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खत्म हुई रार, फिर एक हुए 45 परिवार
Updated Mon, 28 Aug 2017 02:28 AM IST
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मेरठ। परिवार परामर्श केंद्र में रविवार को हुई काउंसिलिंग के बाद 45 परिवार फिर एक हो गए।
केंद्र की प्रभारी रेणू सक्सेना के अनुसार कुल 250 मामलों को रखा गया था। जिसमें परीक्षितगढ़ निवासी सुल्ताना को शिकायत थी कि उसका पति कुवैत में नौकरी करता है। लेकिन वहां जाने के बाद उसने बात करनी बंद कर दी है। सास ससुर परेशान करते हैं। महीनों से वह मायके में रह रही थी। वहीं, खरखौदा की शबनम की शिकायत थी कि उसका शौहर उसे बीएड करा रहा है। लेकिन कहता है कि उसे नौकरी नहीं करने देगा। इसी बात को लेकर अनबन हुई और शबनम मायके आ गई। कोतवाली निवासी फराह को शिकायत थी कि उसका शौहर अपने मां-बाप के कहने में रहता है। उसे परेशान करता है। जबकि कंकरखेड़ा की चेतना ने पति पर उपेक्षा करने का आरोप लगाया। लंबी काउंसिलिंग के बाद इन सभी दंपतियों के बीच मनमुटाव दूर हो गए। बाकी कुछ मामलों में एफआईआर तो कुछ मामले परिवार न्यायालय भेजे गए हैं।
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केंद्र की प्रभारी रेणू सक्सेना के अनुसार कुल 250 मामलों को रखा गया था। जिसमें परीक्षितगढ़ निवासी सुल्ताना को शिकायत थी कि उसका पति कुवैत में नौकरी करता है। लेकिन वहां जाने के बाद उसने बात करनी बंद कर दी है। सास ससुर परेशान करते हैं। महीनों से वह मायके में रह रही थी। वहीं, खरखौदा की शबनम की शिकायत थी कि उसका शौहर उसे बीएड करा रहा है। लेकिन कहता है कि उसे नौकरी नहीं करने देगा। इसी बात को लेकर अनबन हुई और शबनम मायके आ गई। कोतवाली निवासी फराह को शिकायत थी कि उसका शौहर अपने मां-बाप के कहने में रहता है। उसे परेशान करता है। जबकि कंकरखेड़ा की चेतना ने पति पर उपेक्षा करने का आरोप लगाया। लंबी काउंसिलिंग के बाद इन सभी दंपतियों के बीच मनमुटाव दूर हो गए। बाकी कुछ मामलों में एफआईआर तो कुछ मामले परिवार न्यायालय भेजे गए हैं।