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गर्लफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए बने लुटेरे

Mon, 23 Apr 2018 03:04 AM IST
Updated Mon, 23 Apr 2018 03:04 AM IST
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गर्लफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए बने लुटेरे
मेरठ। गर्लफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए तीन छात्र लुटेरे बन गए। परिजन जितना पैसा देते, वो एक सप्ताह भी नहीं चलता था। एसएसपी मंजिल सैनी ने रविवार को प्रेस वार्ता कर इन आरोपियों का खुलासा किया।
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ऐसे हुई गिरफ्तारी
एसएसपी के अनुसार बीते शुक्रवार को साकेत में आर्यन अग्रवाल नाम के छात्र से तीनों युवकों ने लूट की थी। वह सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे। लुटेरों की तलाश में एएसपी कैंट/क्राइम सतपाल सिंह को लगाया था। एएसपी ने सदर बाजार पुलिस टीम को लेकर इनकी तलाश शुरू की थी। शनिवार को सदर बाजार में बाइक पर पति के साथ जा रही एक महिला से पर्स छीना गया था। सूचना पर इंस्पेक्टर सदर प्रशांत कपिल ने टीम के साथ घेराबंदी की। जिसके बाद नितिन्जय शर्मा निवासी 19/3 विधानगर सेक्टर-3 शास्त्रीनगर, सूर्यांश वर्मा निवासी 1059/शास्त्रीनगर व मृणांक उर्फ शिबू निवासी 281 नंगलाबट्टू साकेत को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 12 हजार रुपये, दो तमंचे और दो छुरी बरामद की गईं।
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हंसते हुए गर्लफ्रेंड के बारे में बताता
प्रेसवार्ता में एसएसपी के पीछे खडे़ तीनों लुटेरे हंसते रहे। एसएसपी ने लुटेरों से कहा कि खुद बताओ कैसे और क्यों करते हो लूट। जिस पर आरोपी सूर्यांश बोला कि जितना पैसा घरवाले देते, वह तो पढ़ाई और खाने पीने में एक सप्ताह में उठ जाता था। खर्चा ज्यादा होने पर लूट करनी पड़ती थी। एसएसपी ने एक आरोपी से पूछा कि क्या गर्लफ्रेंड है आपकी? आरोपी बोले कि उनका शौक पूरा करने के लिए ही तो ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ती है। पैसे की कमी के चलते कई गर्लफ्रेंड तो छोड़कर चली गई। तीनों की हंसी से साफ जाहिर हो रहा था कि उनको लूट करने और गिरफ्तार होने का कोई अफसोस नहीं था।
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अमीन का बेटा आरोपी सूर्यांश
आरोपी सूर्यांश बीबीए का छात्र है। आरोपी नितिन्यज शर्मा गंगानगर स्थित एक कॉलेज से जर्नलिज्म का कोर्स कर रहा है। मृणाक उर्फ शिबू कैंट स्थित एक कालेज से इंटर कर रहा है। तीनों छात्र सोशल साइट के जरिये ही एक दूसरे से जुड़े थे। उसके बाद तीनों ने पांडव नगर में कमरा किराये पर लिया। उसके बाद से ये लूट करने लगे। आरोपी सूर्यांश का पिता सत्येंद्र वर्मा गाजियाबाद तहसील में अमीन है। हालांकि प्रेसवार्ता में सूर्यांश अपने पिता को सिविल कोर्ट में बता रहा था। जिस पर पुलिस ने जांच करने की बात कही।

अंग्रेजी में देते रहे जवाब
तीनों आरोपी प्रेसवार्ता में पुलिस के सवालों के जवाब अंग्रेजी में दे रहे थे। उनका लूट करने का तरीका सबसे अलग था। बाइक पर अकेले जाते युवक या फिर छात्र को पहले रोकते थे। अंग्रेजी में थोड़ी बातचीत कर आरोप लगाते थे कि तुम लड़कियों को बहुत मेसेज भेजते हो। इतना कहते ही उस पर टूट पड़ते थे। फिर उसे लूटकर फरार हो जाते थे। कई छात्र तो मोबाइल और पर्स स्नैचिंग की वारदात की पुलिस से शिकायत नहीं करते थे। शहर के पॉश इलाके ही इनके निशाने पर होते थे। मृणांक बाइक चलाने में माहिर, सूर्यांश छीनाझपटी व नितिन्यज बात बनाने में माहिर बताया गया।
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