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किनौनी मिल में ठेकों को लेकर खूनखराबे का अंदेशा
Updated Sun, 27 Aug 2017 02:12 AM IST
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मेरठ/रोहटा। किनौनी शुगर मिल में ठेकों को लेकर फिर से खूनखराबा हो सकता है। मिल गेट पर फायरिंग करने और यूनिट हेड को धमकी देने के मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष के रिश्तेदार और प्रधान पर नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई। लेकिन एसएसपी के एसओ को फटकार लगाने पर लापरवाह पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश दी।
किनौनी बजाज शुगर मिल में दो दिन पहले पथिक सेना के जिलाध्यक्ष उमेश गुर्जर व किनौनी प्रधान अमित गुर्जर समर्थकों के साथ गए थे। आरोप है कि उमेश ने मिल के यूनिट हेड केपी सिह से कहा कि मिल में अब ठेका सिर्फ जिपं. अध्यक्ष कुलविंदर भाई से अनुमति लेकर उसके आदमियों को दिया जाएगा। यूनिट हेड और उमेश गुर्जर के बीच मोबाइल पर गालीगलौज भी हो गई थी। गार्ड के गेट न खोलने पर उमेश और उसके साथियों ने जमकर फायरिंग की थी। एसओ रोहटा रविंद्र पंत ने बताया कि उमेश पथिक सेना का अध्यक्ष है। उसने खुद को कुलविंदर का रिश्तेदार बताया है। लेकिन मामला भाजपा नेताओं से जुड़ा होने के चलते पुलिस ने चुप्पी साध ली। शनिवार को एसएसपी के फटकार लगाने पर एसओ रोहटा ने दबिश दी। लेकिन आरोपी उमेश निवासी जिटौला और अमित निवासी किनौनी घर से फरार मिले। एसओ के अनुसार जिस लाइसेंसी राइफल से उमेश ने मिल गेट पर फायरिंग की, उसके लाइसेंस के निरस्तीकरण की रिपोर्ट बनाई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सोमवार को कोर्ट से वारंट लिए जाएंगे।
फिर से दहशत का माहौल
ठेकों को लेकर मिल में पहले भी हत्याएं हो चुकी हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2008 में मिल के डीजीएम सिद्धार्थ की कुख्यात ऊधमसिंह ने हत्या की थी। उसके बाद एक ग्राम प्रधान और फिर योगेश भदौड़ा के भाई प्रमोद भदौड़ा की 31 अक्टूबर 2011 में हत्या हुई। योगेश और ऊधम की दुश्मनी ठेकेदारी को लेकर शुरू हुई थी। दोनों तरफ से एक दर्जन से अधिक लोगों की हत्याएं हो चुकीं हैं। चर्चा है कि पुलिस भाजपा नेताओं के दबाव में है। पुलिस अगर गंभीर नहीं हुई तो मिल में फिर कोई अनहोनी हो सकती है।
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मिल अधिकारियों ने मांगी सुरक्षा
मिल अधिकारियों ने शनिवार को एसएसपी से मिलकर सुरक्षा की गुहार लगाई। एसएसपी ने मिल के बाहर पुलिस की गारद लगाने का आश्वासन दिया। आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तारी कराने की बात कही। इस दौरान मिल के यूनिट हेड केपी सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे। एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। पुलिस उनका वारंट लेने की तैयारी में है। मिल पर पुलिस गारद लगाई जाएगी। गुंडागर्दी करने वालों को पुलिस कतई नहीं बख्शेगी।
यह विरोधियों की साजिश
उमेश गुर्जर से मैं अच्छी तरह परिचित हूं। वह पथिक सेना का जिलाध्यक्ष है। इससे मैं इंकार नहीं कर रहा हूं। उमेश व उसके भाई का मिल अधिकारियों से अभी जमीनी विवाद की जानकारी मिली है। कल इस मामले में दोनों पक्षों से बात कर सुलह करायी जाएगी। लेकिन मेरा या मेरे बेटे कुलविंदर सिंह का इससे कोई संबंध नहीं है। विरोधी मेरी और कुलविंदर सिंह की छवि बिगाड़ने के लिए इस मामले को मेरे साथ जोड़ रहे हैं। -मुखिया गुर्जर, अध्यक्ष पथिक सेना
खास बात
- जिला पंचायत अध्यक्ष के रिश्तेदार उमेश ने बरसाई थी गोलियां
- ठेकेदारी में डीजीएम, प्रमोद सहित कई लोगों की हो चुकी हत्या
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किनौनी बजाज शुगर मिल में दो दिन पहले पथिक सेना के जिलाध्यक्ष उमेश गुर्जर व किनौनी प्रधान अमित गुर्जर समर्थकों के साथ गए थे। आरोप है कि उमेश ने मिल के यूनिट हेड केपी सिह से कहा कि मिल में अब ठेका सिर्फ जिपं. अध्यक्ष कुलविंदर भाई से अनुमति लेकर उसके आदमियों को दिया जाएगा। यूनिट हेड और उमेश गुर्जर के बीच मोबाइल पर गालीगलौज भी हो गई थी। गार्ड के गेट न खोलने पर उमेश और उसके साथियों ने जमकर फायरिंग की थी। एसओ रोहटा रविंद्र पंत ने बताया कि उमेश पथिक सेना का अध्यक्ष है। उसने खुद को कुलविंदर का रिश्तेदार बताया है। लेकिन मामला भाजपा नेताओं से जुड़ा होने के चलते पुलिस ने चुप्पी साध ली। शनिवार को एसएसपी के फटकार लगाने पर एसओ रोहटा ने दबिश दी। लेकिन आरोपी उमेश निवासी जिटौला और अमित निवासी किनौनी घर से फरार मिले। एसओ के अनुसार जिस लाइसेंसी राइफल से उमेश ने मिल गेट पर फायरिंग की, उसके लाइसेंस के निरस्तीकरण की रिपोर्ट बनाई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सोमवार को कोर्ट से वारंट लिए जाएंगे।
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फिर से दहशत का माहौल
ठेकों को लेकर मिल में पहले भी हत्याएं हो चुकी हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2008 में मिल के डीजीएम सिद्धार्थ की कुख्यात ऊधमसिंह ने हत्या की थी। उसके बाद एक ग्राम प्रधान और फिर योगेश भदौड़ा के भाई प्रमोद भदौड़ा की 31 अक्टूबर 2011 में हत्या हुई। योगेश और ऊधम की दुश्मनी ठेकेदारी को लेकर शुरू हुई थी। दोनों तरफ से एक दर्जन से अधिक लोगों की हत्याएं हो चुकीं हैं। चर्चा है कि पुलिस भाजपा नेताओं के दबाव में है। पुलिस अगर गंभीर नहीं हुई तो मिल में फिर कोई अनहोनी हो सकती है।
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मिल अधिकारियों ने मांगी सुरक्षा
मिल अधिकारियों ने शनिवार को एसएसपी से मिलकर सुरक्षा की गुहार लगाई। एसएसपी ने मिल के बाहर पुलिस की गारद लगाने का आश्वासन दिया। आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तारी कराने की बात कही। इस दौरान मिल के यूनिट हेड केपी सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे। एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। पुलिस उनका वारंट लेने की तैयारी में है। मिल पर पुलिस गारद लगाई जाएगी। गुंडागर्दी करने वालों को पुलिस कतई नहीं बख्शेगी।
यह विरोधियों की साजिश
उमेश गुर्जर से मैं अच्छी तरह परिचित हूं। वह पथिक सेना का जिलाध्यक्ष है। इससे मैं इंकार नहीं कर रहा हूं। उमेश व उसके भाई का मिल अधिकारियों से अभी जमीनी विवाद की जानकारी मिली है। कल इस मामले में दोनों पक्षों से बात कर सुलह करायी जाएगी। लेकिन मेरा या मेरे बेटे कुलविंदर सिंह का इससे कोई संबंध नहीं है। विरोधी मेरी और कुलविंदर सिंह की छवि बिगाड़ने के लिए इस मामले को मेरे साथ जोड़ रहे हैं। -मुखिया गुर्जर, अध्यक्ष पथिक सेना
खास बात
- जिला पंचायत अध्यक्ष के रिश्तेदार उमेश ने बरसाई थी गोलियां
- ठेकेदारी में डीजीएम, प्रमोद सहित कई लोगों की हो चुकी हत्या