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याकूब और दोनों बेटे कोर्ट में गुपचुप पेश
Updated Sun, 13 Aug 2017 02:15 AM IST
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मेरठ। बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके दोनों बेटों ने शुक्रवार को कोर्ट में गुपचुप पेश होकर वर्ष 2012 के मुकदमे में वारंट रिकॉल करा लिए। कोर्ट ने उक्त मुकदमे में याकूब और उनके परिवार के आठ लोगों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। इससे पहले पुलिस इनकी तलाश में दबिश देती, इनका कोर्ट में प्रस्तुत होने का समन पहुंच गया। हालांकि पुलिस ने अन्य पांच लोगों की तलाश में कोतवाली में दबिश दी।
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ल के मुताबिक लिसाड़ी गेट थाने में वर्ष 2012 में अनवार निवासी पद्मपुरा, लिसाड़ी गेट ने याकूब कुरैशी, उसके बेटे इमरान, फिरोज उर्फ भूरा, भाई फारूक, भतीजे नदीम, अलीम, सलीम व आबिद के खिलाफ बलवा करने, गालीगलौज, लाइसेंसी शस्त्र का दुरुपयोग कर किसी आशय से धमकी देने (धारा 147, 148, 149, 504, 506, 384 आईपीसी) में मुकदमा दर्ज कराया था। याकूब के परिवार की गुंडागर्दी को देखते हुए पुलिस ने उनका पुराना रिकॉर्ड खंगाला था। जिसमें याकूब और उसका परिवार कोर्ट में पेश नहीं हुआ था।
पुलिस ने मुकदमे की अपडेट जानकारी ली। जिसमें कोर्ट ने दो दिन पहले याकूब समेत परिवार के आठ लोगों का गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। पुलिस उनकी घेराबंदी का प्लान बना रही थी। इस बीच शुक्रवार को याकूब व उसके दोनों बेटों इमरान और फिरोज ने कोर्ट में पेश होकर वारंट रिकॉल करा लिए। शनिवार को पुलिस के पास कोर्ट से समन पहुंचा, तब जाकर इसकी जानकारी लगी। सीओ ने बताया कि उक्त मुकदमे में अब याकूब के परिवार के पांच अन्य लोगों की गिरफ्तारी होनी है, जिनकी तलाश में दबिश दी गई।
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पुलिस को फिर गच्चा दे गया याकूब
याकूब कुरैशी के बेटे फिरोज उर्फ भूरा ने पांच अगस्त को सरेआम बाजार में व्यापारी को पीटा था। इस मामले में वह नामजद है। पुलिस उसकी तलाश में लगी है। शुक्रवार को याकूब ने बेटों को साथ लेकर कोर्ट में पेश होकर पुलिस को फिर गच्चा दे दिया। इसकी पुलिस को भनक तक नहीं लगी। नहीं तो पुलिस नामजद फिरोज को कचहरी के बाहर भी गिरफ्तार कर सकती थी।
आरोपियों की तलाश जारी
एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि याकूब और उसके परिवार की गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे। 2012 के मुकदमे में याकूब समेत आठ लोगों का गिरफ्तारी वारंट कोर्ट ने जारी किया था। याकूब और उसके बेटे कोर्ट में पेश हो गए। अन्य पांच आरोपियों की तलाश जारी है।
खास बात
- वर्ष 2012 के मुकदमे में वारंट कराए रिकॉल, पुलिस को नहीं लगी भनक
- कोर्ट में पेश न होने पर याकूब परिवार का गिरफ्तारी वारंट हुआ था जारी
- धरी रह गई पुलिस की याकूब परिवार पर शिकंजा कसने की तैयारी
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सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ल के मुताबिक लिसाड़ी गेट थाने में वर्ष 2012 में अनवार निवासी पद्मपुरा, लिसाड़ी गेट ने याकूब कुरैशी, उसके बेटे इमरान, फिरोज उर्फ भूरा, भाई फारूक, भतीजे नदीम, अलीम, सलीम व आबिद के खिलाफ बलवा करने, गालीगलौज, लाइसेंसी शस्त्र का दुरुपयोग कर किसी आशय से धमकी देने (धारा 147, 148, 149, 504, 506, 384 आईपीसी) में मुकदमा दर्ज कराया था। याकूब के परिवार की गुंडागर्दी को देखते हुए पुलिस ने उनका पुराना रिकॉर्ड खंगाला था। जिसमें याकूब और उसका परिवार कोर्ट में पेश नहीं हुआ था।
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पुलिस ने मुकदमे की अपडेट जानकारी ली। जिसमें कोर्ट ने दो दिन पहले याकूब समेत परिवार के आठ लोगों का गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। पुलिस उनकी घेराबंदी का प्लान बना रही थी। इस बीच शुक्रवार को याकूब व उसके दोनों बेटों इमरान और फिरोज ने कोर्ट में पेश होकर वारंट रिकॉल करा लिए। शनिवार को पुलिस के पास कोर्ट से समन पहुंचा, तब जाकर इसकी जानकारी लगी। सीओ ने बताया कि उक्त मुकदमे में अब याकूब के परिवार के पांच अन्य लोगों की गिरफ्तारी होनी है, जिनकी तलाश में दबिश दी गई।
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पुलिस को फिर गच्चा दे गया याकूब
याकूब कुरैशी के बेटे फिरोज उर्फ भूरा ने पांच अगस्त को सरेआम बाजार में व्यापारी को पीटा था। इस मामले में वह नामजद है। पुलिस उसकी तलाश में लगी है। शुक्रवार को याकूब ने बेटों को साथ लेकर कोर्ट में पेश होकर पुलिस को फिर गच्चा दे दिया। इसकी पुलिस को भनक तक नहीं लगी। नहीं तो पुलिस नामजद फिरोज को कचहरी के बाहर भी गिरफ्तार कर सकती थी।
आरोपियों की तलाश जारी
एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि याकूब और उसके परिवार की गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे। 2012 के मुकदमे में याकूब समेत आठ लोगों का गिरफ्तारी वारंट कोर्ट ने जारी किया था। याकूब और उसके बेटे कोर्ट में पेश हो गए। अन्य पांच आरोपियों की तलाश जारी है।
खास बात
- वर्ष 2012 के मुकदमे में वारंट कराए रिकॉल, पुलिस को नहीं लगी भनक
- कोर्ट में पेश न होने पर याकूब परिवार का गिरफ्तारी वारंट हुआ था जारी
- धरी रह गई पुलिस की याकूब परिवार पर शिकंजा कसने की तैयारी