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एमबीबीएस की उतर पुस्तिका प्रकरणा में चंद प्रकाश ने किया सरेंडर
Updated Fri, 15 Jun 2018 02:32 AM IST
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उत्तर पुस्तिका प्रकरण में चंद्रप्रकाश का सरेंडर
मेरठ। सीसीएसयू में एमबीबीएस, एलएलबी, स्नातक और परास्नातक की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के मामले में फरार चल रहे विवि के रिटायर्ड कर्मचारी चंद्रप्रकाश ने बृहस्पतिवार को एसीजेएम-10 की कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
एसपी एसटीएफ आलोक प्रियदर्शी और सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने 17 मार्च 2018 को इसका खुलासा कर इस गैंग के सरगना बिजनौर निवासी छात्रनेता कविराज, कपिल निवासी ब्रह्मपुरी, संदीप निवासी भावनपुर और पवन निवासी यूनिवर्सिटी कैंपस को जेल भेजा था। वहीं, चंद्रप्रकाश निवासी जागृति विहार , सलेखचंद निवासी सीसीएसयू कैंपस और संदीप निवासी अंबाला फरार थे। अफसरों के अनुसार यह गिरोह एमबीबीएस के करीब 600 छात्रों को पास करा चुका था। जबकि सैकड़ों की संख्या में खाली कापी भी अलग अलग कॉलेजों से बदली गई। इस केस के विवेचक संजीव देशवाल और मेडिकल पुलिस ने चंद्रप्रकाश की तलाश में दबिश दी थी। सीओ संजीव देशवाल ने बताया कि जांच में सामने आया था कि चंद्रप्रकाश कैंपस से रिटायर्ड कर्मचारी था। जिसका छह -छह माह का एक्सेंटशन बढ़ाया गया था। वह उत्तर पुस्तिका विभाग का प्रभारी भी था।
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मेरठ। सीसीएसयू में एमबीबीएस, एलएलबी, स्नातक और परास्नातक की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के मामले में फरार चल रहे विवि के रिटायर्ड कर्मचारी चंद्रप्रकाश ने बृहस्पतिवार को एसीजेएम-10 की कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
एसपी एसटीएफ आलोक प्रियदर्शी और सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने 17 मार्च 2018 को इसका खुलासा कर इस गैंग के सरगना बिजनौर निवासी छात्रनेता कविराज, कपिल निवासी ब्रह्मपुरी, संदीप निवासी भावनपुर और पवन निवासी यूनिवर्सिटी कैंपस को जेल भेजा था। वहीं, चंद्रप्रकाश निवासी जागृति विहार , सलेखचंद निवासी सीसीएसयू कैंपस और संदीप निवासी अंबाला फरार थे। अफसरों के अनुसार यह गिरोह एमबीबीएस के करीब 600 छात्रों को पास करा चुका था। जबकि सैकड़ों की संख्या में खाली कापी भी अलग अलग कॉलेजों से बदली गई। इस केस के विवेचक संजीव देशवाल और मेडिकल पुलिस ने चंद्रप्रकाश की तलाश में दबिश दी थी। सीओ संजीव देशवाल ने बताया कि जांच में सामने आया था कि चंद्रप्रकाश कैंपस से रिटायर्ड कर्मचारी था। जिसका छह -छह माह का एक्सेंटशन बढ़ाया गया था। वह उत्तर पुस्तिका विभाग का प्रभारी भी था।
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