रामीणों से बातचीत की। सीओ के बार बार सूचना के बाद भी तहसील के कर्मचारी व वन विभाग के अधिकारियों के न आने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर साठगांठ के आरोप लगाए। वहीं, बिजनौर व मुजफ्फरनगर जनपद की सीमाओं पर हजारों एकड़ भूमि पर बढ़ रहे कब्जे को लेकर संघर्ष की आशंका जताई गई है। वहीं, जंगली व अन्य जानवरों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया है। हस्तिनापुर सुरक्षित वन्य जीव अभ्यारण्य क्षेत्र में गंगा किनारे फैले बडे़ मैदानी भाग पर अक्सर भूमाफिया की नजर रहती है। सीओ राममोहन शर्मा ने बताया कि फायरिंग की घटना की जांच की जा रही है। खादर क्षेत्र की भूमि को लेकर विवाद है, जो दो जनपदों की सीमाओं पर स्थित है। जमीन का विवाद तहसील अधिकारियों के आने पर ही हल हो सकता है।
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वहीं, परमधाम से जुडे़ पंकज कुमार, उपेंद्र कुमार, रजत कुमार आदि ने सीओ भोपा को भूमाफिया के विरुद्ध तहरीर देकर बताया कि नवंबर माह में भी भूमाफिया द्वारा चरागाहों को नष्ट कर देने पर भूमाफिया के ट्रैक्टर आदि मशीनें बंधक बना ली गई थी, जिसको लेकर भूमाफिया व परमधाम अनुयायियों में हाथापाई हो गई थी। परमधाम अनुयायियों ने भूमाफिया पर चरागाहों को नष्ट कर उसमें फसल बोने की बात बताते हुए प्रशासनिक अधिकारियों पर सांठगांठ के आरोप लगाए हैं।
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