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चेतन हत्याकांड में चश्मदीद गवाह सावित्री की मौत
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:52 AM IST
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मेरठ। चेतन हत्याकांड की चश्मदीद गवाह चेतन की मां सावित्री ने बुधवार तड़के करीब चार बजे उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सावित्री पर तीन फरवरी को दिनदहाड़े जानलेवा हमला हुआ था। उसके सिर से सटाकर दो गोलियां मारी गई थीं। एक गोली ऑपरेशन कर निकाल ली गई थी। लेकिन दूसरी गोली फंसी रह गई थी, जो मौत का कारण बनी। यह गोली पोस्टमार्टम के दौरान निकाली गई।
यह था मामला
17 जुलाई 2016 को सरूरपुर के हसनपुर रजापुर में बच्चों में क्रिकेट खेलने के विवाद में चेतन पुत्र सावित्री की हत्या कर दी गई थी। जिसमें गांव के सुमित जाट, सुजीत कुमार समेत पांच लोग जेल गए थे। सुमित को छोड़कर बाकी आरोपी एक माह पूर्व जमानत पर जेल से छूटे थे। चेतन हत्याकांड में सावित्री के अलावा चेतन का भाई मितन भी चश्मदीद गवाह है। बीती एक फरवरी को ये दोनों गवाही की तारीख पर कचहरी पहुंचे थे। लेकिन गवाही की तारीख छह फरवरी लग गई थी। जिस पर मां-बेटे ने एसएसपी के पास पहुंचकर सुरक्षा मांगी थी। इसके बावजूद भी आरोपियों ने गवाही देने से रोकने के लिए तीन फरवरी को खेत पर सावित्री को गोलियां मार दी थी। जबकि मितन और उसके भाई रवि ने खेतों में छुपकर जान बचाई थी।
गवाही वाले दिन तोड़ा दम
चेतन हत्याकांड में चार हत्यारोपियों की पत्रावली कोर्ट ने छह फरवरी को अलग करते हुए गवाही की तारीख सात फरवरी (बुधवार) नियत की थी। आनंद अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही सावित्री ने बुधवार तड़के करीब चार बजे उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। सूचना पर एसओ मेडिकल सतीश कुमार अस्पताल पहुंचे। जिसके बाद सावित्री के शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाते हुए दूसरे गवाह मितन की कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में गवाही कराई गई।
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शाम को अंतिम संस्कार
शाम करीब 4:15 बजे पोस्टमार्टम के बाद सावित्री का शव पुलिस फोर्स की मौजूदगी में सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर रजापुर ले जाया गया था। जहां गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हत्या की धारा में केस तरमीम
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया सावित्री पर जानलेवा हमले में मितन की तहरीर पर सुमित जाट, सुजीत समेत 13 आरोपियों पर केस दर्ज कराया गया था। सावित्री की मौत होने के बाद मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम कर दिया गया है। दो आरोपी इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। पीड़ित परिवार की सुरक्षा में पुलिस लगी है।
खास बातें:
01 फरवरी को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर मां-बेटा ने मांगी थी अफसरों से सुरक्षा
03 फरवरी को गवाही से तीन दिन पहले सावित्री पर बरसा दी थीं आरोपियों ने गोलियां
02 गोलियां सिर से सटाकर मारी थीं, एक गोली सिर में ही फंसी, बनी मौत का कारण
04:00 बजे बुधवार तड़के निजी अस्पताल में तोड़ा दम
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यह था मामला
17 जुलाई 2016 को सरूरपुर के हसनपुर रजापुर में बच्चों में क्रिकेट खेलने के विवाद में चेतन पुत्र सावित्री की हत्या कर दी गई थी। जिसमें गांव के सुमित जाट, सुजीत कुमार समेत पांच लोग जेल गए थे। सुमित को छोड़कर बाकी आरोपी एक माह पूर्व जमानत पर जेल से छूटे थे। चेतन हत्याकांड में सावित्री के अलावा चेतन का भाई मितन भी चश्मदीद गवाह है। बीती एक फरवरी को ये दोनों गवाही की तारीख पर कचहरी पहुंचे थे। लेकिन गवाही की तारीख छह फरवरी लग गई थी। जिस पर मां-बेटे ने एसएसपी के पास पहुंचकर सुरक्षा मांगी थी। इसके बावजूद भी आरोपियों ने गवाही देने से रोकने के लिए तीन फरवरी को खेत पर सावित्री को गोलियां मार दी थी। जबकि मितन और उसके भाई रवि ने खेतों में छुपकर जान बचाई थी।
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गवाही वाले दिन तोड़ा दम
चेतन हत्याकांड में चार हत्यारोपियों की पत्रावली कोर्ट ने छह फरवरी को अलग करते हुए गवाही की तारीख सात फरवरी (बुधवार) नियत की थी। आनंद अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही सावित्री ने बुधवार तड़के करीब चार बजे उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। सूचना पर एसओ मेडिकल सतीश कुमार अस्पताल पहुंचे। जिसके बाद सावित्री के शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाते हुए दूसरे गवाह मितन की कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में गवाही कराई गई।
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शाम को अंतिम संस्कार
शाम करीब 4:15 बजे पोस्टमार्टम के बाद सावित्री का शव पुलिस फोर्स की मौजूदगी में सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर रजापुर ले जाया गया था। जहां गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हत्या की धारा में केस तरमीम
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया सावित्री पर जानलेवा हमले में मितन की तहरीर पर सुमित जाट, सुजीत समेत 13 आरोपियों पर केस दर्ज कराया गया था। सावित्री की मौत होने के बाद मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम कर दिया गया है। दो आरोपी इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। पीड़ित परिवार की सुरक्षा में पुलिस लगी है।
खास बातें:
01 फरवरी को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर मां-बेटा ने मांगी थी अफसरों से सुरक्षा
03 फरवरी को गवाही से तीन दिन पहले सावित्री पर बरसा दी थीं आरोपियों ने गोलियां
02 गोलियां सिर से सटाकर मारी थीं, एक गोली सिर में ही फंसी, बनी मौत का कारण
04:00 बजे बुधवार तड़के निजी अस्पताल में तोड़ा दम