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मंदिर में मीट के अवशेष फेंके, गंगाजल से धुलवाया
Updated Fri, 24 Aug 2018 02:44 AM IST
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मेरठ। फतेहउल्लापुर स्थित शिवमंदिर में बृहस्पतिवार रात मीट के अवशेष फेंक ने पर तनाव हो गया। पुजारी ने जैसे ही मीट के टुकड़े देखे तो अन्य लोगों को जानकारी दी। जिसके बाद लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर सीओ कोतवाली मौके पर पहुंचे। मंदिर को गंगाजल से धुलवाकर किसी तरह माहौल शांत कराया गया।
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के फतेहउल्लापुर में प्राचीन शिव मंदिर है। पुजारी किशनपाल ही मंदिर की देखरेख करते हैं। मंदिर से कुछ दूरी पर खाली प्लॉट है। आरोप है कि बकरीद पर दूसरे समुदाय के लोगों ने पशुओं की कुर्बानी की थी। बृहस्पतिवार रात असामाजिक तत्वों ने मंदिर परिसर में मीट के अवशेष फेंक दिए। पुजारी ने देखा तो अन्य लोगों की भीड़ जुट गई। जिसके बाद दूसरे समुदाय के लोगों पर आरोप लगाकर नारेबाजी कर हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना पर इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मोहम्मद असलम भी पहुंच गये। पुलिस ने आनन फानन में मीट के अवशेष हटवाकर गंगाजल से मंदिर को धुलवाया।
माहौल खराब करने का प्रयास
हिंदू संगठनों के लोगों ने इस घटना पर आक्रोश जताते हुए आरोप लगाया कि शरारती तत्वों ने जान बूझकर अवशेष फेंके हैं। यह माहौल खराब करने का प्रयास है। हंगामे की सूचना पर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला मौके पर पहुंचे और किसी तरह पुजारी और अन्य लोगों ने समझाकर शांत कराया। सीओ ने आश्वासन दिया कि जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। सीओ के अनुसार जांच में सामने आया कि मंदिर परिसर के पास खाली प्लॉट पर किसी पशु की कुर्बानी दी गई थी। ऐसे में मीट के अवशेष कुत्ते खींच ले गये या शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, इसकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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खास बातें:
फतेहउल्लापुर स्थित शिवमंदिर में रात में मीट के अवशेष मिलने पर हंगामा
दूसरे समुदाय पर लगाया माहौल बिगाड़ने की साजिश का आरोप
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लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के फतेहउल्लापुर में प्राचीन शिव मंदिर है। पुजारी किशनपाल ही मंदिर की देखरेख करते हैं। मंदिर से कुछ दूरी पर खाली प्लॉट है। आरोप है कि बकरीद पर दूसरे समुदाय के लोगों ने पशुओं की कुर्बानी की थी। बृहस्पतिवार रात असामाजिक तत्वों ने मंदिर परिसर में मीट के अवशेष फेंक दिए। पुजारी ने देखा तो अन्य लोगों की भीड़ जुट गई। जिसके बाद दूसरे समुदाय के लोगों पर आरोप लगाकर नारेबाजी कर हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना पर इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मोहम्मद असलम भी पहुंच गये। पुलिस ने आनन फानन में मीट के अवशेष हटवाकर गंगाजल से मंदिर को धुलवाया।
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माहौल खराब करने का प्रयास
हिंदू संगठनों के लोगों ने इस घटना पर आक्रोश जताते हुए आरोप लगाया कि शरारती तत्वों ने जान बूझकर अवशेष फेंके हैं। यह माहौल खराब करने का प्रयास है। हंगामे की सूचना पर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला मौके पर पहुंचे और किसी तरह पुजारी और अन्य लोगों ने समझाकर शांत कराया। सीओ ने आश्वासन दिया कि जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। सीओ के अनुसार जांच में सामने आया कि मंदिर परिसर के पास खाली प्लॉट पर किसी पशु की कुर्बानी दी गई थी। ऐसे में मीट के अवशेष कुत्ते खींच ले गये या शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, इसकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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खास बातें:
फतेहउल्लापुर स्थित शिवमंदिर में रात में मीट के अवशेष मिलने पर हंगामा
दूसरे समुदाय पर लगाया माहौल बिगाड़ने की साजिश का आरोप