होटल हारमनी एक

Meerut Bureau Updated Thu, 15 Mar 2018 02:28 AM IST
ख़बर सुनें
कर्ज के मर्ज में हालातों से हारा हारमनी का मालिक हिमांशु
मेरठ। होटल हारमनी-इन इन दिनों सुर्खियों में है। लेकिन इन तमाम चर्चाओं के पीछे की कहानी फिल्मी सी नजर आती है। जिसमें सपनों की ऊंची उड़ान, धोखेबाज दोस्त, भ्रष्ट अधिकारियों का पैसा जैसी तमाम चीजें होटल हारमनी और इसके मालिक हिमांशु पुरी के वर्तमान हालात को बयान कर रही हैं।
‘अमर उजाला’ ने हिमांशु पुरी और होटल हारमनी इन को लेकर जब गहनता से पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले सच सामने आए। जिसमें भ्रष्ट तंत्र के साथ शहर का वह सिंडिकेट भी सामने आया जो सफेदपोशी का लबादा ओढ़कर रईसजादों के सपनों को उनकी पहुुंच से कहीं ज्यादा के सपने दिखाकर उन्हें ठग रहा है। शायद हिमांशु पुरी भी उन सबका शिकार हुआ।
पिता की इच्छा थी...
गढ़ रोड पर पुरी पेट्रोल पंप सभी को याद है। यह हिमांशु पुरी के पिता ही संचालित करते थे। इस बीच इकलौते बेटे हिमांशु का सपना कुछ और ही था। अपने शहर से बाहर निकलकर उसने अपने व्यवसाय को गुरुग्राम (गुड़गांव) में एक पब खोलकर किया। यह पब चला तो उसने दूसरा भी खोल लिया। लेकिन पिता की इच्छा थी कि इकलौता बेटा अपने शहर में ही पहचान बनाए।
छोड़ दिया पेट्रोल पंप
इस बीच मिलावटी तेल की बिक्री पर जब सख्ती हुई तो पेट्रोल पंप के कारोबार में कोई खास बचत नहीं रही। क्योंकि जगह काफी थी और हिमांशु पहले ही पब के व्यापार से जुड़ा था तो मेरठ में एक बेहतरीन होटल खोलने का विचार आया। पिता ने भी बेटे को लाने के लिए पेट्रोल पंप छोड़ दिया और इस जमीन पर बैंक से लोन लेकर एक आलीशान होटल खोल दिया।
एक आईपीएस ने भी लगाया पैसा
जब हिमांशु पुरी ने इस होटल की नींव रखी तो शहर में तैनात एक आईपीएस अधिकारी जोकि हिमांशु पुरी के पब आदि में जाते रहे हैं। उसने उन्हें भी अपने साथ जोड़ लिया। इस होटल में साइलेंट पार्टनर के रूप में इस आईपीएस अधिकारी ने भी अपना नंबर दो का पैसा लगाया।
होटल के खर्च तो पूरे हुए, हिमांशु के नहीं
होटल हारमनी इन के संचालन का खर्च प्रतिमाह औसतन 25 लाख रुपये बताया जा रहा है। होटल चल निकला तो यह खर्च और बैंक लोन की किश्त तो पूरा होना शुरू हुई। लेकिन हिमांशु जो अलग ही मिजाज का बताया गया, उसके खर्च पूरे नहीं हुए। ऐसे में अपने खर्च पूरा करने के लिए उसने होटल से व्यक्तिगत पैसा निकाला तो बैंक की किश्तें टूटनी शुरू हो गईं।
किश्त टूटते ही सामने आए ब्याज माफिया
शहर में एक ऐसा सिंडिकेट काम कर रहा है जो पूरी तरह सफेदपोश है। इस सिंडिकेट के शहर के तमाम व्यापारिक और राजनैतिक संगठनों से प्रगाढ़ संबंध हैं। ये लोग ऐसे रईसजादों पर नजर रखते हैं, जिनके सपनों की उड़ान ऊंची है। उनके पास प्रॉपर्टी तो है। लेकिन नगदी नहीं है। ये सिंडिकेट इन लोगों को पहले ऊंचे सपने दिखाता है और मंहगी दरों पर प्राइवेट लोन दिलाता है। इस सिंडिकेट ने हिमांशु को अपने काबू में लिया और उसे ब्याज पर पैसा देना शुरू कर दिया।
एक साल से में गिरा होटल की कमाई का ग्राफ
नोट बंदी और जीएसटी के बाद होटल व्यवसाय में आयी गिरावट से हिमांशु और ज्यादा टूट गया। यही नहीं, हाइवे के होटल में बार बंद होने से रही सही कसर पूरी हो गयी। जिससे होटल की कमाई जो पहले करीब 30-35 लाख रुपये प्रति माह थी, वह घटकर 15-20 लाख रुपये पर आ गयी।
कमाई घटते ही कसा ब्याज माफियाओं ने शिकंजा
ब्याज माफियाओं को महसूस हुआ कि वह गलत फंस गए हैं तो उन्होंने हिमांशु पर दबाव बनाना शुरू किया। इन लोगों ने न केवल होटल में अपनी पार्टियां फ्री में कराईं, बल्कि होटल के कमरे आदि भी फ्री में बुक कराकर होटल कमाई का रहा सहा ग्राफ बिगाड़ दिया।
सिर्फ होटल और मकान है संपत्ति
हिमांशु के पुराने जानकारों के अनुसार हिमांशु पुरी के पास कोई बड़ी संपत्ति नहीं है। उसके पास यह होटल और सिर्फ जिस कोठी में वह परिवार सहित रह रहा है वही है। जबकि ब्याज माफिया हिमांशु के मामले मे पूरी तरह गच्चा खा गए। उन्हें लगता था कि उसके पास बहुत प्रॉपर्टी है। यही कारण रहा कि हिमांशु जो कि होटल को पहले ही बैंक लोन के कारण बेचने की स्थिति में नहीं था, वह इन कर्जदारों के दबाव में फरार हो गया।
आईपीएस अधिकारी रख रहा पूरे मामले पर नजर
हिमांशु के करीबी लोगों के अनुसार उक्त आईपीएस अधिकारी जिसने उसके होटल में पैसा लगाया हुआ है। वह पूरे मामले पर न केवल नजर रख रहा है, बल्कि मैनेज भी करा रहा है। यही कारण है कि निजी रूप से कर्ज देने वाले लोग अभी सामने नहीं आ पा रहे हैं। उन्हें डर है कि वह कहीं किसी मामले में फंस न जाएं।
वापस आएगा हिमांशु
सूत्राें की मानें तो हिमांशु पुरी जल्द ही वापस आएगा। इसे लेकर तैयारी हो चुकी है। क्योंकि हिमांशु को जिन्होंने पैसा दिया है, उनमें अधिकांश खुले तौर पर यह कहने की स्थिति में नहीं है कि उन्होंने पैसा दिया है। ऐसे मे उक्त आईपीएस अधिकारी की पैरवी के चलते हिमांशु सप्ताह भर में ही शहर वापस लौटकर अपने होटल को संचालित कर सकता है। हालांकि एक ऐसा भी ग्रुप शहर में काम रहा है जो यह चाह रहा है कि हिमांशु जल्दी वापस न आए और होटल को बेच दे। बाद में आराम से वापस आ सकता है। बैंक का कर्ज उतर जाएगा तो बाकी लोगाेें केसाथ बाद में समझौता होगा।


खास बातें:
पब से आलीशान होटल तक के सफर में बिखरे सपने
गुरुग्राम में एक पब से शुरूआत की थी हारमनी इन के मालिक हिमांशु पुरी ने
पिता ने पेट्रोल पंप बंद कर कर्ज पर रखी थी जमीन, एक आईपीएस अधिकारी ने लगाया पैसा
सफेदपोशों ने सहायता के नाम पर तीन गुना ब्याज पर मुहैया कराया पैसा

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all crime news in Hindi. Stay updated with us for all breaking hindi news.

Spotlight

Most Read

Meerut

युवती का अपहरण बताकर दुष्कर्म

युवती का अपहरण बताकर दुष्कर्म

24 जून 2018

Related Videos

VIDEO: RLD नेता के परिवार की महिलाओं से की छेड़छाड़ फिर सिपाही को मारी गोली

मनचलों की धरपकड़ के लिए योगी सरकार भले ही तमाम कोशिश कर रही हो, पुलिस भी मुस्तैदी के दावे कर ही है लेकिन मेरठ में मनचलों ने खाकी को ही चुनौती दे डाली।

24 जून 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen