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कोठा पार्ट-2
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डबल बेंच के न्यायमूर्ति ने सीएमओ और पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई
न्यायालय की कड़ी टिप्पणी से उड़ अधिकारियों के होश
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कबाड़ी बाजार के रेड लाइट एरिया मामले को लेकर मंगलवार को हाईकोर्ट में मेरठ के पुलिस-प्रशासन की जमकर किरकिरी हुई। डबल बेंच के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने सीएमओ और पुलिस अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान उन्होंने कड़ी टिप्पणी की, जिससे सभी के होश उड़ गए। लेकिन इस पूरे मामले में सीएमओ द्वारा एनजीओ की रिपोर्ट को प्रेषित करना और पुलिस विभाग का कोठे खाली होने और देह व्यापार न होने का हलफनामा देना गले की फांस बन गया है। हालांकि जिलाधिकारी द्वारा अभी तक कोई हलफनामा दाखिल न करना थोड़ा राहत दे रहा है।
कबाड़ी बाजार में सेक्स वर्कराें के कोठों को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। जिसमें मुख्य आधार सीएमओ की रिपोर्ट को बनाने के साथ कई बार यहां पर चले रेस्क्यू ऑपरेशन को बनाया गया था। इस मामले में सीएमओ अपनी रिपोर्ट पर अडिग रहे तो पुलिस ने हलफनामा दाखिल कर दिया कि कोठे बंद हैं और वहां पर कोई नहीं रहता है। जबकि वास्तविकता इसके पूरी तरह विपरीत है। जिस पर न्यायमूर्ति ने जमकर फटकार लगाई।
पुलिस-प्रशासन आज से चलाएगा अभियान
- हाईकोर्ट का रुख सख्त देखकर रेडलाइट एरिया का निरीक्षण
- कोठों पर ताले लगे मिले, कोई भी सेक्स वर्कर नजर नहीं आई
मेरठ। हाईकोर्ट का सख्त रवैया देखकर मेरठ पुलिस-प्रशासन भी रेडलाइट एरिया बंद कराने में जुट गया है। मंगलवार को अधिकारियों ने रेडलाइट एरिया का निरीक्षण किया। जहां सभी कोठों पर ताले लगे मिले तो सेक्स वर्कर नजर नहीं आईं। अधिकारियों ने कहा कि मेरठ में रेडलाइट एरिया किसी सूरत में नहीं चलने देंगे। बुधवार सुबह से अभियान चलाकर कोठों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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रेडलाइट एरिया पर पुलिस-प्रशासन और सीएमओ के हलफनामे से असंतुष्ट होकर हाईकोर्ट ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को बुधवार को फिर तलब किया है। इसकी जानकारी लगते ही स्थानीय पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। हाईकोर्ट में फिर से जवाब दाखिल करना है, इसको देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार पांडेय, अपर नगर मजिस्ट्रेट अमिताब यादव, सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी और सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला टीम लेकर रेडलाइट एरिया में पहुंच गए। जहां पर कोठों पर ताले मिले तो सेक्स वर्कर नजर नहीं आईं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना कि कोठों पर बाहर से ताले लगाने का महज एक ड्रामा किया गया है। सेक्स वर्कर अंदर कोठों में ही छुपी हैं। इसकी जानकारी लोगों ने पुलिस को दी। जिस पर अधिकारियों ने बुधवार सुबह से अभियान चलाकर कोठों के अंदर तलाशी लेने की बात कहीं है। अधिकारी कहते हैं कि प्रक्रिया के तहत सारी कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
सीओ ब्रह्मपुरी और सीओ कोतवाली का कहना है कि रेडलाइट एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। खासतौर पर इन कैमरों पर नजर रखने के लिए पुलिस चौकी में कंट्रोल रूम बनेगा। जहां कैमरों का सेटअप लगेगा। पुलिस 24 घंटे यहां की निगरानी करेगी। वहीं, ब्रह्मपुरी और देहलीगेट थाने की पुलिस रोजाना पैदल गश्त करेगी।
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डबल बेंच के न्यायमूर्ति ने सीएमओ और पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई
न्यायालय की कड़ी टिप्पणी से उड़ अधिकारियों के होश
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कबाड़ी बाजार के रेड लाइट एरिया मामले को लेकर मंगलवार को हाईकोर्ट में मेरठ के पुलिस-प्रशासन की जमकर किरकिरी हुई। डबल बेंच के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने सीएमओ और पुलिस अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। इस दौरान उन्होंने कड़ी टिप्पणी की, जिससे सभी के होश उड़ गए। लेकिन इस पूरे मामले में सीएमओ द्वारा एनजीओ की रिपोर्ट को प्रेषित करना और पुलिस विभाग का कोठे खाली होने और देह व्यापार न होने का हलफनामा देना गले की फांस बन गया है। हालांकि जिलाधिकारी द्वारा अभी तक कोई हलफनामा दाखिल न करना थोड़ा राहत दे रहा है।
कबाड़ी बाजार में सेक्स वर्कराें के कोठों को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। जिसमें मुख्य आधार सीएमओ की रिपोर्ट को बनाने के साथ कई बार यहां पर चले रेस्क्यू ऑपरेशन को बनाया गया था। इस मामले में सीएमओ अपनी रिपोर्ट पर अडिग रहे तो पुलिस ने हलफनामा दाखिल कर दिया कि कोठे बंद हैं और वहां पर कोई नहीं रहता है। जबकि वास्तविकता इसके पूरी तरह विपरीत है। जिस पर न्यायमूर्ति ने जमकर फटकार लगाई।
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पुलिस-प्रशासन आज से चलाएगा अभियान
- हाईकोर्ट का रुख सख्त देखकर रेडलाइट एरिया का निरीक्षण
- कोठों पर ताले लगे मिले, कोई भी सेक्स वर्कर नजर नहीं आई
मेरठ। हाईकोर्ट का सख्त रवैया देखकर मेरठ पुलिस-प्रशासन भी रेडलाइट एरिया बंद कराने में जुट गया है। मंगलवार को अधिकारियों ने रेडलाइट एरिया का निरीक्षण किया। जहां सभी कोठों पर ताले लगे मिले तो सेक्स वर्कर नजर नहीं आईं। अधिकारियों ने कहा कि मेरठ में रेडलाइट एरिया किसी सूरत में नहीं चलने देंगे। बुधवार सुबह से अभियान चलाकर कोठों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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रेडलाइट एरिया पर पुलिस-प्रशासन और सीएमओ के हलफनामे से असंतुष्ट होकर हाईकोर्ट ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को बुधवार को फिर तलब किया है। इसकी जानकारी लगते ही स्थानीय पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। हाईकोर्ट में फिर से जवाब दाखिल करना है, इसको देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार पांडेय, अपर नगर मजिस्ट्रेट अमिताब यादव, सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी और सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला टीम लेकर रेडलाइट एरिया में पहुंच गए। जहां पर कोठों पर ताले मिले तो सेक्स वर्कर नजर नहीं आईं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना कि कोठों पर बाहर से ताले लगाने का महज एक ड्रामा किया गया है। सेक्स वर्कर अंदर कोठों में ही छुपी हैं। इसकी जानकारी लोगों ने पुलिस को दी। जिस पर अधिकारियों ने बुधवार सुबह से अभियान चलाकर कोठों के अंदर तलाशी लेने की बात कहीं है। अधिकारी कहते हैं कि प्रक्रिया के तहत सारी कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
सीओ ब्रह्मपुरी और सीओ कोतवाली का कहना है कि रेडलाइट एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। खासतौर पर इन कैमरों पर नजर रखने के लिए पुलिस चौकी में कंट्रोल रूम बनेगा। जहां कैमरों का सेटअप लगेगा। पुलिस 24 घंटे यहां की निगरानी करेगी। वहीं, ब्रह्मपुरी और देहलीगेट थाने की पुलिस रोजाना पैदल गश्त करेगी।