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मेरी लाड़ली का शव तो नहीं, कई परिवार पहुंचे मोर्चरी

Sun, 14 Jan 2018 02:28 AM IST
Updated Sun, 14 Jan 2018 02:28 AM IST
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मेरी लाड़ली का शव तो नहीं, कई परिवार पहुंचे मोर्चरी
मेरठ। बेटियों की सुरक्षा पर योगी सरकार बेहद गंभीर है, लेकिन महिला अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना छेड़छाड़, दुष्कर्म व हत्या जैसी वारदात हो रही हैं। मेरठ में दर्जनों बेटियां अगवा हैं, जिनको पुलिस ढूंढ नहीं सकी है। कई बेटियों के परिजन अक्सर रोजाना रोते बिलखते मोर्चरी जाते हैं और लावारिस शवों को देखकर लौट जाते हैं।
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आए दिन सोशल मीडिया, समाचार पत्र में लावारिस शव मिलने की जानकारी मिलते ही कई परिवार पोस्टमार्टम हाउस पहुंच जाते हैं। परतापुर में किशोरी का शव मिला तो कई बेटियों के पिता और भाई पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उक्त परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी भी कई दिनों से लापता है। थाने में रिपोर्ट दर्ज है, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती। उनको डर रहता है कि कहीं कोई अनहोनी न हो गई है।
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नहीं भाई, यह तो मेरी बेटी है
जानी से एक युवक दोपहर में मोर्चरी पहुंचा। युवक बार-बार किशोरी के शव को देखने के लिए पुलिस वालों से गुहार लगा रहा था। वह कह रहा था कि कहीं यह मेरी बहन आयशा तो नहीं। तभी मोदीनगर निवासी किशोरी के पिता ने कहा कि नहीं भाई ये तो मेरी बेटी का शव है। इसके बाद भी युवक शाम तक मोर्चरी पर खड़ा रहा। शव को मोदीनगर ले जाया गया तो वह वहां से चला गया।
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थानों में अपहरण के कई केस दर्ज
मेरठ में हर थाने में दो-दो या तीन-तीन बेटियोें के अपहरण के केस भी दर्ज हैं। भावनपुर में कक्षा छह की एक छात्र कई दिनों से लापता है। परिजन थाने के चक्कर काट रहे, लेकिन पुलिस सुनने को तैयार नहीं। जानी में तीन, टीपीनगर में दो, ब्रह्मपुरी में एक, सिविल लाइन में चार, लिसाड़ीगेट में आठ और अन्य थानों में तीन से पांच लड़कियों के अपहरण के केस दर्ज हैं।


एडीजी बोले, क्या कार्रवाई हुई
मेरठ जोन के जनपदों से लापता महिला, युवती और किशोरियों की जानकारी एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने कप्तानों से मांगी है। एडीजी का कहना है कि थाना पुलिस रिपोर्ट दे कि अपहृत महिला या किशोरी के मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की। बेटियों के मामले में पुलिस गंभीर नहीं हुई तो थानेदारों पर कार्रवाई होगी। इन मामले में कप्तानों की भी जवाबदेही है। इसके बाद पुलिस ने रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है।

खास बात
मेरठ में दर्जनों बेटियों के अपहरण के मामले हैं थानों में दर्ज
मोर्चरी जाकर रोजाना पूछते कई परिवार वाले
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